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पंजाब विधानसभा ने पेपर लीक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया, भगवंत मान ने केंद्र को घेरा

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पंजाब विधानसभा ने पेपर लीक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया, भगवंत मान ने केंद्र को घेरा

सारांश

पंजाब विधानसभा ने देश भर में बार-बार हो रहे पेपर लीक की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया। CM भगवंत मान ने 2014 से 93 पेपर लीक का हवाला देते हुए केंद्र को घेरा और प्रस्ताव PMO, शिक्षा व गृह मंत्रालय को भेजने की घोषणा की। कांग्रेस ने वॉकआउट किया।

मुख्य बातें

पंजाब विधानसभा ने 3 अगस्त को पेपर लीक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया।
CM भगवंत मान के अनुसार 2014 से अब तक देश में 93 बार पेपर लीक हो चुके हैं; 2019–2024 के बीच 65 मामले।
नीट विवाद के बाद कथित तौर पर 22 उम्मीदवारों ने आत्महत्या की।
प्रस्ताव PMO , केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बहस के दौरान सदन से वॉकआउट किया।

पंजाब विधानसभा ने सोमवार, 3 अगस्त को देश भर में बार-बार हो रहे पेपर लीक की कड़ी निंदा करते हुए एक प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया। चंडीगढ़ में आयोजित सदन की इस बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

प्रस्ताव में क्या है

पारित निंदा प्रस्ताव को पंजाब सरकार प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगी। इसमें केंद्र से पेपर लीक रोकने और देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया गया है।

मुख्यमंत्री मान के प्रमुख आरोप

सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 2014 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने के बाद से देश में 93 बार पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 2019 और 2024 के बीच इनकी संख्या 65 रही, और अधिकांश मामले राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा मध्य प्रदेश में भाजपा शासन के दौरान सामने आए।

मान ने यह भी कहा कि नीट परीक्षा विवाद के बाद 22 उम्मीदवारों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली — जो इस संकट की मानवीय कीमत को रेखांकित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय माँगने वाले छात्रों पर आंसू गैस, पैलेट गन और पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया, जबकि दुनिया भर में पैलेट गन पर रोक है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

मुख्य विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने प्रस्ताव पर बहस के दौरान सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस ने इस कदम पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया, लेकिन उसके वॉकआउट को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीतिक रणनीति पर असहमति के रूप में देखा जा रहा है।

सीबीआई जाँच और जवाबदेही पर सवाल

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि हर बार केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जाँच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन किसी को भी दोषी नहीं ठहराया जाता। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षाएँ सुचारू रूप से कराने के लिए रक्षा सेवाओं की मदद लेना शिक्षा व्यवस्था की विफलता को उजागर करता है।

आगे क्या होगा

पंजाब सरकार यह प्रस्ताव केंद्र को भेजने के बाद उसके जवाब की प्रतीक्षा करेगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्र आंदोलन जारी है और केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यावहारिक दृष्टि से इसकी सीमाएँ स्पष्ट हैं — केंद्र सरकार राज्य विधानसभा के निंदा प्रस्ताव को मानने के लिए बाध्य नहीं है। गौरतलब है कि कांग्रेस का वॉकआउट यह भी संकेत देता है कि विपक्ष के भीतर भी इस मुद्दे पर राजनीतिक एकजुटता नहीं है, जबकि छात्र आंदोलन दलगत सीमाओं से परे है। CM मान द्वारा उद्धृत '93 पेपर लीक' का आँकड़ा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो पाया है, और इसे केवल सरकारी बयान के रूप में लिया जाना चाहिए। असली सवाल यह है कि क्या यह प्रस्ताव छात्रों के लिए ठोस नीतिगत बदलाव की शुरुआत करेगा, या चुनावी मौसम में एक और राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब विधानसभा ने पेपर लीक के खिलाफ क्या प्रस्ताव पास किया?
पंजाब विधानसभा ने 3 अगस्त को देश भर में बार-बार हो रहे पेपर लीक की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया। इसे प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।
CM भगवंत मान ने पेपर लीक को लेकर क्या आँकड़े दिए?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में कहा कि 2014 से अब तक देश में 93 बार पेपर लीक हो चुके हैं, जिनमें से 65 मामले 2019 से 2024 के बीच सामने आए। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामले भाजपा शासित राज्यों में हुए।
कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा में पेपर लीक प्रस्ताव पर वॉकआउट क्यों किया?
कांग्रेस ने प्रस्ताव पर बहस के दौरान सदन से वॉकआउट किया, हालाँकि उसने इस पर विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं दिया। इसे AAP सरकार की राजनीतिक रणनीति से असहमति के रूप में देखा जा रहा है।
नीट पेपर लीक से कितने उम्मीदवार प्रभावित हुए?
CM मान ने सदन में कहा कि नीट परीक्षा विवाद के बाद कथित तौर पर 22 उम्मीदवारों ने आत्महत्या कर ली। पेपर लीक से करोड़ों छात्रों की परीक्षाएँ और भविष्य प्रभावित हुए हैं।
पंजाब सरकार इस प्रस्ताव के बाद आगे क्या करेगी?
पंजाब सरकार यह निंदा प्रस्ताव PMO, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय को भेजेगी और केंद्र से पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह करेगी। हालाँकि, केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मानने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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