18 अगस्त 2026
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तमिलनाडु: टीटीवी दिनाकरन ने CM विजय के नए दफ्तर के टेंडर में अनियमितता का आरोप लगाया

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तमिलनाडु: टीटीवी दिनाकरन ने CM विजय के नए दफ्तर के टेंडर में अनियमितता का आरोप लगाया

सारांश

एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने TVK सरकार पर निशाना साधा — आरोप है कि CM जोसेफ विजय के नए दफ्तर का नवीनीकरण टेंडर से पहले ही शुरू हो गया, लागत भी दस्तावेजों में छुपाई गई। राज्य की आर्थिक तंगी के बीच यह विवाद सरकार के पारदर्शिता के दावे पर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने 18 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर TVK सरकार पर टेंडर प्रक्रिया उल्लंघन का आरोप लगाया।
जोसेफ विजय के दफ्तर को 'नमक्कल कविग्नार मालिगाई' की 10वीं मंजिल पर शिफ्ट करने का काम कथित तौर पर टेंडर से पहले शुरू हुआ।
टेंडर का विज्ञापन 13 अगस्त को छपा, लेकिन दस्तावेज सरकारी वेबसाइट पर चार दिन बाद अपलोड हुए।
दिनाकरन के अनुसार टेंडर दस्तावेजों में परियोजना की अनुमानित लागत का उल्लेख नहीं था।
TVK सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने 18 अगस्त को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नए कार्यालय के नवीनीकरण का काम टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही शुरू कर दिया गया, जो प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। दिनाकरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में मुख्यमंत्री से सीधे जवाब माँगा।

मुख्य घटनाक्रम

दिनाकरन ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया जिनके अनुसार पिछले महीने तमिलनाडु सचिवालय की मुख्य इमारत से मुख्यमंत्री कार्यालय को 'नमक्कल कविग्नार मालिगाई' की 10वीं मंजिल पर स्थानांतरित करने का काम आरंभ हो गया था। उनके अनुसार टेंडर का विज्ञापन 13 अगस्त को समाचारपत्रों में प्रकाशित हुआ, जबकि संबंधित दस्तावेज सरकारी वेबसाइट पर चार दिन बाद अपलोड किए गए।

दिनाकरन ने आरोप लगाया कि टेंडर दस्तावेजों में परियोजना की अनुमानित लागत का कोई उल्लेख नहीं था, जिससे पारदर्शिता की कमी स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य सरकार आर्थिक तंगी का सामना कर रही है।

दिनाकरन के सवाल

एएमएमके नेता ने कई तीखे सवाल उठाए — टेंडर जारी होने से पहले नवीनीकरण की अनुमति किसने दी? कॉन्ट्रैक्टर का चयन किस आधार पर हुआ? और काम शुरू होने की खबरें सामने आने के बाद ही बोलियाँ क्यों आमंत्रित की गईं? उन्होंने यह भी पूछा कि सार्वजनिक सूचना प्रकाशित होने के बावजूद टेंडर दस्तावेज तत्काल ऑनलाइन उपलब्ध क्यों नहीं कराए गए।

दिनाकरन ने तर्क दिया कि अगर मुख्यमंत्री के अपने कार्यालय से जुड़े टेंडर में प्रक्रियात्मक उल्लंघन होता है, तो आम जनता अन्य सरकारी विभागों की खरीद प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर भी स्वाभाविक रूप से संदेह करेगी।

TVK सरकार की पारदर्शिता पर सवाल

दिनाकरन ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री विजय ने पदभार संभालने के बाद से बार-बार भ्रष्टाचार-मुक्त और पारदर्शी प्रशासन का वादा किया है। उनका कहना है कि इस प्रकरण ने उस वादे की परीक्षा ले ली है। उन्होंने कहा, 'पारदर्शिता सिर्फ विज्ञापनों और सार्वजनिक भाषणों में इस्तेमाल होने वाला नारा नहीं होना चाहिए।'

गौरतलब है कि टीवीके सरकार अपेक्षाकृत नई है और उस पर सुशासन का दबाव विशेष रूप से अधिक है। ऐसे में यह विवाद विपक्ष को सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने का अवसर दे रहा है।

आगे क्या होगा

दिनाकरन ने मुख्यमंत्री विजय से आग्रह किया है कि वे स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें और टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी परिस्थितियों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करें। अभी तक टीवीके सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह देखना बाकी है कि सरकार इन सवालों का जवाब देती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उसके अपने दफ्तर से जुड़ी खरीद प्रक्रिया में कथित चूक दोगुनी राजनीतिक कीमत वसूलती है। दिनाकरन के सवाल — लागत क्यों छुपाई, काम टेंडर से पहले क्यों शुरू हुआ — अभी तक अनुत्तरित हैं, और सरकार की चुप्पी विपक्ष के आरोपों को और धार दे रही है। राज्य की आर्थिक तंगी के संदर्भ में यह खर्च और भी संवेदनशील हो जाता है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीटीवी दिनाकरन ने तमिलनाडु सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
दिनाकरन ने आरोप लगाया है कि TVK सरकार ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नए कार्यालय का नवीनीकरण टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही शुरू कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर दस्तावेजों में परियोजना की अनुमानित लागत का खुलासा नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय को कहाँ स्थानांतरित किया जा रहा है?
रिपोर्टों के अनुसार तमिलनाडु सचिवालय की मुख्य इमारत से मुख्यमंत्री कार्यालय को 'नमक्कल कविग्नार मालिगाई' की 10वीं मंजिल पर शिफ्ट किया जा रहा है। यह काम कथित तौर पर पिछले महीने ही शुरू हो गया था।
टेंडर प्रक्रिया में क्या गड़बड़ी बताई जा रही है?
दिनाकरन के अनुसार टेंडर का विज्ञापन 13 अगस्त को अखबारों में छपा, जबकि दस्तावेज सरकारी वेबसाइट पर चार दिन बाद अपलोड हुए। इसके अलावा, दस्तावेजों में परियोजना की अनुमानित लागत का उल्लेख नहीं था और काम टेंडर से पहले ही शुरू होने के आरोप हैं।
TVK सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अभी तक TVK सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय या उनके कार्यालय ने दिनाकरन के सवालों का सार्वजनिक जवाब नहीं दिया है।
यह विवाद राजनीतिक रूप से क्यों अहम है?
मुख्यमंत्री विजय ने पदभार संभालने के बाद से भ्रष्टाचार-मुक्त और पारदर्शी प्रशासन का वादा बार-बार किया है। ऐसे में उन्हीं के दफ्तर से जुड़ी खरीद प्रक्रिया पर उठे सवाल सरकार की विश्वसनीयता के लिए राजनीतिक चुनौती बन गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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