RSS की अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक बेलगावी में संपन्न, 18,842 स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक 12 जुलाई 2026 को बेलगावी, कर्नाटक में संपन्न हुई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित कुल 226 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर द्वारा जारी आधिकारिक बयान में बैठक की प्रमुख चर्चाओं का ब्यौरा दिया गया।
प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा
बैठक में मार्च 2026 के बाद देशभर में आयोजित प्रशिक्षण गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस वर्ष कुल 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग संपन्न हुए, जिनमें 18,842 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इन वर्गों में शाखा संचालन, संघ कार्यपद्धति, ग्राम विकास, कुटुम्ब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
शाखा विस्तार और शताब्दी वर्ष की योजना
शाखाओं के स्तर पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। सितंबर 2026 में अधिकतम शाखा विस्तार की विशेष योजना पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत संपन्न कार्यक्रमों की समीक्षा और शेष निर्धारित कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के दौरान संपर्क में आए लोगों को सामाजिक कार्यों और पंच परिवर्तन के विषयों में सक्रिय करने की योजना पर भी मंथन हुआ। सरसंघचालक की वर्ष 2026-27 की प्रवास योजना पर भी चर्चा की गई।
सामाजिक चुनौतियों पर मंथन
बैठक में वर्तमान परिदृश्य के अनेक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्य रूप से जनगणना के संदर्भ में जानकारी और जनसांख्यिकी असंतुलन से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा हुई। ड्रग्स के बढ़ते दुष्प्रभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नशा मुक्ति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसके अतिरिक्त संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के कार्यक्रमों की योजना पर भी चर्चा हुई।
राम मंदिर दानपेटी अनियमितता पर चिंता
श्री रामजन्मभूमि मंदिर में दानपेटी चढ़ावे की गिनती में हुई अनियमितता की घटना पर बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने दु:ख और चिंता व्यक्त की। तीर्थक्षेत्र न्यास के अनुरोध पर जारी SIT और पुलिस जाँच के निर्णायक मोड़ तक पहुँचने का विश्वास जताया गया। न्यास से यह अपेक्षा की गई कि वह यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो जो करोड़ों राम भक्तों की आस्था पर आघात करे।
आगे की दिशा
इस बैठक में तय की गई कार्ययोजनाएँ संघ की आगामी गतिविधियों की नींव बनेंगी। शाखा विस्तार से लेकर सामाजिक जागरूकता तक, संघ का ध्यान जमीनी स्तर पर संगठन को और सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।