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भारत का क्रूड स्टील उत्पादन मई 2026 में 14.21 मिलियन टन, सालाना 2.9% की वृद्धि

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भारत का क्रूड स्टील उत्पादन मई 2026 में 14.21 मिलियन टन, सालाना 2.9% की वृद्धि

सारांश

भारत का स्टील सेक्टर मई 2026 में रफ़्तार पकड़ता दिखा — क्रूड स्टील उत्पादन 14.21 मिलियन टन और खपत 9% उछली। लेकिन आयात में 62.5% की तीखी बढ़त ने भारत को शुद्ध आयातक बनाए रखा, जो 2030 के 300 एमटीपीए लक्ष्य की राह में एक अहम चुनौती है।

मुख्य बातें

भारत का क्रूड स्टील उत्पादन मई 2026 में सालाना 2.9% बढ़कर 14.21 मिलियन टन हुआ।
तैयार स्टील का उत्पादन 7.7% उछलकर 13.94 मिलियन टन ; खपत 9.0% बढ़कर 14.33 मिलियन टन ।
अप्रैल-मई 2026 में स्टील आयात 1.37 मिलियन टन , निर्यात 0.98 मिलियन टन — भारत शुद्ध आयातक रहा।
SAIL के भिलाई प्लांट की क्षमता 6.8 एमटीपीए से बढ़ाकर 10.2 एमटीपीए करने की मंजूरी।
JSW स्टील ने पारादीप, ओडिशा में 13.2 एमटीपीए क्षमता के प्लांट का निर्माण शुरू किया।
15 राज्यों के 94 उत्पादकों को ग्रीन स्टील प्रमाणपत्र; अधिकांश को 5-स्टार रेटिंग ।

भारत के स्टील मंत्रालय ने 4 जून 2026 को जारी आँकड़ों में बताया कि देश का क्रूड स्टील उत्पादन मई 2026 में सालाना आधार पर 2.9 प्रतिशत बढ़कर 14.21 मिलियन टन हो गया। निर्माण, अवसंरचना और विनिर्माण क्षेत्रों की निरंतर माँग ने इस वृद्धि को गति दी।

मई 2026 के मुख्य उत्पादन आँकड़े

मई में होट मेटल उत्पादन में 2.0 प्रतिशत और पिग आयरन उत्पादन में 1.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिग आयरन का कुल उत्पादन 0.77 मिलियन टन रहा। तैयार स्टील का उत्पादन 7.7 प्रतिशत उछलकर 13.94 मिलियन टन पहुँचा — यह मासिक उत्पादन वृद्धि का उल्लेखनीय आँकड़ा है।

मई में तैयार स्टील की खपत 14.33 मिलियन टन रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.0 प्रतिशत अधिक है। यह खपत वृद्धि दर उत्पादन वृद्धि दर से अधिक रही, जो घरेलू माँग की मज़बूती को रेखांकित करती है।

अप्रैल-मई 2026 की संचित स्थिति

चालू वित्त वर्ष की पहली दो महीनों की अवधि — अप्रैल-मई 2026 — में क्रूड स्टील का संचित उत्पादन 28.04 मिलियन टन रहा, जो अप्रैल-मई 2025 के 27.30 मिलियन टन की तुलना में 2.7 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में होट मेटल उत्पादन में भी 2.7 प्रतिशत और पिग आयरन (1.50 मिलियन टन) में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

अप्रैल-मई 2026 में तैयार स्टील का उत्पादन 27.36 मिलियन टन रहा — पिछले वर्ष की तुलना में 6.4 प्रतिशत की बढ़त। इसी अवधि में तैयार स्टील की खपत भी 27.36 मिलियन टन रही, जो वर्ष-दर-वर्ष 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

आयात-निर्यात और व्यापार संतुलन

मई 2026 में स्टील का आयात 0.69 मिलियन टन रहा, जो मई 2025 के 0.42 मिलियन टन की तुलना में 62.5 प्रतिशत अधिक है। निर्यात 0.51 मिलियन टन रहा — मई 2025 के 0.39 मिलियन टन से 29.9 प्रतिशत की वृद्धि। गौरतलब है कि अप्रैल-मई 2026 के दौरान आयात (1.37 मिलियन टन) निर्यात (0.98 मिलियन टन) से अधिक रहा, जिससे भारत इस अवधि में शुद्ध आयातक बना रहा।

