सीए 64वें कैंपस प्लेसमेंट में 101 कंपनियों ने दिए 9,000 से अधिक जॉब ऑफर, प्रक्रिया जारी

Click to start listening
सीए 64वें कैंपस प्लेसमेंट में 101 कंपनियों ने दिए 9,000 से अधिक जॉब ऑफर, प्रक्रिया जारी

सारांश

ICAI के 64वें कैंपस प्लेसमेंट में 101 से अधिक कंपनियों ने 9,000 से ज़्यादा जॉब ऑफर दिए हैं और प्रक्रिया अभी जारी है। वैश्विक छंटनी के बावजूद सीए पेशे की माँग बरकरार है — ₹80,000 की कोर्स लागत और ₹50 लाख तक के अंतरराष्ट्रीय पैकेज इसे भारत के सबसे किफायती और आकर्षक करियर विकल्पों में से एक बनाते हैं।

Key Takeaways

ICAI के 64वें कैंपस प्लेसमेंट में 101 से अधिक कंपनियों ने 9,000 से ज़्यादा जॉब ऑफर दिए; प्रक्रिया अभी जारी। वर्ष 2025 में 10,244 सीए को कैंपस प्लेसमेंट के ज़रिए नौकरी मिली; सर्वाधिक घरेलू पैकेज ₹32.33 लाख प्रति वर्ष । 2024 में घरेलू टॉप ऑफर ₹36 लाख से अधिक; 2023 में अंतरराष्ट्रीय पैकेज ₹50 लाख से ज़्यादा। सीए कोर्स मात्र ₹80,000 में पूरा; आर्टिकलशिप स्टाइपेंड खर्च का बड़ा हिस्सा कवर करता है। AI, डेटा एनालिटिक्स और ESG रिपोर्टिंग जैसे नए क्षेत्रों में सीए की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के 64वें कैंपस प्लेसमेंट में 101 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया है और अब तक 9,000 से ज्यादा जॉब ऑफर दिए जा चुके हैं। 30 अप्रैल 2026 तक जारी इस प्लेसमेंट प्रक्रिया में अभी सैकड़ों और ऑफर दिए जाने बाकी हैं, जिससे यह संख्या और बढ़ने की संभावना है।

प्लेसमेंट का दायरा और भागीदारी

कैंपस प्लेसमेंट के साथ-साथ कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियाँ, टेक्नोलॉजी फर्म्स, कंसल्टिंग कंपनियाँ और प्रोफेशनल सर्विस नेटवर्क्स ऑफ-कैंपस भी जॉब ऑफर कर रही हैं। ICAI के अनुसार, बैंकिंग, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, कंसल्टिंग, फिनटेक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और मल्टीनेशनल कंपनियाँ बड़ी संख्या में कुशल सीए प्रोफेशनल्स को नियुक्त कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कई सेक्टरों में छंटनी और अनिश्चितता का माहौल है।

सीए पेशे की बदलती भूमिका

ICAI का कहना है कि अब चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल बैलेंस शीट तैयार करने या टैक्स फाइलिंग तक सीमित नहीं रहे। वे अब फॉरेंसिक अकाउंटिंग, बिजनेस वैल्यूएशन, इनसॉल्वेंसी और रीस्ट्रक्चरिंग, ESG और सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट, इंटरनेशनल टैक्सेशन और कॉर्पोरेट गवर्नेंस जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव ने सीए को केवल फाइनेंस एक्सपर्ट से टेक-एनेबल्ड प्रोफेशनल में बदल दिया है।

सैलरी और करियर ग्रोथ के आँकड़े

संस्थान के अनुसार, एक नए सीए को औसतन ₹12 लाख प्रति वर्ष तक की शुरुआती सैलरी मिलती है। वर्ष 2024 के कैंपस प्लेसमेंट में घरेलू स्तर पर ₹36 लाख प्रति वर्ष से अधिक के ऑफर दिए गए, जबकि 2023 में अंतरराष्ट्रीय पैकेज ₹50 लाख प्रति वर्ष से भी अधिक रहे। वर्ष 2025 में करीब 10,244 सीए को कैंपस प्लेसमेंट के ज़रिए नौकरी मिली, जिसमें सबसे अधिक घरेलू पैकेज ₹32.33 लाख प्रति वर्ष दर्ज किया गया।

