नीट पेपर लीक: हैदराबाद में भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प, महिला पुलिसकर्मी घायल
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद में 22 जुलाई को नीट पेपर लीक विवाद ने राजनीतिक हिंसा का रूप ले लिया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। डंडों और पत्थरों से हुई इस झड़प में कई कार्यकर्ता और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। यह टकराव नई दिल्ली में मंगलवार को नीट-विरोधी प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की प्रतिक्रिया में भड़का।
विवाद की पृष्ठभूमि
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट विरोध प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में था। इसी घटनाक्रम ने हैदराबाद में दोनों दलों के बीच सड़क पर टकराव की ज़मीन तैयार की।
मुख्य घटनाक्रम
BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी पर सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने का आरोप लगाते हुए रैली निकालने का प्रयास किया। इसके जवाब में कांग्रेस ने तेलंगाना BJP मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया, जो राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं की हिरासत के विरोध में था।
तेलंगाना BJP मुख्यालय और उसके निकट स्थित कांग्रेस के गांधी भवन के आसपास माहौल तेज़ी से तनावपूर्ण हो गया। BJP कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र होकर गांधी भवन की ओर बढ़े और वहाँ कांग्रेस के बैनरों को नुकसान पहुँचाया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने तेलंगाना BJP अध्यक्ष एन. रामचंदर राव सहित कई नेताओं को हिरासत में लेकर गोशामहल पुलिस स्टेशन भेज दिया।
इसके बाद कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता BJP कार्यालय की ओर मार्च करते हुए पहुँचे। कांग्रेस विधान परिषद सदस्य (MLC) बालमोरी वेंकट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने BJP कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाज़ी की।
हिंसा और पुलिस हस्तक्षेप
दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर डंडों और पत्थरों से हमला किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बावजूद झड़प जारी रही और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाने लगा। इस हिंसा में कई कार्यकर्ता और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं।
इस बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बी. संजय के कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन करने की कोशिश की। करीमनगर में भी दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की सूचना मिली, जहाँ BJP कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थकों ने उन पर पहले हमला किया।
आम जनता पर असर
प्रदर्शन, जवाबी प्रदर्शन और हिंसक झड़प के कारण नामपल्ली, मोज्जम जाही मार्केट और आसपास के व्यस्त इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक को लेकर पूरे देश में छात्रों का आक्रोश चरम पर है।
आगे क्या
तेलंगाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन दोनों दलों के बीच तनाव बना हुआ है। नीट पेपर लीक मामला राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विमर्श का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक गतिविधि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।