क्या पिछली सरकारों ने मिलकर पंजाब को दशकों तक लूटा?
सारांश
Key Takeaways
- पूर्व सरकारों पर गंभीर आरोप
- नए कॉलेज का नाम विद्वान बाबा गमचुक जी रखा जाएगा
- पंजाब के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसर
- राज्य सरकार का विकास योजनाओं पर ध्यान
- पार्टी कलह की स्थिति
चंडीगढ़, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को अमृतसर जिले के अजनाला में 15 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले सरकारी डिग्री कॉलेज की आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल समेत पिछली सरकारों ने मिलकर दशकों तक पंजाब को लूटा है। उन्होंने कहा कि यहां की संस्थाओं को खोखला कर दिया गया है और पीढ़ियों के युवाओं को अवसरों की तलाश में विदेश जाने के लिए मजबूर किया गया है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि नए कॉलेज का नाम विद्वान बाबा गमचुक जी के नाम पर रखा जाएगा।
एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि इन पार्टियों के बीच आंतरिक कलह अपने चरम पर है, क्योंकि उनके पास जनता के कल्याण के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है। वे केवल जनता और राज्य के संसाधनों को लूटने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे क्योंकि पंजाब की जनता समझदार और साहसी है, और वे ऐसे नेताओं के छलपूर्ण चरित्र को समझते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाबी इन ताकतों को उनके नापाक मंसूबों में कभी सफल नहीं होने देंगे।
लोगों से अवसरवादी और सत्ता के भूखे नेताओं से सावधान रहने का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पारंपरिक दलों का एकमात्र उद्देश्य पंजाब और उसकी जनता का शोषण करना है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि इन दलों को पूरी तरह से नकारना समय की मांग है ताकि राज्य सरकार के 'रंगला पंजाब' के निर्माण के प्रयास सफल हो सकें। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नए आम आदमी क्लीनिक, स्कूल, कॉलेज खोलकर और अन्य जन-केंद्रित पहलों को लागू करके विकास को गति देने के लिए अथक प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर शुरू की गई परियोजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बिकराउर गांव में एक महाविद्यालय की आधारशिला रखी गई है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह महाविद्यालय सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को उनके घर के पास ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा। 15 एकड़ भूमि पर इस संस्थान के निर्माण में 15 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने परियोजना के लिए भूमि दान करने के लिए बिकराउर पंचायत और निवासियों का आभार व्यक्त किया।