पंजाब भाजपा का आरोप: पेपर लीक में मंत्रियों को बचा रही 'आप' सरकार, ढिल्लों ने माँगा इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 27 जुलाई 2025 को चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) की मान सरकार पर पेपर लीक और परीक्षा में नकल के मामलों में अपने मंत्रियों को बचाने का आरोप लगाया। ढिल्लों के अनुसार, यह संरक्षण भ्रष्टाचार और बेईमानी को बढ़ावा देने का 'स्पष्ट सबूत' है।
मुख्य आरोप और माँगें
ढिल्लों ने माँग की कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस दोनों तत्काल नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि केवल नकल में सहायता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करके सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।
भाजपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, जिन्होंने कभी दिल्ली में युवाओं को पेपर लीक के विरुद्ध प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया था, अब पंजाब में इसी मुद्दे पर 'पूरी तरह चुप' हैं।
फरीदकोट और बठिंडा के मामले
फरीदकोट में फार्मेसी परीक्षा में नकल के मामले का हवाला देते हुए ढिल्लों ने कहा कि सैकड़ों छात्रों का भविष्य दाँव पर लग गया है। उन्होंने बठिंडा में ग्रुप-बी पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि छह महीने बीत जाने के बाद भी जाँच किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच पाई है।
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पेपर लीक के मामलों ने शिक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से तुलना
ढिल्लों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने पद से ऊपर छात्रों के भविष्य और नैतिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, प्रधान के कार्यकाल में शिक्षा प्रणाली में कई महत्त्वपूर्ण बदलाव किए गए, जिन्हें याद रखा जाएगा। इसके विपरीत, पंजाब के मंत्री नैतिक जवाबदेही से बच रहे हैं।
AAP पर व्यापक आरोप
ढिल्लों ने आरोप लगाया कि 'ईमानदार राजनीति' का दावा करने वाली AAP सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और भर्ती घोटालों की घटनाएँ लगातार बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा अब राज्य सरकार से जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि AAP सरकार इन आरोपों का जवाब कैसे देती है और जाँच एजेंसियाँ बठिंडा व फरीदकोट मामलों में क्या कार्रवाई करती हैं।