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पंजाब में साढ़े चार साल में एक भी पेपर लीक नहीं: CM भगवंत मान का विपक्ष पर पलटवार

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पंजाब में साढ़े चार साल में एक भी पेपर लीक नहीं: CM भगवंत मान का विपक्ष पर पलटवार

सारांश

पंजाब के CM भगवंत मान ने नई दिल्ली में दावा किया कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ और 68,855 नौकरियाँ केवल मेरिट पर दी गईं। फार्मेसी परीक्षा नकल मामले में 21 गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए उन्होंने BJP, कांग्रेस और अकाली दल पर पंजाब की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

CM भगवंत मान ने दावा किया कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब में एक भी परीक्षा पेपर लीक नहीं हुआ।
सरकार ने बिना सिफारिश व नकद लेन-देन के, केवल मेरिट आधार पर 68,855 सरकारी नौकरियाँ दीं।
फार्मेसी परीक्षा में नकल के मामले में पंजाब पुलिस ने 10 अभ्यर्थियों और 11 सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया।
मान ने स्पष्ट किया कि यह पेपर लीक नहीं, बल्कि नकल की कोशिश थी जिसे परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट के भीतर नाकाम कर दिया गया।
BJP, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर पंजाब की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए मान ने तीनों को पहले अपना घर ठीक करने की सलाह दी।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब में एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और शिरोमणि अकाली दल पर आरोप लगाया कि ये दल झूठे पेपर लीक के आरोपों के ज़रिए पंजाब और उसके मेहनती युवाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।

संसद दौरे में मिले नेताओं से

मुख्यमंत्री मान संसद के दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य सांसदों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि नेताओं को आपस में मिलते-जुलते और संवाद करते रहना चाहिए। उनके अनुसार, 'राजनीति में विचारधारा का अंतर स्वाभाविक है, लेकिन उसे कभी दिल का अंतर नहीं बनना चाहिए।'

मेरिट आधारित भर्ती का दावा

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी सिफारिश, बिना किसी नकद लेन-देन और बिना किसी पेपर लीक के, केवल मेरिट के आधार पर 68,855 सरकारी नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने इसे 'नो कैश, नो फर्माइश' सिद्धांत का व्यावहारिक उदाहरण बताया। गौरतलब है कि पंजाब में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का यह दावा आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया जाता रहा है।

फार्मेसी परीक्षा में नकल का मामला

मान ने स्वीकार किया कि हाल ही में फार्मेसी परीक्षा के दौरान नकल का एक मामला सामने आया था। उनके अनुसार परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई और 11:15 बजे तक अधिकारियों को पता चल गया कि एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ-युक्त पेन से प्रश्नपत्र स्कैन कर बाहर बैठे लोगों से इयरपीस के ज़रिए उत्तर ले रहा था। पंजाब पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10 अभ्यर्थियों और बाहर से संचालन कर रहे 11 लोगों के गिरोह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मान ने ज़ोर देकर कहा कि यह पेपर लीक नहीं, बल्कि नकल की कोशिश थी जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया और परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की माँग पर जवाब

विपक्ष की ओर से स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की माँग पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फार्मेसी परीक्षा शिक्षा विभाग के अंतर्गत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ। उनके अनुसार, 'पंजाब में पेपर लीक नहीं हो सकता।'

विपक्ष पर तीखा प्रहार

शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि पंजाब में अकाली दल की अब कोई राजनीतिक हैसियत नहीं रही। BJP को लेकर उन्होंने कहा कि संसद के बाहर प्रदर्शन करने से पहले उन्हें जंतर-मंतर पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तीनों विपक्षी दलों — BJP, कांग्रेस और अकाली दल — को सलाह दी कि वे अपनी पार्टियों के भीतर की समस्याओं पर पहले ध्यान दें। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं और भर्ती पारदर्शिता एक केंद्रीय चुनावी मुद्दा बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन फार्मेसी परीक्षा नकल प्रकरण यह भी दर्शाता है कि निगरानी तंत्र की परीक्षा हो रही है। असली सवाल यह है कि 68,855 नौकरियों के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किसने की — क्योंकि बिना सत्यापन-योग्य डेटा के, यह आँकड़ा भी उन्हीं चुनावी वादों की श्रेणी में आता है जिनकी आलोचना मान स्वयं विपक्ष पर करते हैं। पंजाब में अगले चुनाव की आहट के साथ, भर्ती पारदर्शिता का यह आख्यान AAP की सबसे बड़ी ढाल भी है और सबसे बड़ी परीक्षा भी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM भगवंत मान का पेपर लीक को लेकर क्या दावा है?
CM भगवंत मान ने 28 जुलाई 2026 को दावा किया कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब में एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने इसे अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।
पंजाब फार्मेसी परीक्षा नकल मामले में क्या हुआ?
फार्मेसी परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई और 11:15 बजे तक अधिकारियों को पता चला कि एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ-युक्त पेन से प्रश्नपत्र स्कैन कर बाहर बैठे लोगों से इयरपीस के ज़रिए उत्तर ले रहा था। पंजाब पुलिस ने 10 अभ्यर्थियों और 11 सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पंजाब में मेरिट आधार पर कितनी सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं?
CM मान के अनुसार उनकी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या नकद लेन-देन के, केवल मेरिट के आधार पर 68,855 सरकारी नौकरियाँ दी हैं। यह दावा उन्होंने नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान किया।
विपक्ष के स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की माँग पर मान ने क्या कहा?
मान ने स्पष्ट किया कि फार्मेसी परीक्षा शिक्षा विभाग के नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ और परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
भगवंत मान ने BJP, कांग्रेस और अकाली दल पर क्या आरोप लगाए?
मान ने आरोप लगाया कि ये तीनों दल झूठे पेपर लीक के आरोपों के ज़रिए पंजाब और यहाँ के युवाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तीनों को सलाह दी कि वे पहले अपनी पार्टियों के भीतर की समस्याओं को सुलझाएँ।
राष्ट्र प्रेस
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