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भगवंत मान का पेपर लीक आरोपों से इनकार, बोले — 'साढ़े चार साल में एक भी लीक नहीं'

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भगवंत मान का पेपर लीक आरोपों से इनकार, बोले — 'साढ़े चार साल में एक भी लीक नहीं'

सारांश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेपर लीक के आरोपों को नकारते हुए इसे तकनीकी नकल का मामला बताया और 21 गिरफ्तारियों का हवाला दिया। कांग्रेस और स्वाति मालीवाल ने चार साल में छह लीक का दावा करते हुए मंत्री के इस्तीफे की माँग की — यह विवाद राष्ट्रीय परीक्षा पारदर्शिता बहस के बीच और तीखा हो गया है।

मुख्य बातें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 28 जुलाई को पेपर लीक के सभी आरोपों को खारिज किया।
फार्मेसी परीक्षा में ब्लूटूथ-इनेबल्ड पेन से नकल के मामले में पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया।
मान के अनुसार साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ; 68,855 नौकरियाँ मेरिट आधार पर दी गईं।
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में छह पेपर लीक हुए हैं।
राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने संसद परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फार्मेसी परीक्षा शिक्षा विभाग नहीं, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आती है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 28 जुलाई को पेपर लीक के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में राज्य में एक भी परीक्षा पत्र लीक नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में सामने आया मामला पेपर लीक नहीं, बल्कि तकनीकी उपकरणों की मदद से की गई नकल का मामला था, जिसमें पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 21 लोगों को गिरफ्तार किया।

मुख्यमंत्री का पक्ष: नकल और लीक में फर्क

मुख्यमंत्री मान ने विस्तार से बताया कि फार्मेसी परीक्षा के दौरान सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू होने के महज 15 मिनट बाद ही खुफिया तंत्र को सूचना मिली कि एक छात्र ब्लूटूथ-इनेबल्ड पेन के जरिए प्रश्नपत्र स्कैन कर बाहर बैठे व्यक्ति से हेडफोन के माध्यम से उत्तर ले रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तत्काल 10 छात्रों और बाहर से संचालित 11 सदस्यों के गिरोह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और परीक्षा निर्बाध रूप से संपन्न हुई।

मान ने यह भी रेखांकित किया कि पंजाब में अब तक 68,855 सरकारी नौकरियाँ बिना एक रुपये की रिश्वत लिए, केवल मेरिट के आधार पर दी गई हैं। उन्होंने कहा, 'पंजाब में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार अब पुरानी बातें हो चुकी हैं।'

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर सफाई

विपक्ष की ओर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फार्मेसी परीक्षा शिक्षा विभाग के अंतर्गत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अधीन आती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री पहले ही सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर चुके हैं कि यह पेपर लीक का मामला नहीं था।

विपक्ष के तीखे आरोप

दूसरी ओर, पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में छह परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं और इसकी जिम्मेदारी सीधे मुख्यमंत्री पर है। उन्होंने माँग की कि मुख्यमंत्री युवाओं से माफी माँगें और संबंधित मंत्री का इस्तीफा लें।

राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने 28 जुलाई को संसद परिसर के बाहर अन्य सांसदों के साथ विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की। उन्होंने पंजाब में कथित तौर पर छह पेपर लीक होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत आरोप भी लगाए।

आम आदमी पार्टी का पलटवार

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि संसद परिसर में बेवजह नारेबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात में पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं, फिर भी उन पर कोई विरोध प्रदर्शन नहीं होता।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से छात्र समुदाय और विपक्षी दल राज्य सरकारों पर भी जवाबदेही तय करने के लिए दबाव बना रहे हैं। पंजाब सरकार पर यह दबाव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परीक्षा की निष्पक्षता से समझौता हुआ यह निर्विवाद है। विपक्ष का 'छह लीक' का दावा सत्यापित नहीं है, लेकिन सरकार ने भी कोई श्वेत पत्र या स्वतंत्र जाँच का प्रस्ताव नहीं दिया। राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा पारदर्शिता का मुद्दा जब इतना संवेदनशील हो, तब पंजाब सरकार का केवल गिरफ्तारियों का हवाला देकर मामला बंद करना पर्याप्त नहीं। छात्रों का भरोसा जीतने के लिए ठोस संस्थागत सुधार की आवश्यकता है, न कि राजनीतिक बयानबाजी की।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान ने पेपर लीक के आरोपों को क्यों खारिज किया?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि फार्मेसी परीक्षा में जो मामला सामने आया वह पेपर लीक नहीं, बल्कि ब्लूटूथ-इनेबल्ड पेन से की गई तकनीकी नकल था। उन्होंने दावा किया कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।
पंजाब फार्मेसी परीक्षा में नकल के मामले में क्या हुआ?
28 जुलाई को हुई फार्मेसी परीक्षा में एक छात्र ब्लूटूथ-इनेबल्ड पेन से प्रश्नपत्र स्कैन कर बाहर बैठे व्यक्ति से हेडफोन के जरिए उत्तर ले रहा था। परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट के भीतर पुलिस ने 10 छात्रों और 11 सदस्यों के बाहरी गिरोह को गिरफ्तार कर लिया।
स्वाति मालीवाल ने संसद में क्या माँग की?
राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने 28 जुलाई को संसद परिसर के बाहर अन्य सांसदों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पंजाब में कथित तौर पर छह पेपर लीक होने का दावा करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की।
कांग्रेस ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में छह परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से माफी माँगने और संबंधित मंत्री का इस्तीफा लेने की माँग की।
पंजाब में फार्मेसी परीक्षा किस विभाग के अंतर्गत आती है?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि फार्मेसी परीक्षा शिक्षा विभाग नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आती है। इसीलिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को उन्होंने अप्रासंगिक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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