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जंतर-मंतर पर केजरीवाल का केंद्र पर हमला: सोनम वांगचुक को समर्थन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग

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जंतर-मंतर पर केजरीवाल का केंद्र पर हमला: सोनम वांगचुक को समर्थन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग

सारांश

जंतर-मंतर पर केजरीवाल का यह संबोधन महज समर्थन नहीं था — यह NEET विवाद के बाद उबल रहे छात्र आक्रोश को राजनीतिक धार देने की कोशिश थी। पेपर लीक पर सरकार की निष्क्रियता और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग के साथ AAP ने शिक्षा सुधार को अपना अगला बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने का संकेत दे दिया है।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 16 जुलाई को जंतर-मंतर , नई दिल्ली पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के आंदोलन मंच से केंद्र सरकार पर हमला बोला।
शिक्षा सुधार के लिए अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को केजरीवाल ने खुला समर्थन दिया और उन्हें सलाम किया।
केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
उन्होंने दावा किया कि NEET विवाद के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की, फिर भी सरकार ने कोई ठोस सुधार नहीं किए।
केजरीवाल ने 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन का हवाला देते हुए सरकार को राजनीतिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 16 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित 'कॉकरोच जनता पार्टी' के आंदोलन मंच से केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की और शिक्षा सुधार के लिए अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक के संघर्ष को सलाम किया।

युवाओं के भरोसे पर चोट

केजरीवाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में बैठने वाला हर छात्र केवल प्रश्नपत्र हल करने नहीं जाता — वह अपने सपनों को साकार करने की उम्मीद लेकर परीक्षा केंद्र पहुँचता है। उन्होंने कहा कि छात्र यह विश्वास रखता है कि उसकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर उसका भविष्य तय होगा, लेकिन लगातार हो रहे पेपर लीक इस भरोसे की नींव को खोखला कर रहे हैं।

उन्होंने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह स्वयं IIT से पढ़े हैं और उनके बच्चों ने भी प्रतियोगी परीक्षाएँ दी हैं, लेकिन उस दौर में पेपर लीक के मामले सामने नहीं आते थे। उनके अनुसार, आज की स्थिति चिंताजनक है और इसका सीधा असर देश के युवाओं के मनोबल पर पड़ रहा है।

पेपर लीक पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। उन्होंने कहा कि हर बार जाँच, एफआईआर और गिरफ्तारियों की घोषणाएँ होती हैं, लेकिन आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं और अगले वर्ष वही कहानी दोहराई जाती है। उन्होंने दावा किया कि NEET विवाद के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की, फिर भी सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

सोनम वांगचुक को समर्थन

केजरीवाल ने शिक्षा सुधार की माँग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने की जिम्मेदारी वांगचुक जैसी क्रांतिकारी सोच वाले व्यक्ति को दी जानी चाहिए।

अन्ना आंदोलन का संदर्भ और राजनीतिक चेतावनी

केजरीवाल ने 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार ने भी जनभावनाओं को नजरअंदाज किया था और अंततः सत्ता से बाहर हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार युवाओं की माँगों और शिक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेती, तो उसे राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब NEET और अन्य परीक्षा विवादों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है।

आगे क्या

केजरीवाल ने माँग की कि सरकार युवाओं की आवाज सुने और परीक्षा प्रणाली में प्रभावी सुधार के लिए तत्काल कदम उठाए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग के साथ यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है, खासकर जब छात्र संगठन भी इस मुद्दे पर सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह अब केंद्र की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठा रहा है — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग राजनीतिक रूप से तीखी है, लेकिन असली सवाल यह है कि पेपर लीक रोकने के लिए कोई भी दल — केंद्र या राज्य — ठोस संस्थागत सुधार का खाका क्यों नहीं रख पाया।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पर क्यों पहुँचे?
केजरीवाल 16 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के आंदोलन में शामिल होने पहुँचे, जहाँ उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और शिक्षा सुधार के लिए अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को समर्थन दिया।
सोनम वांगचुक किस माँग को लेकर अनशन पर हैं?
सोनम वांगचुक शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की माँग को लेकर अनशन पर बैठे हैं। केजरीवाल ने उनके संघर्ष को देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए बताया और सुझाव दिया कि शिक्षा सुधार की जिम्मेदारी वांगचुक जैसे व्यक्ति को दी जानी चाहिए।
केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग क्यों की?
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार पेपर लीक होने के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव के लिए नई सोच और नई जिम्मेदारी की जरूरत है।
NEET विवाद और पेपर लीक पर केजरीवाल ने क्या कहा?
केजरीवाल ने दावा किया कि NEET विवाद के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की, लेकिन सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि हर बार जाँच और गिरफ्तारियाँ होती हैं, आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं और अगले वर्ष फिर वही घटनाएँ दोहराई जाती हैं।
केजरीवाल ने 2011 के अन्ना आंदोलन का जिक्र क्यों किया?
केजरीवाल ने 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन का उदाहरण देते हुए केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि जो सरकार जनभावनाओं को नजरअंदाज करती है, उसे राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने भी ऐसा ही किया था और बाद में सत्ता से बाहर हो गई।
राष्ट्र प्रेस
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