पेपर लीक पर 'आप' का दोहरा रवैया: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल-सिसोदिया को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 27 जुलाई 2025 को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं पर तीखा हमला बोला और पार्टी पर पेपर लीक मामले में 'दोहरे रवैये' का आरोप लगाया। मल्होत्रा ने कहा कि जहाँ 'आप' ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की, वहीं पंजाब में उनकी अपनी सरकार के कार्यकाल में सामने आए हाईटेक नकल रैकेट पर पार्टी ने चुप्पी साध ली।
मुख्य आरोप और बयान
पत्रकारों से बात करते हुए मल्होत्रा ने कहा, 'दुर्भाग्य से, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे नेताओं का दोहरा रवैया सबके सामने है, जो इस आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे थे। सिर्फ 10 दिन पहले, जब पंजाब में फार्मास्युटिकल परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, तब वे देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग कर रहे थे।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सिसोदिया ने जंतर-मंतर पर कहा था कि यदि पंजाब में ऐसी घटना होती है तो 'आप' वहाँ के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री का इस्तीफा माँगेगी।
पंजाब नकल रैकेट का मामला
19 जुलाई को पंजाब पुलिस और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) की फ्लाइंग स्क्वाड ने फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के दौरान एक हाईटेक अंतरराज्यीय नकल रैकेट का पर्दाफाश किया था। मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने छात्रों के साथ कथित तौर पर बेरहमी से पेश आई और छात्रों को गंभीर चोटें आईं, फिर भी 'आप' नेतृत्व की ओर से कोई बयान नहीं आया।
दिल्ली आंदोलन और उसकी वापसी
दिल्ली में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा सभी माँगें मान लिए जाने के बाद शनिवार को वापस ले लिया गया। मल्होत्रा ने कहा कि कुछ 'शरारती तत्वों' ने इस आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश की, जिसे उन्होंने 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी युवाओं और छात्रों के मुद्दों के प्रति संवेदनशील हैं। छात्रों के साथ बातचीत के बाद उनकी चिंताओं का समाधान निकाला गया।'
मन की बात और मोदी की सराहना
दिल्ली भाजपा प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 136वें एपिसोड का भी उल्लेख किया और उन्हें एकमात्र ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में सराहा जो हर महीने नागरिकों से सीधा संवाद करते हैं। मल्होत्रा ने कहा, 'प्रधानमंत्री न तो राजनीति की बात करते हैं और न ही इस बारे में बात करते हैं कि सरकार ने क्या किया है। उनका मानना है कि देश की प्रगति और विकास 140 करोड़ लोगों की भागीदारी से हो रहा है।'
आगे क्या
मल्होत्रा की इस चुनौती के बाद यह देखना अहम होगा कि 'आप' पंजाब पेपर लीक मामले में अपने ही बयानों के अनुरूप कोई कार्रवाई करती है या नहीं। यह विवाद पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक जवाबदेही की बहस को और तेज़ करने वाला है।