पंजाब पेपर लीक: BJP नेता मनजिंदर सिरसा ने शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा माँगा, AAP पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 26 जुलाई को पंजाब में कथित डी फार्मेसी पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का तत्काल इस्तीफा माँगते हुए AAP नेतृत्व पर जवाबदेही से भागने का आरोप लगाया।
मुख्य आरोप और माँग
सिरसा ने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि AAP नेता मनीष सिसोदिया ने पहले सार्वजनिक रूप से यह वचन दिया था कि सरकार में पेपर लीक होने पर संबंधित मंत्री का इस्तीफा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जब AAP के एक अन्य नेता अभिजीत दीपके से पूछा गया, तो उन्होंने स्वीकार किया कि पंजाब पेपर लीक मामले में भी इस्तीफा होना चाहिए। सिरसा ने कहा, 'बच्चों के नाम पर नौटंकी करने वाली पार्टी आज अपने मंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा नहीं ले रही है।'
AAP पर सीधा निशाना
सिरसा ने आरोप लगाया कि जो AAP नेता कभी छात्र आंदोलनों में सबसे आगे रहते थे, वे अब इस मामले में कहीं नज़र नहीं आ रहे। उन्होंने कहा, 'आम आदमी पार्टी, जो हमेशा अपनी गंदी राजनीति के लिए लोगों को नुकसान पहुंचाती है — जो लोग आंदोलनों का नेतृत्व करते थे और बड़े-बड़े दावे करते थे, वे आज कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि यह पार्टी कितनी बेईमान और धोखेबाज है।' उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी निशाना साधा और कहा कि वे भी अपने मंत्री का इस्तीफा लेने में असमर्थ रहेंगे।
पेपर लीक की पृष्ठभूमि
कथित तौर पर पंजाब में डी फार्मेसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ, जिसके लिए लाखों रुपये में पेपर बेचे जाने के आरोप लगे हैं। इस मामले ने राज्य में हज़ारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। विपक्षी दलों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही की माँग की है। गौरतलब है कि पेपर लीक का मुद्दा देशभर में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर उठते सवालों की पृष्ठभूमि में आया है।
AAP सरकार की स्थिति
आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार को इस विवाद में राजनीतिक विरोधियों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। आलोचकों का कहना है कि AAP ने जिस पारदर्शिता और जवाबदेही का वादा किया था, वह इस मामले में दिखाई नहीं दे रही। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
यह राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि विपक्षी दल इस मामले को लेकर पंजाब सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया और संभावित न्यायिक या प्रशासनिक जाँच की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी हैं।