महिलाओं की सशक्तिकरण से समाज में मजबूती: डॉ. मनसुख मांडविया
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का सशक्तिकरण समाज की मजबूती के लिए आवश्यक है।
- खेल और फिटनेस में महिलाओं की भागीदारी से देश की तरक्की होती है।
- साइकिलिंग एक स्वस्थ जीवन का हिस्सा है।
कोलकाता, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि महिलाओं की सशक्तिकरण से परिवार और समाज की मजबूती बढ़ती है। उन्होंने यह भी बताया कि देश की तरक्की के लिए खेल और फिटनेस में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है।
मांडविया ने महिलाओं के फिटनेस और साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता में फिट इंडिया पिंक साइक्लोथॉन में भाग लिया। देशभर में संडे ऑन साइकिल पहल के तहत नागरिकों ने उत्साह से भाग लिया, जिससे फिटनेस और सामुदायिक सहभागिता का संदेश मजबूत हुआ।
डॉ. मांडविया ने कहा, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन के लिए साइकिलिंग एक प्रभावी साधन है। इस प्रकार की पहल नागरिकों में फिटनेस और सामूहिक जिम्मेदारी की संस्कृति को विकसित करने में सहायक होती हैं।
महिलाओं की खेल और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को मजबूत बनाना, समाज को मजबूत बनाना है। जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार और समाज की तरक्की होती है, जो देश के विकास में योगदान करती है।
ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता बोम्बायला देवी लैशराम, भारत स्काउट्स, कोलकाता के चीफ कमिश्नर अविनाश कुमार गुप्ता, माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पियाली बसाक, भारतीय महिला फुटबॉल टीम की गोलकीपर अद्रिजा सरखेल और ओलंपियन सुष्मिता सिंघा रॉय ने भी साइक्लोथॉन में भाग लिया।
दिसंबर 2024 में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मांडविया ने फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल नामक एक बड़ा जन आंदोलन शुरू किया था। यह अभियान फिटनेस को दैनिक आदत बनाने और स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करता है।
फिट इंडिया संडे हर सप्ताह आयोजित होता है। इस सप्ताह का फिट इंडिया संडे महिला सशक्तिकरण को समर्पित था।