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चेन्नई नगर निगम की 90 परियोजनाओं की लागत समीक्षा का आदेश, प्रिंटर खरीद में ₹37.78 लाख की बचत से खुला मामला

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चेन्नई नगर निगम की 90 परियोजनाओं की लागत समीक्षा का आदेश, प्रिंटर खरीद में ₹37.78 लाख की बचत से खुला मामला

सारांश

प्रिंटर खरीद में ₹60 लाख के बजाय ₹22.12 लाख खर्च होने से TVK सरकार सतर्क हो गई — अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के ₹9,319 करोड़ के बजट की 90 परियोजनाओं की लागत की व्यापक समीक्षा शुरू। यह कदम चेन्नई के शहरी विकास खर्च में पारदर्शिता की बड़ी परीक्षा है।

मुख्य बातें

TVK सरकार ने ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के 2026-27 बजट की 90 परियोजनाओं की लागत पुनर्मूल्यांकन का आदेश दिया।
निगम स्कूलों के लिए प्रिंटर खरीद में ₹60 लाख के मुकाबले ₹22.12 लाख खर्च हुए — ₹37.78 लाख की बचत।
बजट में ₹7,717 करोड़ आय और ₹9,319 करोड़ खर्च का अनुमान; ₹1,602 करोड़ का राजकोषीय घाटा।
निगम विभिन्न संस्थानों से लिए ₹2,000 करोड़ के ऋण पर सालाना ₹95.20 करोड़ ब्याज चुका रहा है।
समीक्षा के दायरे में ₹200 करोड़ का सुरक्षित कॉरिडोर, ₹100 करोड़ का जलाशय पुनरुद्धार और ₹55 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा दीवार परियोजना शामिल।
प्रिया के लिए यह समीक्षा नई प्रशासनिक चुनौती बन सकती है।

तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार ने ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के 2026-27 बजट में शामिल 90 परियोजनाओं की अनुमानित लागत का व्यापक पुनर्मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। सरकार की आशंका है कि इन परियोजनाओं के लिए तय की गई राशि वास्तविक बाज़ार दरों से काफी अधिक हो सकती है। यह कदम 21 जुलाई को उस समय सामने आया जब निगम स्कूलों के लिए प्रिंटर खरीद में बड़े पैमाने पर लागत-अंतर उजागर हुआ।

प्रिंटर खरीद से खुला लागत-फुलाव का द्वार

निगम के बजट में 100 स्कूलों के लिए प्रिंटर खरीदने हेतु ₹60 लाख का प्रावधान किया गया था। TVK सरकार के सत्ता में आने के बाद यही खरीद प्रक्रिया मात्र ₹22.12 लाख में पूरी कर ली गई — यानी ₹37.78 लाख की सीधी बचत। अनुमानित और वास्तविक लागत के बीच इस लगभग 63% के अंतर ने सरकार को बजट की शेष परियोजनाओं की भी छानबीन करने पर मजबूर कर दिया।

समीक्षा का दायरा और उद्देश्य

रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों को सभी 90 परियोजनाओं की लागत का दोबारा आकलन करने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक परियोजना की अलग-अलग जाँच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि मूल वित्तीय अनुमान मौजूदा बाज़ार दरों के अनुरूप थे या नहीं। सरकार का कहना है कि आगे किसी भी परियोजना को मंजूरी देने से पहले मूल अनुमानों की उचितता सुनिश्चित की जाएगी।

बजट का वित्तीय ढाँचा

फरवरी 2026 में पेश किए गए ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के बजट में ₹7,717 करोड़ की आय और ₹9,319 करोड़ के खर्च का अनुमान था, जिससे ₹1,602 करोड़ का राजकोषीय घाटा सामने आया। इसके अलावा, निगम विश्व बैंक और जापान डेवलपमेंट बैंक सहित विभिन्न वित्तीय संस्थानों से लिए गए लगभग ₹2,000 करोड़ के ऋण पर प्रतिवर्ष ₹95.20 करोड़ ब्याज चुका रहा है। ऐसे में लागत-अनुशासन की यह समीक्षा वित्तीय दृष्टि से और भी अहम हो जाती है।

