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नीट पेपर लीक विरोध: अहमदाबाद में गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा समेत 100 हिरासत में

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नीट पेपर लीक विरोध: अहमदाबाद में गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा समेत 100 हिरासत में

सारांश

नीट पेपर लीक के विरुद्ध अहमदाबाद में कांग्रेस का विरोध मार्च पुलिस से झड़प में बदल गया। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा समेत करीब 100 लोग हिरासत में लिए गए। नीट से पहले आत्महत्या कर चुके छात्र के पिता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर फैलता जा रहा है।

मुख्य बातें

22 जुलाई को अहमदाबाद में नीट पेपर लीक विरोध के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।
गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा , विधायक इमरान खेड़ावाला समेत करीब 100 नेता व कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए।
हिरासत में लिए गए लोगों को तीन पुलिस बसों में शाहिबाग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
नीट परीक्षा से पहले आत्महत्या करने वाले छात्र कहान के पिता प्रशांत पटेल भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
एक दिन पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने नई दिल्ली में PM आवास के बाहर धरना दिया था।
BJP ने उसी दिन राजीव गांधी भवन के बाहर जवाबी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की।

अहमदाबाद में 22 जुलाई को नीट परीक्षा पेपर लीक के विरुद्ध कांग्रेस के विरोध मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा समेत करीब 100 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कांग्रेस के पार्टी मुख्यालय राजीव गांधी भवन में एक बैठक और धरने से हुई। इसके बाद पार्टी नेता और कार्यकर्ता पास के चौराहे की ओर मार्च करने लगे। पुलिस ने जुलूस को रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। बताया जाता है कि कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वाहनों पर चढ़ गए, जबकि अधिकारियों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया।

स्थिति बिगड़ने पर चावड़ा और अन्य वरिष्ठ नेता विरोध में सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने चावड़ा, विधायक इमरान खेड़ावाला और महिला प्रदर्शनकारियों समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी लोगों को करीब तीन पुलिस बसों में शाहिबाग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

छात्र के पिता की मार्मिक उपस्थिति

विरोध प्रदर्शन में एक मार्मिक क्षण तब आया जब नीट परीक्षा से पहले आत्महत्या करने वाले छात्र कहान के पिता प्रशांत पटेल भी इसमें शामिल हुए। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा, 'मेरे बेटे ने भी डेटा लीक के कारण अपनी जान गंवाई, इसलिए मैं विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली गया था। आज मैं अहमदाबाद आया हूँ।' उनकी उपस्थिति ने इस आंदोलन को एक व्यक्तिगत त्रासदी का मानवीय चेहरा दिया।

राष्ट्रीय संदर्भ और दिल्ली से जुड़ाव

यह ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहर नीट विवाद और छात्र प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई के खिलाफ धरना दिया था। दिल्ली पुलिस ने बाद में उन कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया और फिर रिहा कर दिया था।

गौरतलब है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और विपक्षी दलों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। यह आंदोलन अब राज्य स्तर पर भी तेज़ी से फैल रहा है।

भाजपा की जवाबी कार्रवाई

इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने घोषणा की कि वह उसी दिन बाद में राजीव गांधी भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी — यह नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के जवाब में था। राज्य BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा समेत राज्य पदाधिकारी, नेता और कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद थी।

सुरक्षा व्यवस्था और आगे की स्थिति

आगे और विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए BJP के प्रदर्शन से पहले राजीव गांधी भवन के आसपास वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया और बैरिकेड लगाए गए। पूरे दिन राजनीतिक गतिविधियाँ जारी रहने के कारण पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। नीट विवाद पर राजनीतिक संघर्ष अब सड़कों पर उतर चुका है और आने वाले दिनों में इसके और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो रणनीतिक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या पार्टी की माँगें — मंत्री का इस्तीफा, परीक्षा रद्द करना — किसी ठोस जवाबदेही ढाँचे से जुड़ी हैं। BJP का जवाबी प्रदर्शन बताता है कि मुद्दे की असली पीड़ा — लाखों छात्रों का भविष्य — अब दलीय प्रतिस्पर्धा में दब रही है। जब तक परीक्षा सुधार की माँग को पार्टी-तटस्थ छात्र आंदोलन के रूप में नहीं देखा जाएगा, तब तक नीति-स्तरीय बदलाव की संभावना कम रहेगी।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में नीट विरोध प्रदर्शन में क्या हुआ?
22 जुलाई को अहमदाबाद में कांग्रेस के नीट पेपर लीक विरोध मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा समेत करीब 100 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर शाहिबाग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
कांग्रेस की मुख्य माँगें क्या थीं?
कांग्रेस ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की। पार्टी परीक्षा में पारदर्शिता और छात्र प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई बंद करने की भी माँग कर रही है।
नीट विरोध में छात्र कहान के पिता क्यों शामिल हुए?
प्रशांत पटेल उस छात्र कहान के पिता हैं जिसने नीट परीक्षा से पहले आत्महत्या कर ली थी। पटेल ने कहा कि उनके बेटे की मौत डेटा लीक के कारण हुई, इसलिए वे पहले दिल्ली और फिर अहमदाबाद के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
अहमदाबाद विरोध का राष्ट्रीय आंदोलन से क्या संबंध है?
यह प्रदर्शन एक दिन पहले नई दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में PM आवास के बाहर हुए धरने के बाद हुआ। दिल्ली में भी कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर बाद में रिहा किया गया था, जो दर्शाता है कि यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित है।
BJP ने इस विरोध प्रदर्शन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भारतीय जनता पार्टी ने उसी दिन राजीव गांधी भवन के बाहर जवाबी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। राज्य BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन नई दिल्ली में PM आवास के बाहर कांग्रेस के धरने के जवाब में था।
राष्ट्र प्रेस
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