क्षमता विस्तार और 2030 का लक्ष्य

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की कुल क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता लगभग 220 एमटीपीए तक पहुँच गई है। राष्ट्रीय इस्पात नीति के तहत 2030 तक 300 एमटीपीए का लक्ष्य निर्धारित है और उद्योग उस दिशा में अग्रसर है।

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने अपने भिलाई स्टील प्लांट की उत्पादन क्षमता 6.8 एमटीपीए से बढ़ाकर 10.2 एमटीपीए करने की मंजूरी दे दी है। साथ ही, JSW स्टील ने मई 2026 में ओडिशा के पारादीप में 13.2 एमटीपीए की नियोजित क्षमता वाले एकीकृत स्टील प्लांट का निर्माण शुरू किया।

ग्रीन स्टील पहल और कच्चे माल की कीमतें

'ग्रीन स्टील इनिशिएटिव' के अंतर्गत 31 मई 2026 तक 15 राज्यों के 94 उत्पादकों को ग्रीन स्टील प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश प्रमाणित उत्पादों ने सर्वोच्च 5-स्टार रेटिंग हासिल की, जो द्वितीयक और मध्यम आकार के स्टील उत्पादकों के बीच इस पहल की व्यापक स्वीकृति को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कार्बन सीमा कर लागू होने की संभावनाएँ बढ़ रही हैं। कच्चे माल की कीमतों में अप्रैल 2026 की तुलना में मई 2026 में और मज़बूती आई, जो उत्पादन लागत पर दबाव बनाए रख सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मई में आयात में 62.5% की छलाँग एक असुविधाजनक सच्चाई उजागर करती है — घरेलू माँग की रफ़्तार के साथ घरेलू आपूर्ति पूरी तरह कदमताल नहीं कर पा रही। 2030 तक 300 एमटीपीए का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन मौजूदा 220 एमटीपीए से उस स्तर तक पहुँचने के लिए SAIL और JSW जैसी कंपनियों के विस्तार को समय पर ज़मीन पर उतरना होगा। ग्रीन स्टील प्रमाणन की गति सकारात्मक है, मगर वैश्विक कार्बन सीमा करों के मद्देनज़र यह अभी भी बहुत छोटे पैमाने पर है। असली परीक्षा यह है कि क्या नई क्षमताएँ समय पर चालू होती हैं — और क्या आयात पर निर्भरता घटती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मई 2026 में भारत का क्रूड स्टील उत्पादन कितना रहा?
स्टील मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार मई 2026 में भारत का क्रूड स्टील उत्पादन सालाना 2.9 प्रतिशत बढ़कर 14.21 मिलियन टन रहा। अप्रैल-मई 2026 की संयुक्त अवधि में यह आँकड़ा 28.04 मिलियन टन रहा।
भारत में तैयार स्टील की खपत मई 2026 में कितनी रही?
मई 2026 में तैयार स्टील की खपत 14.33 मिलियन टन रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.0 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मुख्यतः निर्माण, अवसंरचना और विनिर्माण क्षेत्रों की निरंतर माँग से आई।
क्या भारत मई 2026 में स्टील का शुद्ध आयातक रहा?
हाँ, अप्रैल-मई 2026 में भारत का स्टील आयात 1.37 मिलियन टन रहा जबकि निर्यात 0.98 मिलियन टन — इस प्रकार भारत शुद्ध आयातक रहा। मई में आयात में वर्ष-दर-वर्ष 62.5 प्रतिशत की तीखी बढ़त दर्ज हुई।
भारत की राष्ट्रीय इस्पात नीति का 2030 का लक्ष्य क्या है?
राष्ट्रीय इस्पात नीति के तहत 2030 तक 300 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता का लक्ष्य है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की क्षमता लगभग 220 एमटीपीए तक पहुँच चुकी है।
ग्रीन स्टील इनिशिएटिव के तहत अब तक कितने उत्पादकों को प्रमाणपत्र मिले हैं?
31 मई 2026 तक 15 राज्यों के 94 उत्पादकों को ग्रीन स्टील प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश प्रमाणित उत्पादों ने सर्वोच्च 5-स्टार रेटिंग प्राप्त की है।
राष्ट्र प्रेस
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