ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन काउंसिल की बैठक चार महीने बाद आज, 28 प्रस्ताव और नागरिक मुद्दे एजेंडे पर
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) काउंसिल की बैठक बुधवार, 24 जून को चार महीने के अंतराल के बाद आयोजित हो रही है — विधानसभा चुनावों और आचार संहिता लागू रहने के कारण यह बैठक इतने लंबे समय से टली हुई थी। काउंसिल के सामने 28 प्रस्ताव रखे जाएंगे और 12 पार्षदों ने चर्चा के लिए सवाल जमा किए हैं।
मुख्य एजेंडा और नागरिक मुद्दे
आम नागरिकों की नजर इस बैठक पर टिकी है, क्योंकि लंबे समय से कई बुनियादी समस्याएँ अनसुलझी पड़ी हैं। वार्ड 4 से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पार्षद आर. जयरामन ने बताया कि निवासियों ने बार-बार शिकायत की है — रात में अक्सर बिजली गुल हो जाती है, तूफानी पानी की निकासी (स्टॉर्मवॉटर ड्रेन) का काम अधूरा है, सड़कों की मरम्मत अपर्याप्त है और टैंकर सेवाओं के जरिए पीने के पानी की आपूर्ति अनियमित बनी हुई है।
जयरामन ने कहा कि चार महीने बैठक न होने से पार्षदों के पास जनहित के मुद्दे उठाने के अवसर ही नहीं बचे थे।
राजनीतिक हलचल: टीवीके और दलबदल पर नजर
इस बैठक में राजनीतिक दृष्टि से भी कई महत्वपूर्ण पहलू हैं। खबरों के अनुसार, हाल के महीनों में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) और अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम (एएमएमके) के चार पार्षद सत्ताधारी दल तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) में शामिल हो चुके हैं।
यह भी चर्चा है कि काउंसिल हॉल में मुख्यमंत्री चंद्रशेखर जोसेफ विजय की तस्वीर लगाने का मुद्दा उठ सकता है — टीवीके के सत्ता में आने के बाद से कई स्थानीय निकायों में इस विषय पर विचार-विमर्श चल रहा है। हालाँकि, कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें अब तक किसी पार्षद के दल-बदल की कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। मौजूदा नियमों के तहत, पार्टी बदलने वाले पार्षद तब तक अयोग्य नहीं होते जब तक पार्षद और संबंधित पार्टी दोनों की ओर से आवश्यक सूचना न दी जाए।
काउंसिल में दलीय समीकरण
काउंसिल में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) का दबदबा बना हुआ है — पार्टी के 153 सदस्य हैं। टीवीके को सहयोगियों का भी समर्थन प्राप्त है, जिनमें कांग्रेस के 13 सदस्य, विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) के 4 सदस्य, सीपीआई(एम) और सीपीआई के 2-2 सदस्य तथा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का 1 सदस्य शामिल है।
पार्षदों की आलोचना और यातायात विवाद
डीएमके पार्षद और टोंडियारपेट जोनल चेयरमैन नेताजी यू. गणेशन ने उत्तरी चेन्नई में रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर लंबे समय से अटके रोड ओवरब्रिज का काम शुरू होने का स्वागत किया। साथ ही, उन्होंने स्थानीय पार्षदों से परामर्श किए बिना वैद्यनाथन ब्रिज और आर.के. नगर जंक्शन के बीच ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने के लिए नागरिक प्रशासन और पुलिस की आलोचना की। उनके अनुसार, इस कदम से सुबह के व्यस्त समय में भारी जाम की स्थिति बन गई और वे बैठक में वैकल्पिक समाधान प्रस्तुत करने की योजना बना रहे हैं।
वलासरवक्कम जोनल चेयरमैन वी. राजन ने भी बैठक बुलाने में हुई देरी पर सवाल उठाए और कहा कि चुनाव आचार संहिता 6 मई को ही हटा ली गई थी, फिर भी काउंसिल की बैठक इतनी देर से बुलाई गई।
आगे क्या होगा
यह बैठक चेन्नई के नागरिक प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है — जहाँ एक ओर लंबित नागरिक समस्याओं पर निर्णय अपेक्षित हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक पुनर्संरेखण के संकेत भी स्पष्ट हैं। बैठक में लिए गए निर्णय और उठाए गए मुद्दे आने वाले महीनों में जीसीसी की कार्यशैली की दिशा तय करेंगे।