21 जुलाई 2026
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पेपर लीक पर केजरीवाल का हमला: 'अरबों-खरबों का धंधा', जनता से सड़कों पर उतरने का आह्वान

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पेपर लीक पर केजरीवाल का हमला: 'अरबों-खरबों का धंधा', जनता से सड़कों पर उतरने का आह्वान

सारांश

केजरीवाल का आरोप है कि पेपर लीक अरबों-खरबों का संगठित धंधा बन चुका है और केंद्र सरकार की नीयत ही खराब है। CBSE की ब्लैकलिस्टेड OSM कंपनी और NEET विवाद का हवाला देते हुए उन्होंने जनता से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 5 जून 2026 को वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार पर पेपर लीक में मिलीभगत का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि CBSE ने तेलंगाना में ब्लैकलिस्टेड OSM कंपनी को पूरे देश का ठेका दिया, जिसकी लापरवाही से 20 से अधिक छात्र जान गँवा चुके हैं।
NEET परीक्षा में पेपर सेटिंग के दौरान ही लीक होने का आरोप; सरकार के हवाई परिवहन प्रस्ताव को 'हास्यास्पद' बताया।
केजरीवाल का दावा — पंजाब में 4 वर्षों और दिल्ली में 10 वर्षों के AAP शासन में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।
OSM मामले में न FIR, न गिरफ्तारी; केवल CBSE अध्यक्ष का तबादला — केजरीवाल ने इसे 'नीयत का सवाल' बताया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 5 जून 2026 को केंद्र सरकार पर पेपर लीक मामलों में ढुलमुल रवैये का गंभीर आरोप लगाते हुए देशभर की जनता से सड़कों पर उतरकर आवाज़ बुलंद करने का आह्वान किया। नई दिल्ली से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि पेपर लीक अब एक संगठित और अरबों-खरबों का कारोबार बन चुका है, जिसमें बड़े और प्रभावशाली लोग शामिल हैं।

मुख्य आरोप और बयान

केजरीवाल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा, 'हर दो-तीन साल में पेपर लीक हो रहे हैं। यह धंधा बंद क्यों नहीं हो रहा? जब तक आप सब लोग सड़कों पर उतरकर सरकार को मजबूर नहीं करोगे, यह धंधा नहीं रुकेगा।' उन्होंने जनता से एकजुट होकर यह माँग करने को कहा — 'बस, अब और नहीं सहेंगे।'

CBSE और OSM कंपनी विवाद

केजरीवाल ने दो ठोस उदाहरणों के ज़रिये केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पहला मामला CBSE से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पेपर वितरण का ठेका OSM कंपनी को दिया, जिसे तेलंगाना में गड़बड़ियों के चलते पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। उन्होंने कहा कि उस कंपनी की लापरवाही के कारण तेलंगाना में 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की, फिर भी केंद्र सरकार ने उसे पूरे देश का ठेका दे दिया।

गौरतलब है कि इस मामले में न तो कंपनी के खिलाफ कोई FIR दर्ज हुई और न ही कोई गिरफ्तारी हुई। केजरीवाल के अनुसार, सरकार ने महज एक समिति बनाकर CBSE अध्यक्ष को दूसरे विभाग में स्थानांतरित कर दिया।

NEET परीक्षा पर सवाल

दूसरा उदाहरण NEET परीक्षा का देते हुए केजरीवाल ने कहा कि पेपर सेटिंग के दौरान ही लीक हो रहा है। उन्होंने सरकार के हवाई जहाज़ से प्रश्नपत्र परिवहन के प्रस्ताव को 'बेहद हास्यास्पद' करार दिया। उनके अनुसार, समस्या परिवहन में नहीं बल्कि पेपर तैयार करने की प्रक्रिया में ही है।

AAP शासित राज्यों से तुलना

केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में चार वर्षों के AAP शासन में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। इसी तरह दिल्ली में 10 वर्षों की उनकी सरकार के दौरान भी कोई ऐसी घटना नहीं हुई। उन्होंने इसे 'नीयत का सवाल' बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के हर पेपर में गड़बड़ी हो रही है।

आगे क्या

केजरीवाल ने चेतावनी दी कि जब तक जनता सड़कों पर नहीं उतरेगी और सरकार पर दबाव नहीं बनाएगी, यह व्यवस्था नहीं बदलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र-समुदाय में व्यापक रोष है। केजरीवाल के इस आह्वान के बाद आने वाले दिनों में AAP की ओर से संगठित विरोध-प्रदर्शनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक पर क्या कहा?
केजरीवाल ने कहा कि पेपर लीक अरबों-खरबों का संगठित धंधा बन चुका है और जब तक जनता सड़कों पर नहीं उतरेगी, यह नहीं रुकेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर जानबूझकर आँखें मूँदने का आरोप लगाया।
CBSE की OSM कंपनी विवाद क्या है?
केजरीवाल के अनुसार, OSM कंपनी को तेलंगाना में गड़बड़ियों के कारण ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था, जिसकी वजह से 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने उसे CBSE के पेपर वितरण का राष्ट्रीय ठेका दे दिया।
NEET पेपर लीक पर केजरीवाल की क्या राय है?
उन्होंने कहा कि NEET का पेपर सेटिंग के दौरान ही लीक हो रहा है और सरकार का हवाई जहाज़ से परिवहन का सुझाव समस्या की जड़ को नहीं समझता। उनके अनुसार, समाधान प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही में है।
AAP शासित राज्यों में पेपर लीक की स्थिति क्या है?
केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में चार वर्षों और दिल्ली में दस वर्षों के AAP शासन के दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने इसे 'नीयत के फर्क' से जोड़ा।
केजरीवाल ने जनता से क्या माँग की?
उन्होंने देशभर की जनता से एकजुट होकर सड़कों पर उतरने और सरकार को पेपर लीक रोकने के लिए मजबूर करने का आह्वान किया। उनका नारा था — 'बस, अब और नहीं सहेंगे।'
राष्ट्र प्रेस
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