10 जुलाई 2026
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बेलगावी में RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक शुरू, जातिगत जनगणना और शाखा विस्तार पर मंथन

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बेलगावी में RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक शुरू, जातिगत जनगणना और शाखा विस्तार पर मंथन

सारांश

RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक बेलगावी में शुरू हो गई है — शताब्दी वर्ष के निर्णायक पड़ाव पर। 46 प्रांतों के प्रतिनिधि, सरसंघचालक भागवत और सरकार्यवाह होसबाले की मौजूदगी में जातिगत जनगणना, शाखा विस्तार और विजयादशमी तक की रणनीति तय होगी।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक 10 जुलाई 2026 को बेलगावी, कर्नाटक में शुरू हुई।
मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देश के 46 प्रांतों के प्रतिनिधि बैठक में शामिल।
जातिगत जनगणना , शाखा विस्तार रणनीति और मार्च 2026 के बाद के प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा एजेंडे में शामिल।
शताब्दी वर्ष के तहत 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) तक के शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तय होगी।
सूत्रों के अनुसार राम मंदिर से जुड़े विषय पर भी अनौपचारिक चर्चा संभव, हालाँकि यह आधिकारिक एजेंडे में नहीं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को कर्नाटक के बेलगावी में प्रारंभ हुई, जिसमें संगठन की भावी कार्ययोजना, शाखा विस्तार रणनीति और जातिगत जनगणना सहित प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। संघ के 46 प्रांतों के प्रतिनिधि इस बैठक में भाग ले रहे हैं, जो संगठन के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में विशेष महत्व रखती है।

बैठक में कौन-कौन शामिल

संघ के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग के प्रमुख एवं सह-प्रमुख, कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्र प्रचारक, सह क्षेत्र प्रचारक, देश के सभी 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक और सह-प्रचारक तथा संघ-प्रेरित विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री सम्मिलित हुए हैं।

मुख्य एजेंडा: समीक्षा और रणनीति

बैठक में मार्च 2026 के पश्चात आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण वर्गों की रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। शाखा स्तर पर तैयार कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा के साथ-साथ संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान हुए शाखा विस्तार का मूल्यांकन भी किया जाएगा। आगामी समय में अधिकाधिक शाखाओं के विस्तार की रणनीति भी इस बैठक में तय होगी।

शताब्दी वर्ष और विजयादशमी तक की योजना

बैठक में शताब्दी वर्ष के अंतर्गत अब तक संपन्न कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) तक प्रस्तावित शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार होगा। इसके अतिरिक्त डॉ. मोहन भागवत के वर्ष 2026-27 के प्रवास कार्यक्रम पर भी चर्चा की जाएगी।

राष्ट्रीय मुद्दों पर मंथन

संघ के सूत्रों के अनुसार, बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों और जातिगत जनगणना जैसे महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर भी विचार-मंथन होगा। इन मुद्दों पर संगठन की भावी रणनीति और समाज में जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गौरतलब है कि जातिगत जनगणना का विषय इस समय राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय बहस का हिस्सा बना हुआ है।

राम मंदिर और संघ शिक्षा वर्ग

सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर से जुड़े विषय पर भी चर्चा हो सकती है, हालाँकि इसे बैठक के आधिकारिक एजेंडे में सम्मिलित नहीं किया गया है। इसके अलावा, देशभर में आयोजित संघ शिक्षा वर्गों का विश्लेषण भी बैठक का अभिन्न हिस्सा रहेगा। यह बैठक संगठन के आगामी कार्यक्रमों, विस्तार योजनाओं और देश के मौजूदा सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर दिशा निर्धारित करने की दृष्टि से निर्णायक मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह विस्तार शहरी और युवा वर्ग तक पहुँच पा रहा है। राम मंदिर जैसे विषय का अनौपचारिक एजेंडे में होना यह भी संकेत देता है कि संघ अपनी प्राथमिकताओं को सार्वजनिक विमर्श से अलग रखने की सावधानी बरत रहा है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक क्या होती है?
यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक बैठक होती है जिसमें देशभर के सभी प्रांतों के वरिष्ठ प्रचारक और संगठन पदाधिकारी एकत्रित होकर संगठन की कार्ययोजना, विस्तार रणनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर दिशा तय करते हैं। इस वर्ष यह बैठक बेलगावी, कर्नाटक में आयोजित की गई है।
बेलगावी बैठक में कौन-से प्रमुख मुद्दे उठेंगे?
बैठक में जातिगत जनगणना, शाखा विस्तार, मार्च 2026 के बाद के प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा, शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की रूपरेखा और डॉ. मोहन भागवत के 2026-27 के प्रवास कार्यक्रम पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार राम मंदिर से जुड़े विषय पर भी अनौपचारिक विचार-विमर्श संभव है।
RSS की इस बैठक में कितने प्रांतों के प्रतिनिधि शामिल हैं?
देश के सभी 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक और सह-प्रचारक इस बैठक में भाग ले रहे हैं। इसके अलावा क्षेत्र प्रचारक, कार्यकारिणी सदस्य और संघ-प्रेरित संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी उपस्थित हैं।
RSS के शताब्दी वर्ष का इस बैठक से क्या संबंध है?
RSS अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है और इस बैठक में शताब्दी वर्ष के अंतर्गत अब तक हुए कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) तक के शेष कार्यक्रमों की योजना पर विचार किया जाएगा। शाखा विस्तार के लक्ष्य भी इसी संदर्भ में तय होंगे।
क्या जातिगत जनगणना पर RSS का कोई आधिकारिक रुख सामने आएगा?
संघ के सूत्रों के अनुसार बैठक में जातिगत जनगणना पर मंथन होगा और संगठन की भावी रणनीति तय की जाएगी, हालाँकि कोई आधिकारिक बयान बैठक के दौरान आएगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। यह विषय वर्तमान राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय बहस का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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