12 जुलाई 2026
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पेपर लीक पर इमरान प्रतापगढ़ी का केंद्र पर प्रहार: '21 छात्रों की मौत, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा'

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पेपर लीक पर इमरान प्रतापगढ़ी का केंद्र पर प्रहार: '21 छात्रों की मौत, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा'

सारांश

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने रायपुर में पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला — 21 से अधिक छात्रों की मौत का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा माँगा। 'छात्रों की गूंज' अभियान अब 28 शहरों तक फैलाया जा रहा है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने 12 जुलाई को रायपुर में केंद्र सरकार पर पेपर लीक को लेकर तीखा हमला बोला।
उनके अनुसार पेपर लीक के बाद 21 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है।
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की माँग दोहराई।
राहुल गांधी के नेतृत्व में 'छात्रों की गूंज' अभियान देश के 28 शहरों में चलाया जाएगा।
कांग्रेस संसद के आगामी सत्र में पेपर लीक का मुद्दा उठाने की घोषणा कर चुकी है।

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने 12 जुलाई को रायपुर में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाएँ देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के बाद 21 से अधिक छात्रों ने निराश होकर आत्महत्या कर ली, और इसके बावजूद शिक्षा मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं दिया।

'छात्रों की गूंज' अभियान का विस्तार

प्रतापगढ़ी ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत पहला बड़ा कार्यक्रम कोटा में आयोजित किया गया था, जहाँ राहुल गांधी ने छात्रों से सीधा संवाद किया। इसके बाद पूर्णिया में भी बड़ा आयोजन हुआ और अब बिलासपुर में छात्रों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने देशभर के 28 शहरों को चिन्हित किया है जहाँ बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं और पार्टी नेता वहाँ जाकर उनकी समस्याएँ उठाएंगे।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग

कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने भी उन्हें पद से नहीं हटाया है, जो सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने एक तीखी उपमा देते हुए कहा — "अगर किसी को बुखार है तो थर्मामीटर बदलने से बुखार खत्म नहीं होता, बल्कि बीमारी का इलाज करना पड़ता है।" उनके अनुसार, पेपर लीक रोकने के लिए केवल व्यवस्था में दिखावटी बदलाव नहीं, बल्कि मूल समस्या पर ध्यान देना ज़रूरी है।

संसद में उठाएंगे मुद्दा

प्रतापगढ़ी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस संसद के आगामी सत्र में पेपर लीक का मुद्दा पूरी ताकत से उठाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों के हित में जिम्मेदारी तय नहीं होती और शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं होते, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े रहें।

अन्य मुद्दों पर भी बोले

इमरान प्रतापगढ़ी ने वियतनाम में हुए नाव हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय दूतावास को प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में वृक्षारोपण अभियान पर उन्होंने सवाल उठाया कि 'मां के नाम एक पेड़' जैसे अभियानों में वास्तव में कितने पेड़ लगाए और बचाए गए, यह सत्यापित करना ज़रूरी है। वक्फ संशोधन कानून पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसके जरिए वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करना चाहती है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों में गहरा आक्रोश है। कांग्रेस का यह अभियान स्पष्ट रूप से उस असंतोष को राजनीतिक आवाज़ देने की कोशिश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे संगठित आंदोलन में बदलने की कोशिश स्पष्ट दिखती है। लेकिन '21 छात्रों की आत्महत्या' जैसे गंभीर आरोप के साथ स्वतंत्र सत्यापन ज़रूरी है — राजनीतिक बयानबाज़ी और दस्तावेज़ी तथ्य के बीच की खाई को पाटे बिना यह दावा अधूरा रहेगा। दूसरी ओर, शिक्षा मंत्रालय की चुप्पी और प्रधानमंत्री की निष्क्रियता पर जो सवाल उठाए गए हैं, वे जवाब माँगते हैं। '28 शहरों' की रणनीति बताती है कि कांग्रेस इसे महज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि ज़मीनी अभियान बनाना चाहती है — असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह संसद के भीतर भी उतनी ही धार बनाए रखती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान प्रतापगढ़ी ने पेपर लीक पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण 21 से अधिक छात्रों ने निराश होकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की और कहा कि प्रधानमंत्री ने भी उन्हें पद से नहीं हटाया।
'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर छात्रों की आवाज़ को मज़बूती देना है। अभियान के तहत देश के 28 शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कांग्रेस संसद में पेपर लीक का मुद्दा कब उठाएगी?
इमरान प्रतापगढ़ी ने घोषणा की है कि कांग्रेस संसद के आगामी सत्र में पेपर लीक का मुद्दा पूरी ताकत से उठाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, यह संघर्ष जारी रहेगा।
अब तक 'छात्रों की गूंज' के कार्यक्रम कहाँ हुए हैं?
अभियान का पहला बड़ा कार्यक्रम कोटा में हुआ, जहाँ राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद किया। इसके बाद पूर्णिया में आयोजन हुआ और अब बिलासपुर में भी छात्रों से संपर्क किया जा रहा है।
पेपर लीक रोकने के लिए कांग्रेस क्या माँग कर रही है?
कांग्रेस शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार की माँग कर रही है। पार्टी का कहना है कि दिखावटी बदलाव नहीं, बल्कि मूल समस्या का समाधान ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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