पेपर लीक और परीक्षा संकट: बिहार कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान 22 जुलाई को 16 जिलों में
सारांश
मुख्य बातें
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 20 जुलाई 2026 को पटना में घोषणा की कि पार्टी अपने 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत 22 जुलाई को बिहार के 16 अलग-अलग स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगी। यह अभियान पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और युवा बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह ठहराने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
राजेश राम ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कोटा और देहरादून में आयोजित 'स्टूडेंट्स वॉइस' कार्यक्रमों ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का काम किया। उन्होंने कहा, "शुरुआत में यह कार्यक्रम छात्रों की एक बड़ी सभा के रूप में शुरू हुआ था, जो बाद में रैली में बदल गया। छात्रों के बीच परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और रोज़गार से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।" बिहार में भी इसी तर्ज पर छात्र सम्मेलन की तैयारी चल रही है।
कार्यक्रम का स्वरूप
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह कोई परंपरागत राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होगा। उनके अनुसार, "इसमें केवल छात्र और राहुल गांधी की भागीदारी होगी और किसी राजनीतिक दल या पार्टी से जुड़े विषयों पर चर्चा नहीं की जाएगी।" पूर्णिया और पटना जैसे जिलों में बड़ी संख्या में छात्रों ने पंजीकरण कराया है और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
पेपर लीक संकट: आँकड़ों की ज़ुबानी
राजेश राम ने बताया कि देश में करीब 9 करोड़ अभ्यर्थी हर साल अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं ने इन छात्रों में गहरा असंतोष पैदा किया है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में NEET, BPSC समेत कई परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आ चुके हैं, जिन्होंने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है।
सरकार पर आरोप और लोकतांत्रिक अधिकारों की दुहाई
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राजेश राम ने कहा कि सरकार विरोध की आवाज़ को दबाने के लिए दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सत्याग्रह जनता का अधिकार है। महात्मा गांधी की विचारधारा को मानने वाले लोग हमेशा अहिंसक तरीके से अपनी बात रखते हैं।" उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर मुकदमों के ज़रिए डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
आगे की राह
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को संसद में भी उठा रही है और छात्रों की आवाज़ को मज़बूती से उठाती रहेगी। 22 जुलाई के कार्यक्रम के बाद बिहार में एक बड़े छात्र सम्मेलन की भी तैयारी है, जिसमें राहुल गांधी की भागीदारी अपेक्षित बताई जा रही है। यह देखना होगा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान बिहार के युवाओं में कितनी राजनीतिक ऊर्जा जगाने में सफल होता है।