तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार: मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सिफारिश पर 23 नए मंत्री शामिल, राज्यपाल की मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने 21 मई 2026 को राज्य मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल की सिफारिश की, जिसके तहत 23 नए मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है और कई वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों का पुनर्गठन किया गया है। लोक भवन से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने इन सभी सिफारिशों को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
मुख्यमंत्री ने अपने पास रखे प्रमुख विभाग
कैबिनेट पुनर्गठन के बाद मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने लोक प्रशासन, गृह, पुलिस, विशेष कार्यक्रम क्रियान्वयन, नगर प्रशासन और शहरी विकास जैसे संवेदनशील एवं रणनीतिक विभाग अपने पास रखे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने विशेष पहल, गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण ऋण राहत विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी स्वयं संभाली है।
वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में बदलाव
मंत्री एन. आनंद के कार्यक्षेत्र में अब ग्रामीण विकास, पंचायत, सिंचाई और लघु सिंचाई परियोजनाएं शामिल की गई हैं। मंत्री आर. निर्मलकुमार बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा, कानून, न्यायालय, जेल, चुनाव और पासपोर्ट से जुड़े विभागों का कार्यभार संभालते रहेंगे। महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में के. ए. सेंगोत्तैयन को राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें राजस्व प्रशासन, उप-कलेक्टर से जुड़े कार्य, आपदा प्रबंधन और विधानसभा मामलों की देखरेख शामिल है।
23 नए मंत्रियों को विभाग आवंटन
राज्यपाल द्वारा अनुमोदित नए मंत्रियों और उनके विभागों का विवरण इस प्रकार है:
श्रीनाथ को मत्स्य पालन, कमाली एस. को पशुपालन, सी. विजयलक्ष्मी को दुग्ध और डेयरी विकास तथा आर. वी. रंजीतकुमार को वन विभाग सौंपा गया है। विनोद को कृषि और किसान कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राजीव को पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग का प्रभार मिला है।
बी. राजकुमार को आवास और शहरी विकास, वी. गांधीराज को सहकारिता, मथन राजा पी. को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, जगदीश्वरी के. को समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण तथा राजेश कुमार एस. को पर्यटन विभाग सौंपा गया है।
एम. विजय बालाजी को हथकरघा और वस्त्र, लोगेश तमिलसेल्वन डी. को वाणिज्यिक कर और पंजीकरण, विजय तमिलन पार्थिबन ए. को परिवहन और रमेश को हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग का कार्यभार दिया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग पी. विश्वनाथन को सौंपा गया है। कुमार आर. को नवगठित कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभाग का नेतृत्व सौंपा गया है — जो तकनीकी शासन की दिशा में एक नई पहल है। थेन्नारासु के. को अनिवासी तमिल कल्याण, वी. संपत कुमार को पिछड़ा वर्ग कल्याण, मोहम्मद फरवास जे. को श्रम कल्याण और कौशल विकास तथा डी. सरथकुमार को मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी मिली है। वित्त, योजना और विकास विभाग एन. मैरी विल्सन को दिया गया है, जबकि विघ्नेश के. को निषेध और आबकारी विभाग सौंपा गया है।
आगे क्या
यह कैबिनेट विस्तार तमिलनाडु की नई सरकार के शासन ढांचे को औपचारिक रूप देता है। नवनियुक्त मंत्रियों से अपेक्षा है कि वे शीघ्र ही अपने-अपने विभागों का कार्यभार संभालेंगे और प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा करेंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल सेवा जैसे नवगठित विभाग का गठन संकेत देता है कि सरकार तकनीक-आधारित शासन को केंद्र में रखने की योजना बना रही है।