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NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान, राहुल गांधी उठा रहे युवाओं की आवाज़: अमित चावड़ा

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NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान, राहुल गांधी उठा रहे युवाओं की आवाज़: अमित चावड़ा

सारांश

NEET पेपर लीक के बाद कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' के ज़रिए युवाओं की पीड़ा को राजनीतिक मुद्दा बनाया है। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा के अनुसार, NEET तैयारी का कुल खर्च ₹1.30 लाख करोड़ है — लगभग देश के पूरे शिक्षा बजट के बराबर। 22-23 जून को गुजरात के हर ज़िले में यह अभियान पहुँचेगा।

मुख्य बातें

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने 19 जून को अहमदाबाद में 'छात्रों की गूंज' अभियान का ऐलान किया।
NEET की तैयारी कर रहे छात्रों का कुल खर्च ₹1 लाख 30 हज़ार करोड़ ; देश का शिक्षा बजट ₹1 लाख 40 हज़ार करोड़ — दोनों मिलाकर ₹3.5 लाख करोड़ का नुकसान।
अभियान राहुल गांधी के नेतृत्व में कोटा से शुरू हुआ; बिना राजनीतिक विचारधारा के केवल छात्रों की वेदना पर केंद्रित।
गुजरात में 22 और 23 जून को हर ज़िले में प्रेसवार्ता के ज़रिए छात्रों को जागरूक किया जाएगा।
चावड़ा ने पेपर लीक के लिए जिम्मेदार तंत्र और सरकारी मंत्रियों पर कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए।

गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने 19 जून को अहमदाबाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया गया है, जो छात्रों की पीड़ा को राष्ट्रीय मंच देता है। चावड़ा के अनुसार, यह पहली बार है जब बिना किसी राजनीतिक विचारधारा के केवल छात्रों की वेदना को केंद्र में रखकर इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

पेपर लीक का आर्थिक नुकसान

चावड़ा ने NEET पेपर लीक का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उनके अनुसार, NEET की तैयारी कर रहे सभी छात्रों का कुल खर्च जोड़ा जाए तो वह ₹1 लाख 30 हज़ार करोड़ बनता है। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि पूरे देश के शिक्षण संस्थानों का बजट ₹1 लाख 40 हज़ार करोड़ है — यानी NEET की तैयारी पर होने वाला खर्च लगभग देश के समूचे शिक्षा बजट के बराबर है। दोनों को मिलाएं तो कुल नुकसान ₹3.5 लाख करोड़ तक पहुँचता है।

जवाबदेही पर सवाल

चावड़ा ने कहा कि जब कोई छात्र गलती करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन पेपर लीक के लिए जिम्मेदार तंत्र और सरकार के मंत्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। आलोचकों का कहना है कि यह जवाबदेही का गंभीर संकट है जो देश की परीक्षा प्रणाली और शिक्षण व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक पेपर लीक होने से सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि पूरा परिवार बर्बाद होता है।

'छात्रों की गूंज' — कोटा से गुजरात तक

चावड़ा के मुताबिक, राहुल गांधी के नेतृत्व में यह अभियान कोटा से शुरू हुआ और अब पूरे देश में फैल रहा है। गुजरात में 22 और 23 जून को प्रदेश के हर ज़िले में प्रेसवार्ता के ज़रिए छात्रों को जागरूक किया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थियों, युवाओं और उनके परिवारों से मिलकर उनके सुझाव लिए जाएंगे।

आगे की रणनीति

गुजरात कांग्रेस आने वाले दिनों में राज्य स्तर पर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है। पार्टी का दावा है कि यह अभियान देश की परीक्षा पद्धति में व्यापक बदलाव की माँग को लेकर एक दीर्घकालिक आंदोलन का रूप लेगा। यह देखना होगा कि सत्तारूढ़ पक्ष इस दबाव के जवाब में कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह महज़ एक प्रेसवार्ता-श्रृंखला बनकर रह जाएगा। ₹3.5 लाख करोड़ के नुकसान का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन इसका स्रोत और गणना-पद्धति स्पष्ट नहीं की गई। असली जवाबदेही तब होगी जब विपक्ष संसद में ठोस विधायी प्रस्ताव लाए, न कि केवल ज़िला प्रेसवार्ताओं तक सीमित रहे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू किया गया एक राष्ट्रीय अभियान है, जो देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ छात्रों की पीड़ा को मंच देता है। यह अभियान कोटा से शुरू हुआ और अब गुजरात सहित पूरे देश में फैलाया जा रहा है।
NEET पेपर लीक से कितना आर्थिक नुकसान हुआ?
गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा के अनुसार, NEET की तैयारी कर रहे छात्रों का कुल खर्च ₹1 लाख 30 हज़ार करोड़ है, जो देश के शिक्षण संस्थानों के बजट ₹1 लाख 40 हज़ार करोड़ के लगभग बराबर है। दोनों को मिलाकर कुल नुकसान ₹3.5 लाख करोड़ तक पहुँचता है।
गुजरात में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम कब होगा?
गुजरात में 22 और 23 जून को प्रदेश के हर ज़िले में प्रेसवार्ता के ज़रिए छात्रों को जागरूक किया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थियों, युवाओं और उनके परिवारों से मिलकर सुझाव लिए जाएंगे और राज्य स्तर पर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कांग्रेस ने पेपर लीक पर सरकार से क्या माँग की है?
अमित चावड़ा ने माँग की है कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार तंत्र और सरकारी मंत्रियों पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि जब छात्र गलती करता है तो उसे तुरंत दंड मिलता है, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
क्या 'छात्रों की गूंज' पूरी तरह गैर-राजनीतिक अभियान है?
गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा का दावा है कि यह अभियान बिना किसी राजनीतिक विचारधारा के केवल छात्रों की वेदना को उठाने के लिए शुरू किया गया है। हालाँकि यह अभियान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहा है, इसलिए इसके गैर-राजनीतिक स्वरूप पर बहस जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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