पंजाब में 4 साल में 6 पेपर लीक: विपक्षी सांसदों ने शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा माँगा, CM मान पर निशाना
सारांश
मुख्य बातें
संसद में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने 29 जुलाई को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर पेपर लीक मामलों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के तत्काल इस्तीफे की माँग की। विपक्षी नेताओं का कहना है कि AAP सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में पंजाब में 6 पेपर लीक की घटनाएँ हो चुकी हैं, फिर भी मुख्यमंत्री भगवंत मान इन्हें स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं।
मुख्य आरोप और माँगें
कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी ने कहा कि देशभर में पेपर लीक की घटनाएँ लगातार जारी हैं और पिछले 15 वर्षों में 150 से अधिक ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। उनका आरोप है कि दोषियों के विरुद्ध न तो प्रभावी गिरफ्तारी हुई और न ही कड़ी सजा मिली, जिससे ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पाया। उन्होंने पंजाब सरकार पर विशेष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में हजारों विद्यार्थियों का भविष्य इन लीक के कारण अंधकार में चला गया है।
गांधी ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार पेपर लीक की घटनाओं को गंभीरता से लेने के बजाय उनसे ही इनकार कर रही है, जबकि इससे जुड़े अनेक मामले पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री बैंस के इस्तीफे और सभी मामलों की निष्पक्ष जाँच की माँग दोहराई।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने सवाल उठाया कि 4 साल में 6 पेपर लीक होने के बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान यह क्यों नहीं कह रहे कि इस पर कार्रवाई होगी। वारिंग के अनुसार, मान उल्टे यह दावा कर रहे हैं कि कोई पेपर लीक हुआ ही नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब छात्र विरोध-प्रदर्शन करेंगे, तो सरकार उन पर तोड़फोड़ का आरोप लगाएगी। वारिंग ने माँग की कि CM भगवंत मान सार्वजनिक रूप से माफी माँगें और शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें।
अन्य विपक्षी दलों की आवाज़
राजद सांसद मनोज कुमार झा ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों के संदर्भ में कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी स्वयं कई तथ्यों की पुष्टि करती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में किसी भी तथ्य को लंबे समय तक दबाना संभव नहीं है।
TMC सांसद सौगत राय ने कहा कि विपक्ष ने सदन में पूरी गंभीरता के साथ चर्चा में भाग लिया। उन्होंने बताया कि गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों और कमियों पर विस्तार से अपनी बात रखी। राय ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सवालों को नज़रअंदाज़ कर रही है और संसद में उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।
आगे क्या होगा
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की नज़र है। विपक्षी दलों ने संकेत दिया है कि यदि राज्य सरकार ने निष्पक्ष जाँच नहीं कराई, तो वे संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह दबाव जारी रखेंगे। छात्र संगठनों के आंदोलन तेज़ होने की भी आशंका जताई जा रही है।