24 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: विपक्ष का सरकार पर हमला — इंटरनेट बंदी, लाठीचार्ज और छात्रों के भविष्य पर सवाल

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नीट पेपर लीक: विपक्ष का सरकार पर हमला — इंटरनेट बंदी, लाठीचार्ज और छात्रों के भविष्य पर सवाल

सारांश

नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर विपक्ष एकजुट हुआ — TMC, कांग्रेस, सपा और RJD ने इंटरनेट बंदी, लाठीचार्ज और संवाद की कमी पर सरकार को घेरा। 65 सांसदों ने ज्ञापन सौंपा, लेकिन छात्रों का संघर्ष जारी है।

मुख्य बातें

नीट पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन पर 24 जुलाई को विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
TMC सांसद मेनका गुरुस्वामी ने सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट सेवा बाधित किए जाने की आलोचना की।
बरनाला में लाठीचार्ज के बाद 15 महिला सफाई कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया; कांग्रेस ने एफआईआर की माँग की।
65 सांसदों ने ज्ञापन सौंपकर अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन आंदोलन जारी रहा।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के अनुसार लाखों छात्र एक माह से प्रदर्शन कर रहे हैं।
RJD सांसद सुधाकर सिंह ने नीट, बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर संसद में बहस की माँग की।

नई दिल्ली में 24 जुलाई को विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला, जब नीट पेपर लीक विवाद और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को लेकर संसद के बाहर और भीतर दोनों जगह आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में इंटरनेट सेवा बाधित किए जाने, दिल्ली पुलिस की कथित लाठीचार्ज और प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बर्ताव को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की।

इंटरनेट बंदी पर तृणमूल का हमला

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद मेनका गुरुस्वामी ने सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट सेवा बाधित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, 'क्या सरकार इतनी डरी हुई है कि उसे लगता है कि इंटरनेट बंद करने से विरोध प्रदर्शन खत्म हो जाएंगे? छात्रों से छीना गया भविष्य इंटरनेट बंद करने से वापस नहीं आएगा।' गुरुस्वामी ने इसे देश के लिए दुखद क्षण बताया और कहा कि परीक्षा पेपर लीक तथा बेरोज़गारी को लेकर छात्रों की शिकायतें जायज हैं। उनका आरोप था कि संवाद की जगह सरकार ने दिल्ली पुलिस को छात्रों के खिलाफ खड़ा कर दिया।

कांग्रेस की दोहरी चुनौती

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आम आदमी पार्टी (AAP) और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि बरनाला में स्थायीकरण की मांग कर रहे सफाई कर्मियों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसके चलते 15 महिला सफाई कर्मचारियों को सिर में चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने मांग की कि हमले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। वडिंग ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में सहानुभूति जता रहे हैं, लेकिन पंजाब में उनकी सरकार के तहत महिला कर्मचारियों पर बल प्रयोग किया जा रहा है।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसा माहौल बनाए जिसमें विपक्ष अपनी बात रख सके। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने की बजाय सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

सांसदों की छात्र नेताओं से मुलाकात

कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने बताया कि विपक्षी सांसदों ने छात्र आंदोलन के सिलसिले में सोनम वांगचुक समेत अन्य प्रमुख लोगों से मुलाकात की। उनके अनुसार, 65 सांसदों ने ज्ञापन सौंपकर अनशन समाप्त करने की अपील की थी, लेकिन छात्रों और आंदोलनकारियों का संघर्ष जारी रहेगा।

समाजवादी पार्टी और राजद की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने पेपर लीक मामले को लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उनके अनुसार, लाखों छात्र एक माह से प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी मांग केवल जिम्मेदारी तय करने की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हुआ और विपक्षी नेताओं के साथ भी पुलिस ने कथित तौर पर अभद्रता की।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने संसद में सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष देश के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहता। उन्होंने नीट विवाद, बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर बहस की माँग की और आरोप लगाया कि सरकार संसद को केवल विधेयक पारित करने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामले की जाँच जारी है और छात्र आंदोलन देशभर में फैल रहा है। गौरतलब है कि विपक्ष की एकजुटता और 65 सांसदों के ज्ञापन के बावजूद सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक संवाद पहल सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में संसद सत्र में इस मुद्दे पर और तीखी बहस की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक अंतर्विरोध भी है — कांग्रेस केंद्र सरकार पर लाठीचार्ज का आरोप लगा रही है, जबकि पंजाब में AAP सरकार पर भी वही आरोप है जिसे कांग्रेस स्वयं उजागर कर रही है। असली सवाल यह है कि क्या यह विरोध केवल राजनीतिक अवसरवाद है या छात्रों की वैध माँगों की वास्तविक पैरोकारी — क्योंकि 65 सांसदों के ज्ञापन के बाद भी न सरकार ने संवाद का रास्ता खोला, न आंदोलन थमा। नीट जैसी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल अब केवल विपक्ष का एजेंडा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की चिंता बन चुका है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक विवाद क्या है और विपक्ष क्यों आंदोलित है?
नीट पेपर लीक विवाद में आरोप है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हो गया, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार जिम्मेदारी तय करने की बजाय प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर रही है।
दिल्ली में इंटरनेट बंद किए जाने पर विपक्ष ने क्या कहा?
TMC सांसद मेनका गुरुस्वामी ने सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट सेवा बाधित होने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इंटरनेट बंद करने से छात्रों का छिना हुआ भविष्य वापस नहीं आएगा और यह सरकार की घबराहट को दर्शाता है।
बरनाला में महिला सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज का मामला क्या है?
पंजाब के बरनाला में स्थायीकरण की माँग कर रहे सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज हुआ, जिसके बाद 15 महिला कर्मचारियों को सिर में चोट के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। कांग्रेस ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की है।
विपक्षी सांसदों ने छात्र आंदोलन के सिलसिले में क्या कदम उठाए?
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा के अनुसार, 65 विपक्षी सांसदों ने ज्ञापन सौंपकर अनशन समाप्त करने की अपील की और सोनम वांगचुक समेत प्रमुख आंदोलनकारियों से मुलाकात की। इसके बावजूद छात्रों का संघर्ष जारी रहा।
संसद में नीट विवाद पर बहस की माँग किसने उठाई?
RJD सांसद सुधाकर सिंह ने संसद में नीट विवाद, बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर बहस की माँग की। उनका आरोप था कि सरकार संसद को केवल विधेयक पारित करने के मंच के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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