प्रमुख परियोजनाएँ जो समीक्षा के दायरे में

बजट में घोषित बड़ी परियोजनाओं में निगम स्कूलों के आसपास 50 किलोमीटर लंबे सुरक्षित कॉरिडोर के लिए ₹200 करोड़, 30 जलाशयों के पुनरुद्धार के लिए ₹100 करोड़, 60 पार्कों के वैज्ञानिक नवीनीकरण के लिए ₹60 करोड़ और शहर के जलमार्गों के किनारे बाढ़ सुरक्षा दीवारों के लिए ₹55 करोड़ शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं की लागत अब जाँच के दायरे में आ गई है।

मेयर और आगे की राह

यह घटनाक्रम चेन्नई की मेयर आर. प्रिया के लिए नई प्रशासनिक चुनौती बन सकता है, क्योंकि समीक्षा के दायरे में आई परियोजनाएँ पिछली सरकार के कार्यकाल में तैयार बजट का हिस्सा थीं। यदि लागत अनुमानों में बड़े बदलाव होते हैं तो परियोजनाओं के क्रियान्वयन, फंड आवंटन और समय-सीमा पर सीधा असर पड़ सकता है। समीक्षा के नतीजे तय करेंगे कि ये परियोजनाएँ संशोधित अनुमानों के साथ आगे बढ़ेंगी या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या 90 परियोजनाओं की समीक्षा केवल संख्याएँ दुरुस्त करेगी या जवाबदेही भी तय करेगी। ₹9,319 करोड़ के खर्च वाले बजट में यदि अनुमान ही गलत हों, तो ₹1,602 करोड़ का घाटा और भी गहरा हो सकता है। पारदर्शिता की यह कसौटी TVK सरकार के शहरी प्रशासन के दावों की पहली बड़ी परीक्षा है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TVK सरकार ने चेन्नई नगर निगम की परियोजनाओं की समीक्षा क्यों शुरू की?
निगम स्कूलों के लिए प्रिंटर खरीद में ₹60 लाख के बजाय मात्र ₹22.12 लाख खर्च होने के बाद — यानी ₹37.78 लाख की बचत — TVK सरकार को संदेह हुआ कि बजट की अन्य परियोजनाओं में भी लागत अधिक आँकी गई होगी। इसी आधार पर 90 परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा का आदेश दिया गया।
ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के 2026-27 बजट में कितनी परियोजनाएँ शामिल हैं और उनका बजट क्या है?
बजट में कुल 90 परियोजनाएँ घोषित की गई थीं। समग्र बजट में ₹7,717 करोड़ की आय और ₹9,319 करोड़ के खर्च का अनुमान है, जिससे ₹1,602 करोड़ का राजकोषीय घाटा अनुमानित था।
समीक्षा के दायरे में कौन-सी प्रमुख परियोजनाएँ आई हैं?
समीक्षा में निगम स्कूलों के आसपास 50 किलोमीटर सुरक्षित कॉरिडोर (₹200 करोड़), 30 जलाशयों का पुनरुद्धार (₹100 करोड़), 60 पार्कों का नवीनीकरण (₹60 करोड़) और जलमार्गों के किनारे बाढ़ सुरक्षा दीवारें (₹55 करोड़) शामिल हैं।
इस समीक्षा का चेन्नई की मेयर आर. प्रिया पर क्या असर होगा?
समीक्षा में आई परियोजनाएँ पिछली सरकार के कार्यकाल में तैयार बजट का हिस्सा हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मेयर आर. प्रिया के नेतृत्व में निगम पर है। यदि लागत अनुमानों में बड़े बदलाव होते हैं तो परियोजनाओं की समय-सीमा और फंड आवंटन प्रभावित हो सकते हैं।
समीक्षा पूरी होने के बाद परियोजनाओं का क्या होगा?
समीक्षा के नतीजों के आधार पर परियोजनाओं की लागत संशोधित की जाएगी। सरकार का कहना है कि संशोधित अनुमानों के बाद ही परियोजनाओं को आगे मंजूरी दी जाएगी, जिससे सार्वजनिक धन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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