22 अगस्त 2026
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अखिलेश यादव के नेतृत्व में बनेगी यूपी की अगली सरकार, 2027 चुनाव पर बाबू सिंह कुशवाहा का बड़ा दावा

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अखिलेश यादव के नेतृत्व में बनेगी यूपी की अगली सरकार, 2027 चुनाव पर बाबू सिंह कुशवाहा का बड़ा दावा

सारांश

जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा का दावा — 2027 में यूपी की सत्ता अखिलेश यादव के हाथ होगी। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और किसानों की समस्याओं को हथियार बनाकर पीडीए गठबंधन BJP के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

बाबू सिंह कुशवाहा ने 22 अगस्त को दावा किया कि 2027 विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में यूपी में सरकार बनेगी।
कुशवाहा ने BJP सरकार पर महंगाई , बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था में विफलता का आरोप लगाया।
किसानों को खाद की उपलब्धता और फसल का उचित मूल्य न मिलने की समस्या प्रमुख मुद्दों में गिनाई।
पीडीए गठबंधन को गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासी और वंचित वर्गों का साझा मंच बताया।
वंदे मातरम विवाद पर राष्ट्रगीत में गर्व जताते हुए कहा कि राजनीतिक बहस जन-सरोकार के मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए।

जौनपुर लोकसभा सीट से सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने 22 अगस्त को दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश यादव के नेतृत्व में अगली सरकार बनेगी। उनके अनुसार, प्रदेश की जनता ने सरकार बदलने का मन बना लिया है और विपक्षी गठबंधन पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार है।

2027 चुनाव को लेकर दावा

कुशवाहा ने कहा कि उनकी पार्टी और सहयोगी दल मिलकर सत्ता परिवर्तन के लिए एकजुट होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार से जनता परेशान है और प्रदेश में बदलाव की माँग तेज हो रही है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी और अब 2027 के लिए गठबंधन की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।

वंदे मातरम विवाद पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में 'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाए जाने के फैसले पर कुशवाहा ने कहा कि उन्हें अपने देश और राष्ट्रगीत पर गर्व है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश की प्राथमिकता उन वास्तविक समस्याओं पर होनी चाहिए जिनका सामना आम लोग, छात्र और युवा प्रतिदिन करते हैं। उनके अनुसार, राजनीतिक बहस को जन-सरोकार के मुद्दों से नहीं भटकना चाहिए।

शिक्षा, किसान और महंगाई के मुद्दे

कुशवाहा ने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि छात्र सुधार की माँग को लेकर अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने किसानों की समस्याओं का भी उल्लेख किया — खाद की उपलब्धता और फसल का उचित मूल्य न मिलना दो प्रमुख मुद्दे बताए। इसके साथ ही उन्होंने चीनी की बढ़ती कीमतों, पेट्रोल-डीजल के दाम और बेरोजगारी को जनता की बड़ी समस्याएँ बताते हुए केंद्र की BJP सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया।

BJP की राजनीति पर आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों के संदर्भ में कुशवाहा ने आरोप लगाया कि BJP की राजनीति पाकिस्तान और हिंदू-मुस्लिम मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

पीडीए गठबंधन की रूपरेखा

पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) गठबंधन के बारे में कुशवाहा ने कहा कि इसमें समाज के सभी कमज़ोर और वंचित वर्ग शामिल हैं — गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासी और पीड़ित। उनके अनुसार, जो लोग संविधान में विश्वास रखते हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं, वे सभी पीडीए का हिस्सा हैं। यह गठबंधन 2027 में सपा के चुनावी आधार को व्यापक बनाने की रणनीति का केंद्र बिंदु माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पीडीए गठबंधन ज़मीन पर कितना एकजुट है। 2022 में भी सपा ने बड़े दावे किए थे, फिर भी BJP ने तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया था। महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे असरदार हैं, पर विपक्ष के पास अभी तक कोई ठोस वैकल्पिक आर्थिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं हुआ है। जब तक पीडीए की सीट-बँटवारे की बातचीत पारदर्शी नहीं होती, ये बयान चुनावी शोर से अधिक कुछ नहीं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबू सिंह कुशवाहा ने 2027 यूपी चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में अगली सरकार बनेगी। उनके अनुसार जनता ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया है।
पीडीए गठबंधन में कौन-कौन से वर्ग शामिल हैं?
कुशवाहा के अनुसार पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) में समाज के गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासी और पीड़ित वर्ग शामिल हैं। जो लोग संविधान में विश्वास रखते हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं, वे सभी इसका हिस्सा हैं।
कुशवाहा ने BJP सरकार पर कौन-से आरोप लगाए?
उन्होंने BJP सरकार पर महंगाई बढ़ाने, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था में विफलता के आरोप लगाए। साथ ही किसानों को खाद की उपलब्धता और फसल का उचित मूल्य न मिलने की समस्या भी उठाई।
वंदे मातरम विवाद पर कुशवाहा का क्या रुख रहा?
कुशवाहा ने कहा कि उन्हें अपने देश और राष्ट्रगीत पर गर्व है, लेकिन देश की राजनीतिक बहस को आम जनता, छात्र और युवाओं की वास्तविक समस्याओं पर केंद्रित होना चाहिए।
2027 यूपी चुनाव में सपा की रणनीति क्या है?
समाजवादी पार्टी पीडीए गठबंधन के जरिए वंचित और पिछड़े वर्गों को एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रही है। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और किसान मुद्दों को चुनावी एजेंडे का केंद्र बनाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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