तेहरान में ईंधन कोटा घटाने का निर्णय, तेल ठिकानों पर हमलों के बाद लिया गया कदम

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तेहरान में ईंधन कोटा घटाने का निर्णय, तेल ठिकानों पर हमलों के बाद लिया गया कदम

सारांश

तेहरान में हालिया तेल ठिकानों पर हमले के बाद, प्रशासन ने ईंधन कोटा को घटाने का निर्णय लिया है। गवर्नर ने इसे अस्थायी बताया और स्थिति सामान्य होने पर बहाल करने का आश्वासन दिया है।

Key Takeaways

  • तेहरान में ईंधन कोटा कम किया गया है।
  • गवर्नर ने इसे अस्थायी बताया है।
  • तेल ठिकानों पर हमले के पीछे अमेरिका-इजरायल का हाथ है।
  • जहरीली बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
  • ईरान ने 5 देशों पर हमले किए हैं।

तेहरान, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेहरान में स्थित तेल ठिकानों पर हालिया हमलों के बाद, प्रशासन ने नागरिकों के लिए ईंधन कोटा को कम करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी फार्स समाचार एजेंसी द्वारा दी गई है।

एजेंसी के अनुसार, तेहरान प्रांत के गवर्नर ने व्यक्तिगत कार्ड द्वारा फ्यूल कोटा को प्रतिदिन 30 लीटर (7.9 गैलन) से घटाकर 20 लीटर (5.2 गैलन) करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि उन्हें ईंधन की कमी की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि फ्यूल सप्लाई में रुकावटों को शीघ्र ही हल कर लिया जाएगा। गवर्नर ने कहा कि 'दो या तीन दिन' में इस निर्णय को वापस लिया जा सकता है।

गवर्नर ने यह भी कहा कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्थिति सामान्य होने पर जल्दी ही ईंधन कोटा को पूर्ववत बहाल कर दिया जाएगा।

तेहरान के तेल ठिकानों पर हमलों के बाद, कई घंटों तक आग जलती रही। अनेक वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें ईरान की राजधानी के ऊपर का आसमान धुएं से भरा हुआ दिखाई दे रहा है।

राज्य टेलीविजन पर एक अधिकारी ने जानकारी दी कि अमेरिका-इजरायल ने रात में राजधानी और उसके आसपास के पांच तेल ठिकानों पर हमला किया, जिसमें चार व्यक्तियों की मौत हो गई।

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने तेल संयंत्रों में धमाकों के बाद जहरीली बारिश की चेतावनी जारी की है। सोसाइटी ने आम जनता को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि ऐसी बारिश से त्वचा पर केमिकल बर्न हो सकता है और फेफड़ों को नुकसान हो सकता है।

इस सैन्य संघर्ष को अब नौ दिन हो चुके हैं। इजरायली मीडिया वाइनेट ने बताया कि ईरान के 30 फ्यूल टैंकों और 3 तेल डिपो को निशाना बनाया गया है।

ईरान ने भी पलटवार करते हुए 5 देशों पर हमले किए हैं, जिनमें इजरायल, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि वे अमेरिका और इजरायल के खिलाफ छह महीने तक युद्ध लड़ने में सक्षम हैं।

Point of View

जो स्थिति को सामान्य करने में मदद कर सकता है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

तेहरान में ईंधन कोटा क्यों घटाया गया?
तेहरान में तेल ठिकानों पर हमलों के बाद प्रशासन ने ईंधन कोटा घटाने का निर्णय लिया है।
क्या ईंधन कोटा अस्थायी है?
हाँ, गवर्नर ने इसे अस्थायी बताया है और स्थिति सामान्य होने पर इसे बहाल करने का आश्वासन दिया है।
हमलों का कारण क्या था?
हमले अमेरिका-इजरायल द्वारा किए गए थे, जिसमें कई तेल ठिकाने लक्षित किए गए।
जहरीली बारिश के बारे में क्या जानकारी है?
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने कहा है कि तेल संयंत्रों में धमाकों के बाद जहरीली बारिश हो सकती है।
ईरान का पलटवार क्या है?
ईरान ने 5 देशों पर हमले किए हैं, जिसमें इजरायल, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और यूएई शामिल हैं।
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