बेलगावी में आरएसएस की तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक शुरू, भागवत की अध्यक्षता में 136 पदाधिकारी मंथन करेंगे
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक 10 जुलाई 2026 को कर्नाटक के बेलगावी में औपचारिक रूप से शुरू हो गई। 12 जुलाई तक चलने वाली इस बैठक में संघ के 136 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारी और 32 सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि संगठन की भावी रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे। बैठक के समानांतर राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखी सियासी नोकझोंक भी छिड़ गई।
बैठक का स्वरूप और प्रमुख उपस्थिति
बेलगावी के अनागोल स्थित मीरा स्कूल में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत कर रहे हैं। देश के 11 क्षेत्रों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, डॉ. कृष्ण गोपाल, सी.आर. मुकुंद और BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष भी इस बैठक में उपस्थित हैं।
आरएसएस के अनुसार, इस वार्षिक बैठक में बीते एक वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ आने वाले महीनों के लिए संगठन विस्तार और विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। संघ की शाखाओं के विस्तार, सहयोगी संगठनों के बीच समन्वय और संघ से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा प्रमुख एजेंडे में शामिल है। इसके अतिरिक्त अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले से जुड़े हालिया विवादों पर भी चर्चा होने की संभावना बताई जा रही है।
प्रियंक खरगे का आरएसएस और वीएचपी पर हमला
बैठक के बीच कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने कथित राम मंदिर चंदा घोटाले को लेकर आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर निर्माण का श्रेय आपने लिया था। इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, जिनमें चंपत राय भी शामिल हैं, उनका संबंध वीएचपी से है। उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए।'
खरगे ने यह भी कहा कि वीएचपी की स्थापना आरएसएस के तत्कालीन प्रमुख एम.एस. गोलवलकर के मार्गदर्शन में हुई थी, इसलिए यदि मंदिर निर्माण का श्रेय लिया जाता है तो इन आरोपों का सार्वजनिक जवाब भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में पारित होने वाले प्रस्ताव आरएसएस का आंतरिक मामला हैं, किंतु चंदे के इस्तेमाल और जवाबदेही पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण आवश्यक है।
शोभा करंदलाजे का तीखा पलटवार
प्रियंक खरगे के बयान पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'प्रियंक खरगे कर्नाटक के गृह मंत्री कम और आरएसएस मंत्री ज्यादा बन गए हैं। शायद ही कोई दिन जाता हो जब वह आरएसएस पर बयान न देते हों, लेकिन राज्य में हो रहे दुष्कर्म, ड्रग नेटवर्क, हत्याएं और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर वह कुछ नहीं बोलते।'
करंदलाजे ने आरोप लगाया कि खरगे अपने मंत्री पद और कांग्रेस में अपने पिता की राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार आरएसएस को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का जायजा लेने के लिए खरगे ने कितने जिलों का दौरा किया है।
आगे क्या होगा
आरएसएस की यह तीन दिवसीय बैठक 12 जुलाई 2026 को समाप्त होगी। समापन पर संगठन अगले एक वर्ष के लिए अपनी गतिविधियों और कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा सार्वजनिक करने की संभावना है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब राम मंदिर चंदा विवाद राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और विपक्ष इस मुद्दे पर संघ परिवार को घेरने की कोशिश में है।