नीट पेपर लीक पर सुप्रिया सुले का केंद्र पर हमला, जंतर-मंतर पहुँचकर वांगचुक के अनशन को दिया समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने 18 जुलाई 2025 को केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए उसे 'पूरी तरह असंवेदनशील' करार दिया। सुले नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुँचीं, जहाँ पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और युवा कार्यकर्ता अभिजीत दिपके आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक मामले को देशभर के लाखों छात्रों के साथ 'गंभीर अन्याय' बताया।
वांगचुक के अनशन पर सरकार की चुप्पी
सुले ने कहा कि सोनम वांगचुक देश के लिए एक अनमोल व्यक्ति हैं, फिर भी सत्ता पक्ष का कोई प्रतिनिधि उनसे बात करने तक नहीं पहुँचा। उन्होंने सरकार की इस निष्क्रियता को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। साथ ही उन्होंने वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की, हालाँकि यह भी स्पष्ट किया कि वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्र सरकार से सीधी बातचीत की माँग पर अडिग हैं।
नीट लीक: लाखों छात्रों के साथ अन्याय
सुले ने नीट-यूजी पेपर लीक की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि पूरे देश के लाखों निर्दोष बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। गौरतलब है कि नीट विवाद ने पिछले कुछ महीनों में पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है और सर्वोच्च न्यायालय में भी कई याचिकाएँ दायर हैं।
संविधान संशोधन और 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर रुख
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए सुले ने कहा कि विपक्ष प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक के मौजूदा प्रारूप का कड़ा विरोध करता है और इस पर व्यापक बहस की आवश्यकता है। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा अभी जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिसीमन विधेयक पर बात करना तब तक उचित नहीं होगा, जब तक उसका आधिकारिक मसौदा सामने न आए।
योगी से मुलाकात और संघीय व्यवस्था का बचाव
लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हाल की मुलाकात को लेकर उठे सवालों पर सुले ने व्यावहारिक रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'हम जनता के प्रतिनिधि हैं। जनता के काम के लिए अलग-अलग दलों के मंत्रियों से मिलना एक सामान्य जरूरत है।' यह टिप्पणी विपक्षी एकता की बहस के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पवार परिवार में एकता का अध्याय बंद
सुले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विभाजन के बाद पवार परिवार में पुनर्मिलन की चर्चाओं पर भी विराम लगाया। उन्होंने बताया कि उनके दिवंगत भाई अजित पवार की आखिरी इच्छा थी कि परिवार और दोनों गुट फिर एकजुट हों। सुले ने कहा, 'यह प्रस्ताव पूरी तरह उनकी तरफ से आया था। परिवार ने उनकी आखिरी इच्छा पूरी करने की भरसक कोशिश की, लेकिन दूसरी तरफ से आए जवाब और सार्वजनिक बयानों से साफ हो गया कि वे साथ आने के इच्छुक नहीं हैं। अब जब मेरे भाई नहीं रहे, यह अध्याय आधिकारिक रूप से बंद हो चुका है।' यह बयान NCP के दोनों धड़ों के बीच भविष्य की राजनीतिक दिशा को स्पष्ट करता है।