10 जुलाई 2026
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बेलगावी में आरएसएस की तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक शुरू, भागवत की अध्यक्षता में 136 पदाधिकारी मंथन करेंगे

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बेलगावी में आरएसएस की तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक शुरू, भागवत की अध्यक्षता में 136 पदाधिकारी मंथन करेंगे

सारांश

बेलगावी में आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक शुरू — मोहन भागवत की अध्यक्षता में 136 पदाधिकारी और 32 सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि मंथन कर रहे हैं। साथ ही राम मंदिर चंदा विवाद पर प्रियंक खरगे और शोभा करंदलाजे के बीच तीखी नोकझोंक ने बैठक को सियासी रंग दे दिया है।

मुख्य बातें

आरएसएस की तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक 10 जुलाई 2026 से बेलगावी के अनागोल स्थित मीरा स्कूल में शुरू हुई।
बैठक की अध्यक्षता सरसंघचालक मोहन भागवत कर रहे हैं; 136 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारी और 32 सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल।
कर्नाटक मंत्री प्रियंक खरगे ने कथित राम मंदिर चंदा घोटाले को लेकर आरएसएस और वीएचपी से सार्वजनिक जवाबदेही की माँग की।
केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने खरगे पर पलटवार करते हुए कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया।
बैठक में अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना; बैठक 12 जुलाई को समाप्त होगी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक 10 जुलाई 2026 को कर्नाटक के बेलगावी में औपचारिक रूप से शुरू हो गई। 12 जुलाई तक चलने वाली इस बैठक में संघ के 136 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारी और 32 सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि संगठन की भावी रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे। बैठक के समानांतर राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखी सियासी नोकझोंक भी छिड़ गई।

बैठक का स्वरूप और प्रमुख उपस्थिति

बेलगावी के अनागोल स्थित मीरा स्कूल में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत कर रहे हैं। देश के 11 क्षेत्रों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, डॉ. कृष्ण गोपाल, सी.आर. मुकुंद और BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष भी इस बैठक में उपस्थित हैं।

आरएसएस के अनुसार, इस वार्षिक बैठक में बीते एक वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ आने वाले महीनों के लिए संगठन विस्तार और विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। संघ की शाखाओं के विस्तार, सहयोगी संगठनों के बीच समन्वय और संघ से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा प्रमुख एजेंडे में शामिल है। इसके अतिरिक्त अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले से जुड़े हालिया विवादों पर भी चर्चा होने की संभावना बताई जा रही है।

प्रियंक खरगे का आरएसएस और वीएचपी पर हमला

बैठक के बीच कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने कथित राम मंदिर चंदा घोटाले को लेकर आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर निर्माण का श्रेय आपने लिया था। इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, जिनमें चंपत राय भी शामिल हैं, उनका संबंध वीएचपी से है। उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए।'

खरगे ने यह भी कहा कि वीएचपी की स्थापना आरएसएस के तत्कालीन प्रमुख एम.एस. गोलवलकर के मार्गदर्शन में हुई थी, इसलिए यदि मंदिर निर्माण का श्रेय लिया जाता है तो इन आरोपों का सार्वजनिक जवाब भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में पारित होने वाले प्रस्ताव आरएसएस का आंतरिक मामला हैं, किंतु चंदे के इस्तेमाल और जवाबदेही पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण आवश्यक है।

शोभा करंदलाजे का तीखा पलटवार

प्रियंक खरगे के बयान पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'प्रियंक खरगे कर्नाटक के गृह मंत्री कम और आरएसएस मंत्री ज्यादा बन गए हैं। शायद ही कोई दिन जाता हो जब वह आरएसएस पर बयान न देते हों, लेकिन राज्य में हो रहे दुष्कर्म, ड्रग नेटवर्क, हत्याएं और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर वह कुछ नहीं बोलते।'

करंदलाजे ने आरोप लगाया कि खरगे अपने मंत्री पद और कांग्रेस में अपने पिता की राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार आरएसएस को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का जायजा लेने के लिए खरगे ने कितने जिलों का दौरा किया है।

आगे क्या होगा

आरएसएस की यह तीन दिवसीय बैठक 12 जुलाई 2026 को समाप्त होगी। समापन पर संगठन अगले एक वर्ष के लिए अपनी गतिविधियों और कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा सार्वजनिक करने की संभावना है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब राम मंदिर चंदा विवाद राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और विपक्ष इस मुद्दे पर संघ परिवार को घेरने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

BJP का पलटवार कानून-व्यवस्था की ओर मोड़ना यह दर्शाता है कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार की शासन-व्यवस्था पर हमला ही उनकी काट है। असली सवाल यह है कि क्या आरएसएस इस बैठक में चंदा विवाद पर कोई ठोस स्पष्टीकरण देगा, या मौन ही उसकी रणनीति बनी रहेगी।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस की बेलगावी बैठक क्या है और इसमें क्या होगा?
यह आरएसएस की वार्षिक प्रांत प्रचारक बैठक है, जो 10 से 12 जुलाई 2026 तक बेलगावी के मीरा स्कूल में हो रही है। इसमें बीते एक वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा और अगले वर्ष के लिए संगठन विस्तार की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हैं?
बैठक की अध्यक्षता सरसंघचालक मोहन भागवत कर रहे हैं। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, डॉ. कृष्ण गोपाल, सी.आर. मुकुंद और BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष भी उपस्थित हैं। देश के 11 क्षेत्रों से 136 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारी और 32 सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
प्रियंक खरगे ने आरएसएस पर क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक मंत्री प्रियंक खरगे ने कथित राम मंदिर चंदा घोटाले को लेकर आरएसएस और वीएचपी से सार्वजनिक जवाबदेही की माँग की। उन्होंने कहा कि वीएचपी से जुड़े चंपत राय समेत आरोपित व्यक्तियों को सामने आकर जवाब देना चाहिए और केवल सोशल मीडिया पर बयान देना पर्याप्त नहीं है।
शोभा करंदलाजे ने प्रियंक खरगे को क्यों घेरा?
केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने आरोप लगाया कि प्रियंक खरगे गृह मंत्री होते हुए भी राज्य में दुष्कर्म, ड्रग नेटवर्क और हत्याओं जैसे गंभीर मुद्दों पर चुप रहते हैं और केवल आरएसएस पर हमले करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खरगे अपनी और अपने पिता की राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
बेलगावी बैठक में राम मंदिर चंदा विवाद पर क्या होने की उम्मीद है?
आरएसएस के अनुसार, बैठक में अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले से जुड़े हालिया विवादों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। हालांकि संगठन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। बैठक 12 जुलाई को समाप्त होगी, जिसके बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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