दिल्ली में सक्रिय नकली प्रोटीन सप्लीमेंट रैकेट का खुलासा, दो लोग गिरफ्तार

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दिल्ली में सक्रिय नकली प्रोटीन सप्लीमेंट रैकेट का खुलासा, दो लोग गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक बड़े नकली प्रोटीन सप्लीमेंट रैकेट का पर्दाफाश किया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो प्रसिद्ध ब्रांड के नाम का उपयोग कर बाजार में नकली सप्लीमेंट बेच रहे थे। इस मामले में स्वास्थ्य को गंभीर खतरा बताया गया है।

मुख्य बातें

दिल्ली में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट का बड़ा रैकेट पकड़ा गया।
दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इन सप्लीमेंट्स का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में नकली उत्पाद बरामद किए।
इस रैकेट में अन्य व्यक्तियों की भी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने राजधानी और एनसीआर में सक्रिय एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो नकली प्रोटीन सप्लीमेंट का निर्माण और बिक्री कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये आरोपी प्रसिद्ध ब्रांड के नाम से नकली प्रोटीन सप्लीमेंट्स तैयार कर रहे थे, जिनके सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा सकता था।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और कॉपीराइट एक्ट 1957 के तहत 7 मार्च को एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपियों की पहचान मोहित तिवारी और मोहित दीक्षित के रूप में की गई है, जो कि दिल्ली के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के निवासी हैं।

क्राइम ब्रांच की टीम ने, जो आरके पुरम में स्थित है, इंस्पेक्टर रामपाल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। इस टीम में एसआई अमित, प्रमोद, मुकेश सिंह, एएसआई रामदास, अंकित, ओमबीर, संजय अमित, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र, यशपाल, गौरव और कांस्टेबल तेजपाल शामिल थे।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने की एक अवैध फैक्ट्री चल रही है। सूचना के आधार पर, क्राइम ब्रांच की टीम ने इलाके में निगरानी रखते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया और पुलिस को अपनी अवैध उत्पादन यूनिट तक ले गए।

जांच के दौरान, पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट, पैकेजिंग सामग्री और कच्चा माल बरामद किया। आरोपियों से लगभग 100 किलोग्राम तैयार नकली प्रोटीन और 55 किलोग्राम कच्चा माल जब्त किया गया। इसके अलावा, कई डिब्बे, होलोग्राम स्टिकर, पैकेजिंग पाउच, प्लास्टिक जार, फलेवरिंग एजेंट, मिक्सिंग मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक वजनी मशीनें भी बरामद की गईं।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ऑप्टिमम न्यूट्रिशन, सिंथा-6 और आइसोप्योर जैसे प्रसिद्ध ब्रांड के नाम का उपयोग कर नकली सप्लीमेंट तैयार करते थे और उन्हें जिम और बाजारों में सप्लाई करते थे। इन उत्पादों के सेवन से उपभोक्ताओं को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता था।

प्रारंभिक जांच से यह भी सामने आया है कि इस रैकेट में अनिल बिस्वा नाम का एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है, जो सप्लाई चेन और कच्चे माल की व्यवस्था करता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस तरह के रैकेटों की रोकथाम के लिए जागरूकता और सख्त कानून की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पुलिस ने इस मामले में कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
नकली प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन करने से क्या नुकसान हो सकता है?
नकली प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
पुलिस ने इस रैकेट के बारे में कैसे जानकारी प्राप्त की?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही है।
इस रैकेट में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं?
प्रारंभिक जांच में एक अन्य व्यक्ति अनिल बिस्वा का नाम भी सामने आया है, जो सप्लाई चेन की व्यवस्था करता था।
नकली प्रोटीन सप्लीमेंट का निर्माण किस प्रकार किया जाता है?
आरोपी प्रसिद्ध ब्रांड के नाम का इस्तेमाल कर नकली सप्लीमेंट तैयार करते थे और उन्हें बाजार में बेचते थे।
राष्ट्र प्रेस
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