3 सितंबर 2026
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PM मोदी और बेल्जियम के PM वेवर की हैदराबाद हाउस में बैठक, रक्षा क्षेत्र में 10 अहम समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर

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PM मोदी और बेल्जियम के PM वेवर की हैदराबाद हाउस में बैठक, रक्षा क्षेत्र में 10 अहम समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर

सारांश

बेल्जियम के नए PM वेवर की पहली भारत यात्रा महज शिष्टाचार भेंट नहीं — हैदराबाद हाउस में मोदी से मुलाकात के साथ रक्षा क्षेत्र में 10 बड़े समझौते, 70 मिमी रॉकेट से ड्रोन तक 'मेक इन इंडिया' के तहत उत्पादन और भारत-EU FTA पर CII मंच — यह यात्रा रणनीतिक और व्यापारिक दोनों मोर्चों पर नई इबारत लिख रही है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 3 सितंबर 2026 को हैदराबाद हाउस में बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर का स्वागत किया — यह वेवर की PM बनने के बाद पहली भारत यात्रा है।
दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच 10 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे, जिनमें 70 मिमी रॉकेट , ड्रोन, रडार, सेंसर और समुद्री सुरक्षा तकनीक शामिल हैं।
भारत की एलएंडटी और बेल्जियम की एक्सेल माइन काउंटरमेजर वेसल के लिए स्वायत्त प्रणालियों पर सहयोग करेंगी।
BSDI और SIDM के बीच समझौते से 'मेक इन इंडिया' के तहत संयुक्त रक्षा उत्पादन को बल मिलेगा।
बेल्जियम के PM वेवर CII के व्यापार कार्यक्रम में भारत-EU FTA पर मुख्य भाषण देंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का औपचारिक स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच भारत-बेल्जियम द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर केंद्रित उच्चस्तरीय वार्ता आयोजित की गई। यह वेवर की प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद पहली भारत यात्रा है।

यात्रा का महत्व और पृष्ठभूमि

वेवर के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आया है, जिसमें बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रांकेन भी शामिल हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत तेज़ हो रही है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग का महत्व बढ़ता जा रहा है।

रक्षा क्षेत्र में 10 प्रमुख समझौते

इस यात्रा के दौरान दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच 10 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर होने की तैयारी है। इन समझौतों के तहत बेल्जियम की रक्षा तकनीक का भारत में उत्पादन और असेंबली की जाएगी। इसमें 70 मिमी रॉकेट, गोला-बारूद, ड्रोन, रडार, सेंसर, हथियार प्रणालियाँ और समुद्री सुरक्षा तकनीक शामिल हैं।

भारत की एलएंडटी और बेल्जियम की एक्सेल के बीच माइन काउंटरमेजर वेसल के लिए स्वायत्त प्रणालियों पर सहयोग का समझौता होगा — जो दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।

'मेक इन इंडिया' को मिलेगा बल

दोनों देशों के रक्षा उद्योग संगठनों — बेल्जियम के BSDI और भारत के SIDM — के बीच होने वाले समझौते से 'मेक इन इंडिया' के तहत संयुक्त रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि भारत सरकार रक्षा निर्यात को 2029 तक ₹50,000 करोड़ तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रही है, और बेल्जियम जैसे यूरोपीय साझेदारों के साथ तकनीक-हस्तांतरण समझौते इस दिशा में सहायक साबित हो सकते हैं।

सुरक्षा पर यूरोपीय नज़रिया

बेल्जियम के रक्षा मंत्री फ्रांकेन ने स्पष्ट कहा है कि यूरोप और हिंद-प्रशांत की सुरक्षा अब एक-दूसरे से अविभाज्य रूप से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, भारत के साथ सैन्य, तकनीकी और औद्योगिक सहयोग दोनों देशों के सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए अनिवार्य है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब NATO सदस्य देश भारत जैसे रणनीतिक साझेदारों के साथ संबंध प्रगाढ़ करने पर ज़ोर दे रहे हैं।

व्यापार और आगे का एजेंडा

बेल्जियम के प्रधानमंत्री वेवर कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के एक व्यापार कार्यक्रम में मुख्य भाषण भी देंगे, जिसका केंद्र भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर होगा। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत-बेल्जियम साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत बताया है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच संयुक्त रक्षा उत्पादन परियोजनाओं की रूपरेखा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीतिक रक्षा साझेदार के रूप में देख रहे हैं — और यह बदलाव यूक्रेन संघर्ष के बाद यूरोप की नई सुरक्षा सोच का विस्तार है। 10 रक्षा समझौतों की संख्या प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी तकनीक-हस्तांतरण की गहराई होगी — क्या बेल्जियम केवल असेंबली लाइन देगा या कोर तकनीक भी साझा करेगा? भारत-EU FTA पर CII मंच में वेवर का भाषण यह भी बताएगा कि ब्रसेल्स व्यापार वार्ता में कितनी लचीलापन दिखाने को तैयार है, जो वर्षों से अटकी पड़ी है। यदि यह यात्रा केवल MoU की औपचारिकता तक सिमटी रही और क्रियान्वयन की समयसीमा तय नहीं हुई, तो यह भी पिछले कई यूरोपीय दौरों की तरह सुर्खियों तक ही रह जाएगी।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह वेवर की PM बनने के बाद पहली भारत यात्रा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत-बेल्जियम द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करना और रक्षा क्षेत्र में 10 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर करना है। इसके साथ ही भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर CII के व्यापार मंच में भी वे भाग लेंगे।
भारत और बेल्जियम के बीच कौन-से रक्षा समझौते होंगे?
दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच 10 प्रमुख समझौते होंगे, जिनमें 70 मिमी रॉकेट, गोला-बारूद, ड्रोन, रडार, सेंसर, हथियार प्रणालियाँ और समुद्री सुरक्षा तकनीक का 'मेक इन इंडिया' के तहत उत्पादन और असेंबली शामिल है। एलएंडटी और बेल्जियम की एक्सेल माइन काउंटरमेजर वेसल के लिए स्वायत्त प्रणालियों पर भी सहयोग करेंगी।
'मेक इन इंडिया' को इन समझौतों से क्या फायदा होगा?
BSDI और SIDM के बीच समझौते से 'मेक इन इंडिया' के तहत संयुक्त रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। बेल्जियम की रक्षा तकनीक भारत में स्थानीय रूप से उत्पादित होगी, जिससे भारतीय रक्षा उद्योग को तकनीकी उन्नयन और निर्यात क्षमता में मदद मिलेगी।
हैदराबाद हाउस में मोदी-वेवर बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
बैठक में भारत-बेल्जियम द्विपक्षीय साझेदारी को सुदृढ़ करने, रक्षा सहयोग, और व्यापारिक संबंधों पर चर्चा हुई। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
बेल्जियम के रक्षा मंत्री फ्रांकेन ने भारत-यूरोप सुरक्षा पर क्या कहा?
बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रांकेन ने कहा है कि यूरोप और हिंद-प्रशांत की सुरक्षा अब एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, भारत के साथ सैन्य, तकनीकी और औद्योगिक सहयोग दोनों देशों के सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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