सेल की अगस्त बिक्री 13% उछलकर 1.87 मिलियन टन, होट मेटल-क्रूड स्टील उत्पादन रिकॉर्ड पर
सारांश
मुख्य बातें
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की बिक्री अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 13.11 प्रतिशत बढ़कर 1.871 मिलियन टन हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1.654 मिलियन टन थी। इसके साथ ही होट मेटल, क्रूड स्टील और बिक्री योग्य स्टील — तीनों श्रेणियों में उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किया गया।
उत्पादन के आँकड़े
कंपनी के अनुसार, अगस्त में कच्ची स्टील (क्रूड स्टील) का उत्पादन सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़कर 1.68 मिलियन टन हो गया, जो पिछले वर्ष 1.55 मिलियन टन था। होट मेटल का उत्पादन 9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.78 मिलियन टन पर पहुँचा, जबकि एक वर्ष पहले यह 1.63 मिलियन टन था।
बिक्री योग्य स्टील का उत्पादन सालाना आधार पर 1 प्रतिशत बढ़कर 1.69 मिलियन टन रहा, जो पहले 1.66 मिलियन टन था। वैल्यू-एडेड उत्पादों में — कोल्ड रोल्ड, गैल्वेनाइज्ड और अलॉय स्टील — अगस्त में अब तक की सर्वाधिक बिक्री दर्ज की गई।
रेलवे आपूर्ति और वित्तीय मजबूती
अगस्त में भारतीय रेलवे को सेल की आपूर्ति सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर 1,23,000 टन हो गई। इसमें लॉन्ग रेल की सप्लाई 11 प्रतिशत उछलकर रिकॉर्ड 1,12,000 टन पर पहुँची। इसी महीने कैश कलेक्शन में भी सालाना आधार पर 23 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी ने 31 मार्च के स्तर की तुलना में अपना कर्ज ₹870 करोड़ घटाया है, जो वित्तीय अनुशासन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
CMD का बयान
सेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ए.के. पांडा ने कहा, "अगस्त और अप्रैल-अगस्त की अवधि में सेल का प्रदर्शन कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता, कमर्शियल डिलीवरी और वित्तीय समझदारी के बीच बढ़ते तालमेल को दिखाता है।" उन्होंने यह भी कहा कि रिकॉर्ड उत्पादन, बिक्री की रफ्तार और वित्तीय प्रबंधन ने कंपनी के आधार को मजबूत किया है और जैसे-जैसे विस्तार परियोजनाएँ आगे बढ़ रही हैं तथा माँग का परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है, सेल विकास की गति बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
अप्रैल-अगस्त का समग्र प्रदर्शन
अप्रैल से अगस्त 2026 की पाँच महीने की अवधि में सेल की कुल बिक्री सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत बढ़कर 7.71 मिलियन टन हो गई। कंपनी के अनुसार, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, मजबूत क्षेत्रीय पहुँच और घरेलू बाज़ार में सशक्त माँग ने इस अवधि में फिनिश्ड और प्रोसेस्ड स्टील की बिक्री को गति दी। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारतीय इस्पात क्षेत्र पर वैश्विक आपूर्ति दबाव और आयात प्रतिस्पर्धा का असर बना हुआ है। आने वाले महीनों में विस्तार परियोजनाओं की प्रगति और माँग की निरंतरता सेल के प्रदर्शन की असली परीक्षा होगी।