24 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: तेलंगाना में छात्र बंद, हैदराबाद में रैली; उस्मानिया विश्वविद्यालय की परीक्षाएँ स्थगित

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नीट पेपर लीक: तेलंगाना में छात्र बंद, हैदराबाद में रैली; उस्मानिया विश्वविद्यालय की परीक्षाएँ स्थगित

सारांश

नीट पेपर लीक का विरोध अब तेलंगाना की सड़कों पर उतर आया — हैदराबाद में रैली, उस्मानिया विश्वविद्यालय की परीक्षाएँ स्थगित और बीआरएस के केटी रामाराव का खुला समर्थन। वामपंथी से लेकर क्षेत्रीय छात्र संगठनों तक, माँग एक ही है: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता।

मुख्य बातें

24 जुलाई 2026 को वामपंथी छात्र संगठनों के आह्वान पर तेलंगाना में अधिकांश स्कूल-कॉलेज बंद रहे।
उस्मानिया विश्वविद्यालय ने शुक्रवार की सभी परीक्षाएँ स्थगित कर दीं।
छात्रों ने हैदराबाद के नारायणगुडा से वाई जंक्शन तक रैली निकाली।
SFI, AISF, NSUI सहित सात से अधिक छात्र संगठनों ने बंद को समर्थन दिया।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव इंदिरा पार्क प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग की।

नीट पेपर लीक विवाद की आँच तेलंगाना तक पहुँच गई, जब 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को वामपंथी छात्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर राज्यभर के अधिकांश शिक्षण संस्थान बंद रहे। हैदराबाद और आसपास के जिलों के निजी स्कूलों-कॉलेजों ने एहतियाती अवकाश घोषित किया, जबकि उस्मानिया विश्वविद्यालय ने उस दिन निर्धारित सभी परीक्षाएँ स्थगित कर दीं।

बंद का कारण और माँगें

छात्र संगठनों ने यह बंद दो प्रमुख कारणों से बुलाया — पहला, नई दिल्ली में नीट विरोधी प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस द्वारा कथित बर्बरता के विरोध में, और दूसरा, परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता की भी अपील की।

किन संगठनों ने दिया समर्थन

इस बंद को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन, ऑल इंडिया फोरम फॉर डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स ब्लॉक और ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स यूनियन सहित कई संगठनों ने समर्थन दिया।

हैदराबाद में रैली और प्रदर्शन

बंद के तहत छात्र संगठनों ने हैदराबाद के नारायणगुडा से वाई जंक्शन तक रैली निकाली। इसके अलावा, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के छात्र संगठन के आह्वान पर इंदिरा पार्क में सैकड़ों छात्र और युवा एकत्र हुए, जिन्होंने नई दिल्ली में जारी प्रदर्शन के समर्थन में केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की माँग की।

केटी रामाराव का बयान

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव भी इंदिरा पार्क प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'भारत के युवाओं की आवाज को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता।'

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामला पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का केंद्र बन चुका है। गौरतलब है कि उस्मानिया विश्वविद्यालय की स्थगित परीक्षाओं की नई तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। छात्र संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार माँगें नहीं मानती तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सात अलग-अलग संगठनों का एकजुट होना संगठनात्मक ताकत दर्शाता है, लेकिन यह भी सवाल उठाता है कि क्या यह आंदोलन ठोस नीतिगत बदलाव ला सकता है या महज़ प्रतीकात्मक दबाव बनकर रह जाएगा। उस्मानिया विश्वविद्यालय की परीक्षाएँ स्थगित होना उन्हीं छात्रों के लिए नुकसानदेह है जिनके हित में बंद बुलाया गया। केंद्र सरकार की चुप्पी और ठोस जवाबदेही के अभाव में यह आंदोलन और उग्र हो सकता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में 24 जुलाई को बंद क्यों बुलाया गया?
वामपंथी छात्र संगठनों ने नीट पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में यह बंद बुलाया। साथ ही, नई दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस की कथित बर्बरता के विरोध में एकजुटता दिखाना भी इसका उद्देश्य था।
उस्मानिया विश्वविद्यालय की परीक्षाएँ क्यों स्थगित हुईं?
बंद के आह्वान को देखते हुए उस्मानिया विश्वविद्यालय ने 24 जुलाई को निर्धारित सभी परीक्षाएँ स्थगित कर दीं। स्थगित परीक्षाओं की नई तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
हैदराबाद में छात्रों ने क्या माँगें रखीं?
प्रदर्शनकारियों ने तीन प्रमुख माँगें रखीं — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट पेपर लीक में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, और परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता।
केटी रामाराव ने नीट विरोध पर क्या कहा?
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव हैदराबाद के इंदिरा पार्क में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत के युवाओं की आवाज को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता।
बंद को किन-किन छात्र संगठनों का समर्थन मिला?
SFI, AISF, NSUI, प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन, ऑल इंडिया फोरम फॉर डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स ब्लॉक और ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स यूनियन सहित कई संगठनों ने समर्थन दिया। बीआरएस के छात्र संगठन ने अलग से इंदिरा पार्क में प्रदर्शन आयोजित किया।
राष्ट्र प्रेस
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