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नीट पेपर लीक विरोध: हैदराबाद पुलिस ने लोक भवन मार्च रोका, छात्रों ने लगाए इस्तीफे के नारे

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नीट पेपर लीक विरोध: हैदराबाद पुलिस ने लोक भवन मार्च रोका, छात्रों ने लगाए इस्तीफे के नारे

सारांश

नीट पेपर लीक के विरोध में हैदराबाद के छात्रों ने लोक भवन की ओर मार्च किया, पुलिस ने खैरताबाद में रोका। SFI ने लाठीचार्ज और गिरफ्तारी का आरोप लगाया। छात्रों ने मोदी-प्रधान के इस्तीफे और 21 मृत छात्रों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ मुआवजे की मांग की।

मुख्य बातें

21 जुलाई को हैदराबाद में नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों ने लोक भवन की ओर मार्च किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खैरताबाद में रोका; SFI ने लाठीचार्ज और गिरफ्तारी का आरोप लगाया।
छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पेपर लीक के कारण 21 छात्रों की मौत हुई और परिवारों को ₹1-1 करोड़ मुआवजे की मांग की।
हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी और उस्मानिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस का युवाओं के साथ होने का दावा किया, लेकिन पार्टी की सरकार पर ही बल प्रयोग का आरोप लगा।

हैदराबाद में 21 जुलाई को नीट पेपर लीक विवाद के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्यों ने लोक भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। हैदराबाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को खैरताबाद में रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।

मुख्य घटनाक्रम

केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी छात्र तेलंगाना के राज्यपाल के सरकारी आवास की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें खैरताबाद में रोका, जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और लोक भवन के सामने विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति माँगने लगे। पोस्टर थामे प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि नीट पेपर लीक के कारण 21 छात्रों की मौत हो गई।

पुलिस कार्रवाई पर विवाद

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अन्य छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया, कई प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की और उन्हें घसीटा, तथा कई लोगों को गिरफ्तार किया। छात्र संगठनों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।

गौरतलब है कि इन संगठनों ने सवाल उठाया कि तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल का इस्तेमाल क्यों कर रही है, जबकि वही पार्टी नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा करती रही है। यह विरोधाभास राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

छात्रों की मांगें

बड़ी संख्या में छात्र और युवा सोमाजीगुडा के प्रेस क्लब में भी एकत्रित हुए। वे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता जताने के लिए इकट्ठा हुए थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें थीं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले 21 छात्रों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा।

हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी और उस्मानिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी राजधानी में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, राहुल गांधी भारत के भविष्य के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदीगृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी देश भर के प्रदर्शनकारी युवाओं को पूरा समर्थन दे रहे हैं।

आगे क्या

नीट पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा सुधार का मसला नहीं रहा — यह राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में एक साथ छात्र आंदोलन तेज हो रहे हैं। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और न्यायिक प्रक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तेलंगाना में खुद उसी आरोप के घेरे में है। यह घटना बताती है कि नीट विवाद अब केवल परीक्षा सुधार का सवाल नहीं, बल्कि सत्ता में बैठे दलों की जवाबदेही की कसौटी बन चुकी है। छात्रों की ₹1-1 करोड़ मुआवजे की मांग और 21 मौतों का दावा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है — मीडिया को इसे तथ्य की तरह नहीं, दावे की तरह पेश करना चाहिए।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद में नीट विरोध प्रदर्शन क्यों हुआ?
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए लोक भवन की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि पेपर लीक के कारण 21 छात्रों की मौत हुई है।
हैदराबाद पुलिस ने छात्रों को कहाँ रोका?
पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को खैरताबाद में रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। छात्र सड़क पर बैठ गए और लोक भवन के सामने विरोध करने की अनुमति माँगने लगे।
SFI ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अन्य छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठियों का इस्तेमाल किया, प्रदर्शनकारियों को घसीटा और कई लोगों को गिरफ्तार किया। हालाँकि पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या थीं?
छात्रों ने दो प्रमुख मांगें रखीं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, और नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले कथित 21 छात्रों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी के प्रदर्शनकारियों के समर्थन का उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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