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आरएसएस की बेलगावी में 10 जुलाई से तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक, प्रियांक खड़गे की पंजीकरण मांग के बीच

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आरएसएस की बेलगावी में 10 जुलाई से तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक, प्रियांक खड़गे की पंजीकरण मांग के बीच

सारांश

आरएसएस की तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक 10 जुलाई से बेलगावी में होगी — ठीक उसी समय जब कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे संघ से पंजीकरण और वित्तीय पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं। मोहन भागवत ने माँग को राजनीतिक प्रेरित बताया है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रांत प्रचारक बैठक 10 से 12 जुलाई तक बेलगावी, कर्नाटक में आयोजित होगी।
बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत , सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और देशभर के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में पिछले वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों की योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने जून में भागवत को पत्र लिखकर आरएसएस से पंजीकरण, फंडिंग और कर-अनुपालन की जानकारी सार्वजनिक करने की माँग की थी।
भागवत ने माँग को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया; BJP ने खड़गे पर संघ-विरोधी इरादे का आरोप लगाया, जिसे खड़गे ने खारिज किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपनी वार्षिक प्रांत प्रचारक बैठक 10 से 12 जुलाई तक कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित करने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यह तीन दिवसीय संगठनात्मक बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे संघ से उसके पंजीकरण और वित्तीय विवरण सार्वजनिक करने की मांग लगातार उठा रहे हैं।

बैठक में कौन होगा शामिल

इस सालाना संगठनात्मक बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, देशभर के सभी प्रांत प्रचारक और विभिन्न सहयोगी संगठनों के संगठनात्मक सचिव भाग लेंगे। यह बैठक आरएसएस की सर्वोच्च आंतरिक संगठनात्मक बैठकों में गिनी जाती है, जिसमें शीर्ष नेतृत्व एकत्रित होता है।

बैठक का एजेंडा

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पिछले वर्ष की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी और आने वाले महीनों के कार्यक्रमों तथा विस्तार योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। संगठनात्मक तालमेल को मजबूत करने, पहुँच बढ़ाने वाले कार्यक्रमों के विस्तार और आरएसएस व उसके सहयोगी संगठनों की प्राथमिकताएँ तय करने पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक विकास की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और जमीनी नेटवर्क को और सुदृढ़ करने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। 12 जुलाई को तीन दिन की चर्चा के बाद बैठक का समापन होगा।

प्रियांक खड़गे की पंजीकरण मांग और विवाद

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने जून में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन से खुद को औपचारिक रूप से पंजीकृत कराने और अपनी कानूनी स्थिति, फंडिंग, वित्त, पदाधिकारियों, संपत्ति तथा कर-अनुपालन की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा। खड़गे का तर्क था कि इतने बड़े और प्रभावशाली संगठन को कानून के तहत अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।

खड़गे ने यह भी कहा कि गृह विभाग संघ के कार्यक्रमों और उसके नेताओं को सुरक्षा प्रदान करता है, इसलिए सरकार को यह जानने का अधिकार है कि वह किसे सुरक्षा दे रही है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया जिनमें कहा गया था कि वे संघ पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

आरएसएस का पक्ष

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संगठन के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और इस माँग को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और संघ के बीच पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई है।

आगे क्या होगा

बेलगावी बैठक के दौरान यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि आरएसएस नेतृत्व खड़गे की माँग पर आधिकारिक रुख कैसे तय करता है। बैठक के निष्कर्ष और संघ की अगली रणनीति पर देशभर की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

आरएसएस का बेलगावी में बैठक करने का चुनाव — कर्नाटक की धरती पर, जहाँ कांग्रेस सत्ता में है — एक सांकेतिक संदेश भी है। असली सवाल यह है कि क्या खड़गे की माँग में कोई कानूनी आधार है या यह विशुद्ध राजनीतिक है; इस पर न तो सरकार ने कोई ठोस कानूनी नोटिस जारी किया है और न ही आरएसएस ने कोई औपचारिक प्रतिक्रिया दी है — जो दोनों पक्षों की असली मंशा पर सवाल खड़ा करता है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस की प्रांत प्रचारक बैठक क्या होती है?
प्रांत प्रचारक बैठक आरएसएस की एक प्रमुख वार्षिक आंतरिक संगठनात्मक बैठक होती है, जिसमें शीर्ष नेतृत्व और देशभर के वरिष्ठ पदाधिकारी एकत्रित होकर गतिविधियों की समीक्षा करते हैं और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तय करते हैं। यह संगठन के रोडमैप को आकार देने वाला सबसे महत्त्वपूर्ण मंच माना जाता है।
बेलगावी बैठक कब और कहाँ होगी?
यह बैठक 10 से 12 जुलाई तक कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित होगी और 12 जुलाई को इसका समापन होगा। इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले सहित देशभर के वरिष्ठ पदाधिकारी भाग लेंगे।
प्रियांक खड़गे ने आरएसएस से पंजीकरण की माँग क्यों की?
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने जून में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन की कानूनी स्थिति, फंडिंग, वित्त और कर-अनुपालन की जानकारी सार्वजनिक करने की माँग की। उनका तर्क था कि गृह विभाग संघ को सुरक्षा देता है, इसलिए सरकार को यह जानने का अधिकार है कि वह किसे सुरक्षा प्रदान कर रही है।
आरएसएस ने खड़गे की माँग पर क्या कहा?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संगठन के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और इस माँग को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। भागवत ने माँग की वैधता पर सवाल उठाया।
क्या खड़गे आरएसएस पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं?
प्रियांक खड़गे ने BJP के उन आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है जिनमें कहा गया कि वे आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी माँग पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ी है, न कि संगठन पर रोक लगाने से।
राष्ट्र प्रेस
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