कम लागत, व्यापक पहुँच

ICAI का कहना है कि इस करियर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी किफायती लागत है। जहाँ कई प्रोफेशनल कोर्स लाखों रुपए में पूरे होते हैं, वहीं सीए कोर्स लगभग ₹80,000 में पूरा किया जा सकता है। दो साल की अनिवार्य आर्टिकलशिप के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड इस खर्च का बड़ा हिस्सा कवर कर देता है। स्कॉलरशिप, फीस में छूट और आर्थिक सहायता योजनाएँ इसे और भी सुलभ बनाती हैं। गौरतलब है कि अब यह करियर केवल कॉमर्स छात्रों तक सीमित नहीं रहा — साइंस और आर्ट्स के छात्र भी इसे अपना रहे हैं।

भारत की आर्थिक वृद्धि और सीए की भूमिका

भारत तेज़ी से 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ICAI के अनुसार, इस विकास यात्रा में सीए की भूमिका लगातार मज़बूत होती जा रही है। जैसे-जैसे भारतीय कंपनियाँ वैश्विक स्तर पर विस्तार करेंगी, वैसे-वैसे वित्तीय पारदर्शिता, अनुपालन और रणनीतिक सलाह के लिए सीए प्रोफेशनल्स की माँग और बढ़ेगी। आने वाले वर्षों में यह पेशा देश की वित्तीय और व्यावसायिक व्यवस्था की रीढ़ बना रहेगा।

Point of View

000 से अधिक जॉब ऑफर का यह आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने ऑफर टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों तक पहुँच रहे हैं। ICAI के अनुसार कोर्स की लागत मात्र ₹80,000 है, जो इसे सुलभ बनाती है — परंतु आर्टिकलशिप के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड अभी भी असमान है और छोटे शहरों में इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितता के बीच सीए पेशे की माँग का बना रहना भारत की बढ़ती वित्तीय जटिलता का संकेत है, लेकिन AI और ऑटोमेशन के दौर में पारंपरिक कार्यों का दबाव भी बढ़ेगा — इसलिए ICAI को पाठ्यक्रम में तकनीकी कौशल को और तेज़ी से शामिल करना होगा।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

ICAI के 64वें सीए कैंपस प्लेसमेंट में कितनी कंपनियाँ शामिल हुईं?
ICAI के 64वें कैंपस प्लेसमेंट में 101 से अधिक कंपनियाँ शामिल हुई हैं और अब तक 9,000 से ज़्यादा जॉब ऑफर दिए जा चुके हैं। प्लेसमेंट प्रक्रिया अभी जारी है, जिसमें सैकड़ों और ऑफर दिए जाने बाकी हैं।
2025 में सीए कैंपस प्लेसमेंट में सबसे अधिक सैलरी कितनी रही?
वर्ष 2025 में सीए कैंपस प्लेसमेंट के दौरान सबसे अधिक घरेलू पैकेज ₹32.33 लाख प्रति वर्ष दर्ज किया गया। इसी वर्ष करीब 10,244 सीए को कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से नौकरी मिली।
सीए कोर्स की कुल फीस कितनी है?
ICAI के अनुसार सीए कोर्स लगभग ₹80,000 में पूरा किया जा सकता है। दो साल की अनिवार्य आर्टिकलशिप के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड इस खर्च का बड़ा हिस्सा कवर कर देता है, और स्कॉलरशिप व फीस छूट योजनाएँ इसे और सुलभ बनाती हैं।
क्या सीए कोर्स केवल कॉमर्स छात्र कर सकते हैं?
नहीं, ICAI के अनुसार अब यह करियर केवल कॉमर्स छात्रों तक सीमित नहीं रहा। साइंस और आर्ट्स के छात्र भी सीए कोर्स कर सकते हैं और बड़ी संख्या में कर रहे हैं।
वैश्विक छंटनी के बावजूद सीए की माँग क्यों बनी हुई है?
ICAI के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और छंटनी के बावजूद सीए पेशे की माँग पर खास असर नहीं पड़ा है। भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ने और कंपनियों के वैश्विक विस्तार के साथ वित्तीय अनुपालन, ESG रिपोर्टिंग और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में सीए की भूमिका और महत्वपूर्ण होती जा रही है।
Nation Press