25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त: कांग्रेस का तंज — 'छात्रों की मांगें अब भी अनसुनी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त: कांग्रेस का तंज — 'छात्रों की मांगें अब भी अनसुनी'

सारांश

सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त हुआ, लेकिन कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसा — जिसे कभी 'चीन का एजेंट' कहा, उसका अनशन तुड़वाने मंत्री पहुंचे। नीट पेपर लीक पर छात्र अब भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता कुलदीप राठौर ने 24 जुलाई को सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होने पर केंद्र सरकार और BJP पर तंज कसा।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को वांगचुक का अनशन तुड़वाने के लिए आगे आना पड़ा।
नीट पेपर लीक आंदोलन में छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अडिग हैं; कांग्रेस ने समर्थन दिया।
राठौर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने भी पेपर लीक मामलों पर सरकार को घेरा और प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
राठौर ने प्रधानमंत्री से सोशल मीडिया के बजाय संसद में नए कानून पर विस्तृत चर्चा कराने का आग्रह किया।

कांग्रेस नेता कुलदीप राठौर ने 24 जुलाई को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त होने के घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को कभी 'चीन का एजेंट' कहा गया, उसी का अनशन तुड़वाने के लिए केंद्रीय मंत्रियों को आगे आना पड़ा — यह सरकार की बेचैनी को उजागर करता है। साथ ही राठौर ने स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक मामले में आंदोलनरत छात्रों की मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

राठौर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को वांगचुक का अनशन समाप्त कराने के लिए स्वयं आगे आना पड़ा। उनके अनुसार, यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार मौजूदा जन-आंदोलन से उपजे दबाव को महसूस कर रही है और स्थिति पर नियंत्रण स्थापित करना चाहती है।

छात्रों की मांग अब भी बरकरार

नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में आंदोलन कर रहे छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। कांग्रेस ने इस मांग को अपना समर्थन दिया है। राठौर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का प्रयोग किया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

संसद में चर्चा की मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश का हवाला देते हुए राठौर ने कहा कि यदि सरकार नए कानून का मसौदा तैयार कर चुकी है, तो उसे इस पर विपक्ष को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री सोशल मीडिया के बजाय संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा कराएं, ताकि सभी पक्षों की राय सामने आ सके और कारगर समाधान निकल सके।

मध्य प्रदेश कांग्रेस का हमला

मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने भी पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। ओझा ने कहा कि देशभर के छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय हो रहा है और परीक्षा प्रणाली पर उनका भरोसा कमज़ोर हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धरना-प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था के नाम पर छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद संसद के मानसून सत्र में भी गूंज रहा है और विपक्ष सरकार पर जवाबदेही का दबाव बनाए हुए है। गौरतलब है कि छात्रों का आंदोलन अभी थमा नहीं है — शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग तब तक जारी रहने की संभावना है जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि सुधारात्मक। संसद में खुली चर्चा से बचकर सोशल मीडिया वीडियो के ज़रिए जनता को संबोधित करना जवाबदेही की कमी को दर्शाता है। छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठ रहा है — और इस्तीफे की मांग को नज़रअंदाज़ करना लंबे समय में सरकार के लिए राजनीतिक रूप से महंगा पड़ सकता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक ने अपना अनशन क्यों समाप्त किया?
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के हस्तक्षेप के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की। कांग्रेस के अनुसार, यह सरकार की ओर से जन-दबाव को नियंत्रित करने की कोशिश थी।
नीट पेपर लीक मामले में छात्रों की मुख्य मांग क्या है?
छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस मांग को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।
कांग्रेस ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया कि BJP नेताओं ने पहले वांगचुक को 'चीन का एजेंट' कहा और बाद में उनका अनशन तुड़वाने खुद पहुंचे — यह सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी से क्या मांग की है?
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नए परीक्षा कानून के मसौदे पर सोशल मीडिया वीडियो के बजाय संसद में विस्तृत चर्चा कराएं और विपक्ष को विश्वास में लें। राठौर के अनुसार, इससे सभी पक्षों की राय सामने आएगी और प्रभावी समाधान निकल सकेगा।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया रही?
मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार को घेरा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और परीक्षा प्रणाली पर उनका भरोसा कमज़ोर हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 10 घंटे पहले
  2. कल
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 2 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले