चेन्नई में ₹1,200 करोड़ का नया सचिवालय: CM विजय का 20 लाख वर्गफुट के भव्य कॉम्प्लेक्स का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 3 सितंबर 2026 को राज्य विधानसभा में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि चेन्नई में 20 लाख वर्गफुट में एक नया एकीकृत सचिवालय एवं विधानसभा कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹1,200 करोड़ है। अगली सदी की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई यह घोषणा तमिलनाडु के शासन इतिहास में एक निर्णायक मोड़ मानी जा रही है।
फोर्ट सेंट जॉर्ज की सीमाएँ और नई जरूरत
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में बताया कि फोर्ट सेंट जॉर्ज का निर्माण 1644 में पूरा हुआ था और 1652 में इसे प्रेसीडेंसी का दर्जा मिला। लगभग 400 वर्षों से यह तमिलनाडु की प्रशासनिक विरासत का प्रतीक रहा है। परंतु 12 एकड़ के इस परिसर में राज्य सरकार के सीधे नियंत्रण में मात्र 4 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जबकि शेष हिस्सा रक्षा मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन है।
इस कारण सुविधाओं का विस्तार या आधुनिकीकरण संभव नहीं हो पाया है। वर्तमान में सचिवालय दो इमारतों से संचालित होता है — मुख्य सचिवालय भवन (2,07,000 वर्गफुट), जो मूलतः गवर्नर के आवास के रूप में बनाया गया था, और 1978 में निर्मित 'नमक्कल कविग्नार मालिगई' (3,75,000 वर्गफुट, ग्राउंड फ्लोर सहित 10 मंजिलें)। इन दोनों इमारतों में 30 से अधिक सरकारी विभाग और 6,000 से ज़्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं।
पहले के प्रयास और अब का संकट
गौरतलब है कि जगह की कमी को देखते हुए पहले ओमंदुरार सरकारी एस्टेट में एक नया सचिवालय बनाया गया था। हालाँकि बाद में उस भवन को मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित कर दिया गया, जिससे सचिवालय फोर्ट कैंपस से ही संचालित होता रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 40 वर्षों में कर्मचारियों की संख्या और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ काफी बढ़ गई हैं, लेकिन बुनियादी ढाँचा ठहराव की स्थिति में पहुँच गया है।
नए कॉम्प्लेक्स में क्या होगा
मुख्यमंत्री विजय के अनुसार, नए 20 लाख वर्गफुट के कॉम्प्लेक्स में सभी सरकारी विभागों को एक ही छत के नीचे लाया जाएगा। इसमें अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल, दिव्यांगजनों के लिए पूर्ण पहुँच मानक और ग्रीन बिल्डिंग नियमों का पालन किया जाएगा। अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, नागरिक सेवा केंद्र और आधुनिक कार्यस्थल भी इसका हिस्सा होंगे। साथ ही, फोर्ट सेंट जॉर्ज की ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित स्मारकों के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।
ओलंपिक सिटी और मोटरस्पोर्ट्स सिटी का भी ऐलान
इसी घोषणा के साथ सीएम विजय ने तमिलनाडु में एक 'ओलंपिक सिटी' बनाने की भी बात कही, जिसमें वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स एरिना, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मेडिसिन यूनिट्स और एथलीटों व कोचों के लिए आवासीय सुविधाएँ होंगी। यह परिसर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी करने और ओलंपिक पदक विजेता एथलीट तैयार करने के लक्ष्य से बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, राज्य में एक 'मोटरस्पोर्ट्स सिटी' की भी स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में मजबूत ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम पहले से मौजूद है और वर्ल्ड-क्लास मोटरस्पोर्ट रेसिंग सर्किट बनाने से पर्यटन, रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर खुलेंगे। यह सिटी टैलेंट की खोज, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रेसर तैयार करेगी।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें अपने प्रशासनिक बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठा रही हैं। तमिलनाडु का यह कदम राज्य की बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों और विश्वस्तरीय शासन की आकांक्षा को दर्शाता है। परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और विस्तृत डिज़ाइन योजना आने वाले समय में सामने आने की उम्मीद है।