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क्या दिल्ली में एक्सपायरी खाद्य उत्पाद बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ?

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क्या दिल्ली में एक्सपायरी खाद्य उत्पाद बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ?

सारांश

दिल्ली में खाद्य सुरक्षा को खतरे में डालने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने सरगना को गिरफ्तार कर लाखों रुपए के एक्सपायरी उत्पाद जब्त किए हैं। जानिए इस कार्रवाई के पीछे की कहानी और उपभोक्ताओं पर इसका क्या असर पड़ेगा।

मुख्य बातें

एक्सपायरी उत्पादों का बेचना गंभीर अपराध है।
दिल्ली पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की।
लाखों का सामान जब्त किया गया।
उपभोक्ताओं को सस्ते ऑफर्स से सतर्क रहना चाहिए।
एफएसएसएआई की सक्रियता ने स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित किया।

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए उसके सरगना कारोबारी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह प्रसिद्ध कंपनियों के एक्सपायरी या मिसब्रांडेड खाद्य उत्पाद बेहद कम कीमत पर बेच रहा था। गिरफ्तारी के साथ ही लाखों रुपए के एक्सपायरी चॉकलेट और अन्य ब्रांडों के सामान जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह रैकेट ऑनलाइन आकर्षक ऑफर्स के माध्यम से तैयार खाद्य पदार्थों की बिक्री करता था, ताकि आम लोग कम कीमत के लालच में आ जाएं।

वास्तव में, 8 जनवरी 2024 को एफएसएसएआई की सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी, नॉर्दर्न रीजन की अधिकारी मनीषा नारायण की शिकायत के बाद 9 जनवरी 2024 को एफआईआर संख्या 11/2024 दर्ज की गई। मामला आईपीसी की धाराओं 202, 273, 417, 420, 468 और 471 के तहत दर्ज हुआ। जांच की जिम्मेदारी एसआई हितेश भारद्वाज को सौंपी गई।

जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने चार विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की और संबंधित परिसरों को सील कर दिया। इनमें पहला और दूसरा परिसर लेखू नगर, त्रिनगर में स्थित हैं, जबकि तीसरा परिसर भीकाजी कामा प्लेस और चौथा परिसर मोती नगर में है। इन स्थलों से जब्त सामग्री के नमूने सरकारी लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजे गए।

जांच रिपोर्ट में पता चला कि कई नमूने मिसब्रांडेड पाए गए, जबकि कुछ उत्पादों में निर्धारित मानक के अनुसार फैट कंटेंट नहीं था, यानी वे सब-स्टैंडर्ड श्रेणी के थे। हालांकि, कुछ नमूने मानक के अनुरूप पाए गए। पूरी कार्रवाई एफएसएसएआई अधिकारियों की सहायता से की गई, जिसमें दस्तावेजीकरण, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी शामिल थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले शेयर मार्केट में था और भारी नुकसान हुआ। इसके बाद उसने डिपार्टमेंटल स्टोर खोला, लेकिन मुनाफा नहीं हुआ। इसके बाद आरोपी ने नियर-एक्सपायरी प्रॉडक्ट्स खरीदकर नए लेबल चिपकाने और एक्सपायरी डेट बदलने का गिरोह बनाया। मुंबई के बिचौलियों से थ्रोवे प्राइस पर माल खरीदा जाता था। इसके बाद, फर्जी बिल तैयार किए जाते थे और लेबल में निर्माण तिथि, एक्सपायरी, एमआरपी और बैच नंबर बदल दिए जाते थे और फिर कम दाम पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया जाता था।

एक फर्जी इनवॉइस की पुष्टि करते हुए हेर्शे कंपनी ने बताया कि माल असली था, लेकिन लेबल में छेड़छाड़ कर एक्सपायरी बदल दी गई।

पुलिस की जांच में पता चला कि एक्सपायरी प्रोडक्ट्स अधिकृत सप्लाई चेन से हटकर वेस्ट मैनेजमेंट और अन्य चैनलों के जरिए बेचे जा रहे थे। कई कंपनियों और व्यक्तियों को नोटिस भेजे गए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अतुल जालान (55) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी आम ग्राहक की छूट पाने की मानसिकता का फायदा उठा रहा था। वह त्योहारी ऑफर्स के नाम पर एक्सपायरी माल को नई डेट पर री-लेबल कर बेच देता था। उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान जब्त सामग्री में एक बड़े चॉकलेट ब्रांड के उत्पाद शामिल थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए थी, जबकि अन्य ब्रांडेड कंपनियों के सामान की कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है।

यह ऑपरेशन एसीपी अशोक शर्मा के निर्देश पर इंस्पेक्टर अजय शर्मा की अगुवाई में गठित टीम ने संपन्न किया। टीम में एसआई हितेश भारद्वाज, एसआई मनीष पंवार, एसआई राजेश कुमार, हेड कांस्टेबल मंदीप राणा, हेड कांस्टेबल नीरज पहल, हेड कांस्टेबल आकाश नैण, हेड कांस्टेबल नरेंद्र, हेड कांस्टेबल विकास, हेड कांस्टेबल रविंद्र और महिला हेड कांस्टेबल मंजी शामिल थे।

क्राइम ब्रांच ने चेतावनी दी है कि एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण, लेबल बदलकर बेचना या री-पैकेजिंग करना गंभीर अपराध है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सीधा हमला है। ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नामी ब्रांड्स के खाद्य उत्पादों के बहुत सस्ते ऑफर्स से सतर्क रहें। दिल्ली पुलिस खाद्य सुरक्षा और जनहित की रक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है तथा ऐसे रैकेट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एक्सपायरी खाद्य उत्पादों का बेचना अवैध है?
हाँ, एक्सपायरी खाद्य उत्पादों का बेचना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है और यह कानूनन अवैध है।
पुलिस ने कितने उत्पाद जब्त किए हैं?
पुलिस ने लाखों रुपए के एक्सपायरी चॉकलेट और अन्य ब्रांडेड उत्पाद जब्त किए हैं।
इस रैकेट का सरगना कौन है?
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अतुल जालान के रूप में हुई है।
क्या उपभोक्ताओं को ऐसे ऑफर्स से बचना चाहिए?
हाँ, उपभोक्ताओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सस्ते ऑफर्स से सतर्क रहना चाहिए।
पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की है और कई नोटिस भी भेजे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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