क्या मध्य प्रदेश के जबलपुर में मोहन भागवत की उपस्थिति में आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक शुरू हुई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मध्य प्रदेश के जबलपुर में मोहन भागवत की उपस्थिति में आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक शुरू हुई?

सारांश

जबलपुर में आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो गई है, जिसमें मोहन भागवत और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं। यह बैठक देशभर में जनसंपर्क अभियान की रूपरेखा तैयार करने के लिए आयोजित की गई है। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और आरएसएस के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की जानकारी।

मुख्य बातें

आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक शुरू हुई।
बैठक में मोहन भागवत की उपस्थिति है।
जनसंपर्क अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
आरएसएस ने 100 वर्ष पूरे किए हैं।
गृह संपर्क अभियान देशभर के परिवारों तक पहुँचने का कार्य करेगा।

जबलपुर, ३० अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी जबलपुर में आज, गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक प्रारंभ हुई।

इस बैठक का उद्देश्य देशभर में पहले जनसंपर्क अभियान की रूपरेखा तैयार करना है, जिसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, महासचिव दत्तात्रेय होसबोले और ४०० से अधिक आरएसएस कार्यकर्ताओं की उपस्थिति है।

आरएसएस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक की शुरुआत संघ प्रमुख भागवत द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, इसके बाद 'नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि' प्रार्थना की गई।

यह तीन दिवसीय बैठक १ नवंबर को समाप्त होगी और यह आरएसएस के शताब्दी वर्ष का हिस्सा है।

बैठक में आरएसएस द्वारा चलाए जाने वाले जनसंपर्क अभियान पर चर्चा की जाएगी।

ज्ञात रहे कि आरएसएस ने २ अक्टूबर को अपने १०० वर्ष पूरे किए हैं और संगठन ने सामाजिक सुधार, सद्भाव, सामाजिक समता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।

बैठक में शताब्दी वर्ष के अन्य कार्यक्रमों जैसे प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ संवाद और आरएसएस द्वारा युवाओं के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रमों पर भी चर्चा होगी।

आरएसएस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आंबेकर के अनुसार, संघ कार्यकर्ता २५-४० दिनों तक चलने वाले 'गृह संपर्क अभियान' या 'घर-घर जनसंपर्क' के दौरान देशभर के हर परिवार तक पहुँचेंगे।

इस अभियान के दौरान, संघ कार्यकर्ता लोगों से मिलकर उन्हें आरएसएस द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों के बारे में जानकारी देंगे।

जनसंपर्क अभियान में, लोगों को आरएसएस द्वारा शताब्दी वर्ष में शुरू की गई 'पंच परिवर्तन' पहल के बारे में भी जागरूक किया जाएगा, जो सामाजिक सुधार लाने, सामाजिक सद्भाव, सामाजिक समता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि आरएसएस की यह बैठक न केवल संगठन के लिए बल्कि देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस बैठक में उठाए गए मुद्दे और जनसंपर्क अभियान का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। हमें इस दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है, ताकि हम सभी एकजुट होकर विकास की ओर बढ़ सकें।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस की बैठक में कौन-कौन शामिल है?
बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, महासचिव दत्तात्रेय होसबोले और 400 से अधिक आरएसएस कार्यकर्ता शामिल हैं।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में पहले जनसंपर्क अभियान की रूपरेखा तैयार करना है।
आरएसएस का शताब्दी वर्ष कब मनाया गया?
आरएसएस ने 2 अक्टूबर को अपने 100 वर्ष पूरे किए।
गृह संपर्क अभियान का क्या महत्व है?
गृह संपर्क अभियान का उद्देश्य हर परिवार तक पहुँचकर आरएसएस द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों के बारे में जानकारी देना है।
क्या आरएसएस सामाजिक सुधार के लिए कुछ कर रहा है?
हाँ, आरएसएस सामाजिक सुधार, सद्भाव, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले