नीट पेपर लीक: NSUI का NTA पर प्रतिबंध और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने 18 मई को नई दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तत्काल प्रतिबंध तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 2021, 2024 और अब 2026 में नीट पेपर लीक की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। उनके अनुसार, बीते 10 वर्षों में कथित तौर पर 89 पेपर लीक की घटनाएँ दर्ज हुई हैं। इस बार एक ब्यूटीशियन को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसने प्रदर्शनकारियों के बीच व्यापक आक्रोश पैदा किया।
प्रदर्शनकारियों की माँगें
NSUI कार्यकर्ताओं ने दो प्रमुख माँगें रखीं — NTA को भंग किया जाए और धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'मेहनत की रातों का जवाब कौन देगा, सपनों के टूटने का जवाब कौन देगा? अगर बिकने लगे पेपर बाजारों में तो ईमानदारी से पढ़ने का ख्वाब कौन देखेगा।' प्रदर्शनकारियों ने यह भी माँग की कि प्रधानमंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से बर्खास्त करें और पेपर लीक के मुख्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
छात्रों पर असर
NSUI कार्यकर्ताओं ने बताया कि पेपर लीक की इन घटनाओं के कारण कम-से-कम चार छात्रों ने आत्महत्या कर ली। साल भर कठिन परिश्रम करने के बाद जब छात्रों को पता चलता है कि परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो चुका था, तो उनका मनोबल टूट जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है।
देशभर में विरोध
उत्तर प्रदेश के बस्ती में NSUI कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया और झालमुड़ी बाँटकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष वर्मा ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि 'इस देश का युवा पूछ रहा है कि एक झटके में छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।'
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि NTA की कार्यप्रणाली पर यह पहली बार सवाल नहीं उठे हैं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की बढ़ती माँगों के बीच सरकार पर दबाव है कि वह परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करे। पेपर लीक के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और जाँच की दिशा पर सबकी नज़रें टिकी हैं।