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एआईएडीएमके का टीवीके सरकार पर हमला: सीएम विजय पर तमिलनाडु को विफल करने का आरोप

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एआईएडीएमके का टीवीके सरकार पर हमला: सीएम विजय पर तमिलनाडु को विफल करने का आरोप

सारांश

करूर जनसभा में सीएम विजय के 'मिलीभगत' वाले बयान के एक दिन बाद एआईएडीएमके ने एक्स पर पलटवार किया — टीवीके सरकार को अवसरवादी बताया और पूछा कि दो साल में विजय ने जनता के लिए क्या किया। तमिलनाडु की तीन-पक्षीय राजनीति में यह टकराव नई धार ले रहा है।

मुख्य बातें

एआईएडीएमके ने 11 जुलाई 2026 को टीवीके सरकार और मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय पर शासन विफलता का आरोप लगाया।
विजय ने करूर की जनसभा में डीएमके को 'बुरी ताकत' और एआईएडीएमके को 'निष्क्रिय ताकत' बताते हुए दोनों पर मिलीभगत का आरोप लगाया था।
एआईएडीएमके ने एक्स पर पोस्ट के ज़रिये आरोपों को खारिज किया और कहा कि उसने 234 विधानसभा सीटों पर डीएमके के विरुद्ध चुनाव लड़ा है।
एआईएडीएमके ने टीवीके पर राजनीतिक अवसरवाद के बल पर सत्ता में आने का आरोप लगाया।
पार्टी ने सवाल उठाया कि पार्टी स्थापना के दो वर्षों में विजय ने जनहित में कौन-सी ठोस पहल की।

अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) ने शनिवार, 11 जुलाई को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर शासन में बुरी तरह विफल रहने और प्रशासनिक खामियों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी दलों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। यह पलटवार चेन्नई से उस समय आया जब विजय ने एक दिन पहले करूर में एक जनसभा में एआईएडीएमके और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) पर 'मिलीभगत' का आरोप लगाया था।

विजय के आरोप और राजनीतिक संदर्भ

मुख्यमंत्री विजय ने करूर की जनसभा में डीएमके को 'बुरी ताकत' और एआईएडीएमके को 'निष्क्रिय ताकत' करार दिया था। उन्होंने दावा किया कि ये दोनों द्रविड़ पार्टियाँ राज्य में कुशासन और भ्रष्टाचार के लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं और पार्टी फंड जुटाने की आड़ में कई सरकारी विभागों में मिलकर काम कर रही हैं। विजय ने कहा, 'बुरी ताकत और निष्क्रिय ताकत अलग-अलग इकाइयाँ नहीं हैं — वे मिलीभगत से काम कर रही हैं।'

एआईएडीएमके का पलटवार

एआईएडीएमके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कड़े शब्दों वाले पोस्ट के ज़रिये इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसने डीएमके का राजनीतिक और चुनावी स्तर पर लगातार विरोध किया है और राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर डीएमके के विरुद्ध चुनाव लड़ा है। पार्टी ने अपनी स्वतंत्र विपक्षी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वह तमिलनाडु में एक स्वायत्त विपक्षी दल के रूप में काम करती रही है।

टीवीके सरकार पर अवसरवाद का आरोप

एआईएडीएमके ने टीवीके सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन में पहले से शामिल दलों को अपनी ओर खींचकर राजनीतिक अवसरवाद के बल पर सत्ता में आई है। पार्टी ने मुख्यमंत्री विजय की जनता से राजनीतिक भागीदारी पर भी सवाल उठाए — यह पूछते हुए कि पार्टी की स्थापना के दो वर्षों में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कितने आम नागरिकों से मुलाकात की और जनहित में कौन-सी ठोस पहल की।

आगे क्या

यह राजनीतिक तकरार ऐसे समय में उभरी है जब तमिलनाडु में तीन प्रमुख राजनीतिक शक्तियाँ — टीवीके, डीएमके और एआईएडीएमके — अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी हैं। आलोचकों का कहना है कि यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर राज्य के शासन की वास्तविक चुनौतियों से ध्यान भटका सकता है। आने वाले हफ्तों में तीनों दलों की रणनीतिक चाल पर सबकी नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बुनियादी ढाँचा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर नई सरकार ने क्या हासिल किया। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि यह तीन-पक्षीय संघर्ष वास्तव में 2026 के बाद की चुनावी जमीन तैयार करने की शुरुआत है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएडीएमके ने टीवीके सरकार पर क्या आरोप लगाए?
एआईएडीएमके ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर तमिलनाडु में शासन विफलता का आरोप लगाया और कहा कि वे प्रशासनिक कमियों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी दलों को निशाना बना रहे हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि टीवीके राजनीतिक अवसरवाद के जरिये सत्ता में आई है।
सीएम विजय ने करूर जनसभा में क्या कहा था?
मुख्यमंत्री विजय ने करूर की जनसभा में डीएमके को 'बुरी ताकत' और एआईएडीएमके को 'निष्क्रिय ताकत' बताया और दावा किया कि दोनों पार्टियाँ पार्टी फंड जुटाने की आड़ में सरकारी विभागों में मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने इसे 'मिलीभगत' करार दिया।
एआईएडीएमके ने मिलीभगत के आरोपों का जवाब कैसे दिया?
एआईएडीएमके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिये आरोपों को खारिज किया। पार्टी ने कहा कि उसने राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर डीएमके के विरुद्ध चुनाव लड़ा है और वह एक स्वतंत्र विपक्षी दल के रूप में काम करती रही है।
तमिलनाडु में टीवीके, डीएमके और एआईएडीएमके के बीच राजनीतिक टकराव क्यों बढ़ रहा है?
तमिलनाडु में तीनों प्रमुख राजनीतिक शक्तियाँ अपनी-अपनी जनाधार मजबूत करने में लगी हैं। टीवीके के सत्ता में आने के बाद पारंपरिक द्रविड़ राजनीति का समीकरण बदल गया है, जिससे एआईएडीएमके और डीएमके दोनों दबाव में हैं।
एआईएडीएमके ने सीएम विजय की जनभागीदारी पर क्या सवाल उठाए?
एआईएडीएमके ने पूछा कि पार्टी की स्थापना के दो वर्षों में विजय ने व्यक्तिगत रूप से कितने आम नागरिकों से मुलाकात की और जनहित में कौन-सी ठोस पहल की। पार्टी ने उनकी जमीनी राजनीतिक भागीदारी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।
राष्ट्र प्रेस
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