भगवंत मान का कांग्रेस पर तंज: 'पंजाब नहीं, कुर्सी की लड़ाई में व्यस्त है पार्टी'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार, 3 अगस्त को चंडीगढ़ में कांग्रेस की अंदरुनी कलह पर तीखा प्रहार किया और कहा कि पार्टी पदों की छीना-झपटी में इतनी उलझी है कि उसे पंजाब के हितों की कोई परवाह नहीं रह गई है।
मुख्य बयान और आरोप
मान ने एक खास बातचीत में कहा, 'कांग्रेस को उनकी चल रही लड़ाई के लिए शुभकामनाएं। वे पदों और कुर्सियों के लिए लड़ते रहते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में पहले भी एक 'रेट लिस्ट' कथित तौर पर चलती थी, जिसमें मुख्यमंत्री पद के लिए ₹500 करोड़ तय थे और अन्य मंत्री पदों के लिए अलग-अलग रकम निर्धारित थी। मान ने यह भी कहा कि कांग्रेस 'नेताओं के बजाय डीलर' पैदा कर रही है।
बघेल विवाद और क्षेत्रीय संघर्ष
मान ने भूपेश बघेल के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि बघेल को उनकी अपनी पार्टी ने नियुक्त किया था, लेकिन अब कांग्रेस उन्हें स्वीकार भी नहीं कर रही। उन्होंने कहा, 'वापस जाओ, बघेल' के पोस्टर लगाए गए थे।' मान ने यह भी दावा किया कि संगरूर, बरनाला और मानसा में कांग्रेस नेता आपस में ही लड़े और फिर भी उन पर यह आरोप मढ़ा जाता है कि वे वहाँ लोगों को भेज रहे हैं।
पेपर लीक और भाजपा पर पलटवार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर उनकी सरकार की छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'भाजपा अभी भी पहले हुई घटनाओं से उबर नहीं पाई है। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि 'जेन-जी' इतने बड़े पैमाने पर विरोध करेगा, और अरविंद केजरीवाल ने उनका समर्थन किया। सोनम वांगचुक भी वहाँ थे।' मान ने बताया कि जो मामला सामने आया था वह केवल डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़ा था और उसमें शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा चुकी है।
विधानसभा चुनाव पर संकेत
जब मान से पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने संक्षिप्त लेकिन तीखा जवाब दिया — 'देखते हैं कौन-कौन हारता है।' यह टिप्पणी आगामी चुनावी मुकाबले को लेकर उनके आत्मविश्वास को दर्शाती है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2022 में कांग्रेस को बड़े अंतर से हराकर पंजाब में सत्ता हासिल की थी, और अब दोनों दल अगले चुनाव की तैयारी में हैं।