टीवीके सीएम विजय का डीएमके पर करारा जवाब: 'हम जनता की टीम हैं, किसी की बी-टीम नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 23 जून 2026 को चेन्नई में विधानसभा सत्र के अंतिम दिन विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर तीखा पलटवार किया। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी तमिलनाडु विजय कदगम (TVK) सरकार किसी भी राजनीतिक दल की 'बी-टीम' नहीं है और शासन की शक्ति का एकमात्र स्रोत जनता का जनादेश है।
मुख्य घटनाक्रम
विधानसभा सत्र के समापन दिवस पर मुख्यमंत्री विजय ने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, सामाजिक न्याय और सुशासन के मोर्चे पर अपनी सरकार के कामकाज का विस्तार से बचाव किया। उन्होंने पूर्ववर्ती DMK सरकार पर अनेक अनसुलझी चुनौतियाँ छोड़ जाने का आरोप लगाया।
विपक्षी सदस्यों द्वारा कानून-व्यवस्था पर उठाए गए सवालों के जवाब में विजय ने कहा कि सरकार रचनात्मक सुझावों का स्वागत करती है, किंतु उन्होंने DMK के कार्यकाल में नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में हुई कथित वृद्धि का हवाला देते हुए विपक्ष के रिकॉर्ड पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस समस्या पर अंकुश लगाने और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
डीएमके पर तंज और 'बी-टीम' विवाद
विजय ने उन विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा जो उनसे विधानसभा में अधिक बोलने की माँग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके संक्षिप्त भाषण से भी राजनीतिक हलचल मच गई — यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से DMK अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के संदर्भ में की गई मानी जा रही है।
TVK सरकार के विरोधी दलों के समर्थन पर टिके होने के आरोपों को खारिज करते हुए विजय ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) जैसे वामपंथी दलों ने स्वेच्छा से सरकार को समर्थन दिया है। उन्होंने दृढ़ता से घोषणा की, "हम किसी की 'बी-टीम' नहीं हैं। हम जनता की टीम हैं।"
शिक्षा नीति और केंद्र-राज्य संबंध
केंद्र-राज्य संबंधों पर विजय ने कहा कि उनकी सरकार तमिलनाडु के विकास को प्राथमिकता देने वाला व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाएगी। केंद्र सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखते हुए भी उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रति अपनी सरकार के विरोध को एक बार फिर दोहराया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल प्रवेश कक्षा 12 के अंकों के आधार पर होना चाहिए और कहा कि तमिलनाडु उन नीतियों का विरोध जारी रखेगा जो राज्य के शैक्षिक हितों को नुकसान पहुँचाती हैं।
सामाजिक न्याय और कैबिनेट गठन का बचाव
अपनी कैबिनेट के गठन का बचाव करते हुए विजय ने महिलाओं और अनुसूचित जातियों को दिए गए प्रतिनिधित्व को रेखांकित किया। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी सरकार डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा परिकल्पित सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को व्यवहार में लागू कर रही है और DMK की उन्हीं आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति का ऐलान करते हुए अपना भाषण एक 'कुट्टी स्टोरी' (लघु कथा) से समाप्त किया, जिसमें यह संदेश निहित था कि समस्याएँ पैदा करने वाले दूसरों को शासन का पाठ न पढ़ाएँ। उनकी इस टिप्पणी पर सदन के दोनों पक्षों से तीखी प्रतिक्रियाएँ आईं।
आगे की राह
यह विधानसभा सत्र ऐसे समय में हुआ है जब TVK सरकार अपने शासन के शुरुआती दौर में विपक्ष के तीव्र दबाव का सामना कर रही है। गौरतलब है कि DMK और TVK के बीच यह वाकयुद्ध तमिलनाडु की राजनीति में एक नई प्रतिस्पर्धात्मक धुरी को परिभाषित कर रहा है, जो आने वाले महीनों में और तीखी होने के संकेत दे रही है।