दिल्ली पुलिस ने तिलकनगर में नाइजीरियाई ड्रग सप्लायर की गिरफ्तारी की
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने नाइजीरियाई ड्रग सप्लायर को गिरफ्तार किया।
- आरोपी पहले से घोषित अपराधी था।
- गिरफ्तारी तिलकनगर में हुई थी।
- आरोपी का नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल होना।
- पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शनिवार को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) मामले में एक घोषित नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदोरा ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने मुखबिर की सूचना पर गुरु नानक नगर, तिलकनगर इलाके से एक व्यक्ति को पकड़ लिया। आरोपी मूल रूप से नाइजीरिया के अनम्ब्रा राज्य का निवासी है। वह तिलक नगर, द्वारका और नजफगढ़ क्षेत्रों में सक्रिय ड्रग सप्लायर के रूप में काम कर रहा था।
उनका कहना है कि गिरफ्तार अपराधी को 27 अक्टूबर 2021 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत ‘घोषित अपराधी’ घोषित किया गया था। यह मामला चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई की थी। हेड कांस्टेबल संदीप कडियां को जानकारी मिली थी कि यह अफ्रीकी नागरिक तिलक नगर इलाके में अपने किसी साथी से मिलने आ सकता है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने इलाके में घेराबंदी की।
अधिकारी ने बताया कि जानकारी के अनुसार तिलक नगर मेट्रो स्टेशन के पास सादे कपड़ों में पुलिस की टीम खड़ी हो गई। आरोपी पुलिस को देखते ही पहचान गया और मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फरवरी 2015 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया। 2015 से 2019 तक उसने तिलक नगर में कपड़े बेचने का व्यवसाय किया लेकिन आर्थिक नुकसान के कारण इसे बंद करना पड़ा। इसके बाद उसने अफ्रीकी व्यंजन बेचने का कारोबार शुरू किया। बाद में वह नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल हो गया। वह पश्चिमी दिल्ली के एक अन्य अफ्रीकी नागरिक से ड्रग्स लेकर हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में बेचता था।
आरोपी को इससे पहले मार्च 2019 में हिमाचल प्रदेश के भोरंज में गिरफ्तार किया गया था और जून 2020 में जेल से रिहा किया गया। इसके बाद 2021 में चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में गिरफ्तार किया गया और मार्च 2024 में जेल से रिहा होने के बाद उसने पुनः अवैध गतिविधियाँ शुरू कर दीं। लगातार अदालत की कार्यवाही से बचने के कारण उसे ‘घोषित अपराधी’ घोषित किया गया था।