छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने वालों पर हो कार्रवाई: कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने 4 सितंबर को रांची में स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मुख्य सचिव से मुलाकात के दौरान छात्रों के विरुद्ध किसी कार्रवाई की माँग नहीं की, बल्कि आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने वाले तत्वों की पहचान कर उन पर कानूनी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े कथित तत्वों ने छात्र आंदोलन में घुसकर राज्य की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश रची।
मुख्य सचिव को सौंपा वीडियो फुटेज
सिन्हा के अनुसार, इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को कथित घटनाओं से संबंधित वीडियो फुटेज उपलब्ध कराई है, ताकि जाँच में सहूलियत हो। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र जागरूक हैं और कानून को अपने हाथ में लेने में विश्वास नहीं रखते। उनके अनुसार, कुछ बाहरी तत्वों ने छात्रों की आड़ में राज्य का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया, जो निंदनीय है।
राहुल गांधी का छात्रों के साथ खड़े रहने का दावा
सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगातार छात्रों के मुद्दों पर उनके साथ खड़े हैं और उनसे संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'देश के छात्र भविष्य हैं और लोकतंत्र तभी मज़बूत होगा, जब युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहाँ भी दलित, आदिवासी, किसान या युवा प्रताड़ित होंगे, वहाँ राहुल गांधी का सहयोग मिलेगा।
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में महिला की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में महिला को शामिल किए जाने के सवाल पर सिन्हा ने इसे एक अच्छी पहल बताया। हालाँकि, उन्होंने पारदर्शिता सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने मंदिर में चढ़ावे से जुड़े पुराने विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों के नाम सामने आए थे, उन्हें एसआईटी जाँच में क्लीन चिट दी जा चुकी है।
हल्द्वानी कथित शुद्धिकरण मामले पर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी मामले से जुड़े बयान पर सिन्हा ने कहा कि संविधान छुआछूत की भावना को गंभीर अपराध मानता है। उन्होंने सवाल उठाया कि हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण की घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों के विरुद्ध अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और गिरफ्तारियाँ क्यों नहीं की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को उठाने वाले राहुल गांधी के खिलाफ उलटे एफआईआर दर्ज की गई।