पंजाब में पेपर लीक और दलित लाठीचार्ज पर मजीठिया का मान सरकार पर हमला, CBI जांच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने 31 जुलाई 2026 को पंजाब की भगवंत मान सरकार पर तीखा प्रहार किया — भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, बरनाला में दलित सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज और चुनावी वादों से पलटने के आरोप लगाते हुए। उन्होंने माँग की कि इन मामलों की जाँच CBI या उच्च न्यायालय की निगरानी में हो।
पेपर लीक: मान सरकार के दावों पर सवाल
मजीठिया ने कहा कि मेरिट और पारदर्शिता का संकट अब केवल राष्ट्रीय स्तर की NEET परीक्षा तक सीमित नहीं है — पंजाब में भी यह गंभीर रूप ले चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) का यह दावा झूठा है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, "मान सरकार ने राष्ट्रीय मीडिया के सामने झूठ बोला है। 2023 में खुद इन्होंने पेपर लीक पर एक पोस्ट किया था — तो अब इनकार कैसे?"
मुख्य घटनाक्रम: दो परीक्षाओं पर विवाद
21 दिसंबर 2025 को आयोजित पंजाब ग्रुप 'बी' भर्ती परीक्षा में करीब एक लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। विजिलेंस ब्यूरो पेपर लीक और नकल के आरोपों की जाँच कर रहा है। इसके अलावा 2026 की फार्मेसी भर्ती परीक्षा — जिसमें करीब 7,000 उम्मीदवार शामिल हुए — को लेकर भी विरोध-प्रदर्शन जारी हैं।
मजीठिया के अनुसार, इस परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के ज़रिये प्रश्न-पत्र बाहर भेजे गए, उन्हें हल कर उत्तर वापस उम्मीदवारों तक पहुँचाए गए — यह तब भी हुआ जब प्रत्येक केंद्र पर केवल 200-300 उम्मीदवार थे।
बरनाला लाठीचार्ज: दलितों पर बल प्रयोग का आरोप
अकाली नेता ने बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी अरविंद केजरीवाल द्वारा दी गई उस गारंटी की याद दिला रहे थे, जिसमें अस्थायी कर्मचारियों को नियमित कर पक्की नौकरी देने का वादा किया गया था।
मजीठिया ने कहा, "एक महिला शांतिपूर्वक विरोध कर रही थी और एक DSP उसके सिर पर लाठी मारते दिखाई दिया। किसी पुरुष पुलिस कॉन्स्टेबल को उस पर बल प्रयोग करने का कोई अधिकार नहीं था। जो लोग गारंटी देकर सत्ता में आए, आज वही उनसे सवाल पूछने वालों पर लाठियाँ बरसा रहे हैं।" उन्होंने घोषणा की कि शिरोमणि अकाली दल इस मुद्दे पर सड़कों पर उतरेगा।
राष्ट्रीय आयोग का संज्ञान
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (National Commission for Scheduled Castes) ने बरनाला लाठीचार्ज मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब के DGP को तलब किया है। मजीठिया ने इसे सरकार की विफलता का प्रमाण बताया।
क्या होगा आगे
मजीठिया ने माँग की कि पेपर लीक और नकल के सभी मामलों की जाँच CBI या पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए, ताकि दोषियों को सज़ा मिले और छात्रों का भरोसा बहाल हो। शिरोमणि अकाली दल ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन तेज़ किए जाएँगे।