क्या चेन्नई में 100 डिजिटल वायु गुणवत्ता सेंसर बोर्ड लगाए जाएंगे?

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क्या चेन्नई में 100 डिजिटल वायु गुणवत्ता सेंसर बोर्ड लगाए जाएंगे?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि चेन्नई में 100 डिजिटल वायु गुणवत्ता सेंसर बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया है? इस पहल का उद्देश्य वायु प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित करना और नागरिकों को वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करना है। जानिए इससे क्या लाभ होगा एवं कैसे यह शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार करेगा।

Key Takeaways

  • चेन्नई में 100 डिजिटल सेंसर बोर्ड स्थापित किए जाएंगे।
  • प्रदूषण स्तर और जलवायु परिस्थितियों पर वास्तविक समय जानकारी।
  • नगर निगम की पहल से पर्यावरण जागरूकता में वृद्धि।

चेन्नई, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वायु प्रदूषण के नकारात्मक प्रभावों में निरंतर वृद्धि हो रही है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, ग्रेटर चेन्नई नगर निगम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में वायु गुणवत्ता की सतत निगरानी के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है।

जनता में जागरूकता बढ़ाने और एक साफ-सुथरे वातावरण के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल के अंतर्गत, नगर निगम ने चेन्नई के 15 प्रशासनिक क्षेत्रों में 100 डिजिटल पर्यावरण सेंसर बोर्ड स्थापित करने का ऐलान किया है।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को उनके आस-पास की वायु गुणवत्ता की वास्तविक समय जानकारी प्रदान करना है।

गृह मंत्री के अनुसार, ये सेंसर बोर्ड विस्तृत पर्यावरणीय डेटा को एक उपयोगकर्ता के अनुकूल डिजिटल प्रारूप में प्रदर्शित करेंगे, जिससे आम जनता को प्रदूषण के स्तर और संबंधित जलवायु स्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।

एक प्रारंभिक परियोजना के रूप में, चेन्नई नगर निगम के मुख्यालय, रिपन बिल्डिंग के प्रवेश द्वार पर पहले ही एक डिजिटल वायु गुणवत्ता प्रदर्शन बोर्ड स्थापित किया गया है।

प्रारंभिक प्रतिक्रिया से उत्साहित होकर, निगम का लक्ष्य फरवरी के अंत तक सभी 100 डिजिटल बोर्डों की स्थापना पूरी करना है। इस परियोजना पर अनुमानित 6.36 करोड़ रुपए का व्यय होगा, और इसके तहत शहरभर में ट्रैफिक सिग्नल जंक्शनों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में बोर्ड लगाए जाएंगे।

प्रत्येक डिजिटल सेंसर बोर्ड 19 विभिन्न पर्यावरणीय मापदंडों पर वास्तविक समय डेटा प्रदान करेगा। इनमें हवा में मौजूद कण पदार्थ, हानिकारक गैसों का स्तर, हवा की गति, वर्षा, वायु दाब, तापमान, और अन्य महत्वपूर्ण संकेतक शामिल हैं जो वायु गुणवत्ता और जन स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

जानकारी को निरंतर अपडेट किया जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों को वर्तमान पर्यावरणीय स्थितियों तक त्वरित पहुंच प्राप्त होगी। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के डेटा को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने से नागरिकों में पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

Point of View

जिससे वे अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा सकें। यह केवल चेन्नई के निवासियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो हमें पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की दिशा में प्रेरित करता है।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

डिजिटल सेंसर बोर्ड क्या करेंगे?
ये बोर्ड वायु गुणवत्ता के 19 विभिन्न मापदंडों पर वास्तविक समय डेटा प्रदान करेंगे।
यह परियोजना कब तक पूरी होगी?
नगर निगम का लक्ष्य फरवरी के अंत तक सभी 100 डिजिटल बोर्डों की स्थापना पूरी करना है।
इस परियोजना का कुल व्यय कितना है?
इस परियोजना पर अनुमानित 6.36 करोड़ रुपए का व्यय होगा।
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