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करंदलाजे का प्रियांक खड़गे पर हमला: 'आरएसएस नहीं, कर्नाटक की कानून-व्यवस्था पर ध्यान दें'

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करंदलाजे का प्रियांक खड़गे पर हमला: 'आरएसएस नहीं, कर्नाटक की कानून-व्यवस्था पर ध्यान दें'

सारांश

केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने बेंगलुरु में कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर सीधा हमला किया — आरोप लगाया कि वे आरएसएस पर बयानबाजी कर सुर्खियाँ बटोरते हैं, जबकि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। वंशवादी राजनीति और विधान परिषद क्रॉस-वोटिंग पर भी करंदलाजे ने तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने 12 जून को बेंगलुरु में कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर तीखे आरोप लगाए।
करंदलाजे का आरोप — खड़गे मीडिया में बने रहने के लिए आरएसएस पर बयानबाजी करते हैं, राज्य की कानून-व्यवस्था पर ध्यान नहीं देते।
खड़गे पर महिलाओं और पुरुषों के लापता होने के मामलों पर पर्याप्त कार्रवाई न करने का भी आरोप।
करंदलाजे ने वंशवादी राजनीति पर भी निशाना साधा — कहा, खड़गे परिवार के प्रभाव का लाभ उठाते हुए खुद को पीड़ित बताते हैं।
विधान परिषद चुनावों में BJP विधायकों की कथित क्रॉस-वोटिंग की जाँच के लिए पार्टी ने समिति गठित की; दो विधायकों पर पार्टी छोड़ने का दबाव।

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने मंगलवार, 12 जून को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर तीखा प्रहार किया। करंदलाजे ने आरोप लगाया कि खड़गे राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को नजरअंदाज कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को निशाना बनाकर केवल मीडिया में बने रहने की कोशिश करते हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम और रोजगार राज्य मंत्री के रूप में करंदलाजे की यह टिप्पणी कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बढ़ते हमलों के बीच आई है।

मुख्य आरोप: सुर्खियाँ बटोरना, काम नहीं

करंदलाजे ने कहा, 'प्रियांक खड़गे सुर्खियों में बने रहने और टीवी पर दिखने के लिए हर दिन आरएसएस के बारे में बोलते रहते हैं। आरएसएस की आलोचना करने के बजाय, उन्हें यह बताना चाहिए कि एक मंत्री के तौर पर उन्होंने क्या हासिल किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र होने के कारण प्रियांक खड़गे शायद यह मान बैठे हैं कि उनसे कोई जवाबदेही नहीं माँगी जा सकती।

कानून-व्यवस्था और लापता व्यक्तियों पर सवाल

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि खड़गे के कार्यकाल में कर्नाटक में महिलाओं और पुरुषों के लापता होने के मामलों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा, 'उन्हें सबसे पहले पुलिस विभाग को नियंत्रण में लाना चाहिए और कामकाज पर ध्यान देना चाहिए।' करंदलाजे ने यह भी दावा किया कि जब खड़गे ग्रामीण विकास मंत्री थे, तब भी उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा।

वंशवादी राजनीति पर निशाना

करंदलाजे ने वंशवादी राजनीति पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रियांक खड़गे एक ओर राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवार का लाभ उठाते हैं और दूसरी ओर खुद को पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करते हैं — यह विरोधाभास उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और BJP के बीच कर्नाटक में राजनीतिक तनाव चरम पर है।

BJP में क्रॉस-वोटिंग पर प्रतिक्रिया

हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनावों में BJP विधायकों द्वारा कथित क्रॉस-वोटिंग के मुद्दे पर करंदलाजे ने स्वीकार किया कि पार्टी ने इस मामले की जाँच के लिए एक समिति गठित कर दी है और इसे वरिष्ठ नेताओं तथा पार्टी आलाकमान के संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने कहा, 'जो लोग पार्टी के साथ विश्वासघात करते हैं, उन्हें माफ नहीं किया जाना चाहिए। दो विधायकों ने खुले तौर पर कांग्रेस का समर्थन किया है। अगर उनका यही रुख है, तो उन्हें BJP छोड़ देनी चाहिए।'

आगे क्या

करंदलाजे की यह तीखी टिप्पणी कर्नाटक में BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संघर्ष को और तेज कर सकती है। अब देखना होगा कि प्रियांक खड़गे इन आरोपों का जवाब कैसे देते हैं और क्या राज्य सरकार कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कोई ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह वास्तव में BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को शासन-विफलता के आधार पर घेरने की कोशिश है। प्रियांक खड़गे का आरएसएस-विरोधी बयान कांग्रेस की चिरपरिचित चुनावी भाषा है, लेकिन जब राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठते हैं, तो यह भाषा बचाव का कवच नहीं बन सकती। गौरतलब है कि करंदलाजे खुद BJP में क्रॉस-वोटिंग के सवाल से पूरी तरह बच नहीं पाईं — यह दर्शाता है कि दोनों पक्षों की आंतरिक अनुशासनहीनता कर्नाटक की राजनीति का एक स्थायी संकट बनती जा रही है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शोभा करंदलाजे ने प्रियांक खड़गे पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने आरोप लगाया कि कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे सुर्खियाँ बटोरने के लिए आरएसएस पर बयानबाजी करते हैं और राज्य की कानून-व्यवस्था तथा लापता व्यक्तियों जैसे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज करते हैं। उन्होंने खड़गे के मंत्री के रूप में प्रदर्शन को भी अपर्याप्त बताया।
करंदलाजे ने वंशवादी राजनीति पर क्या कहा?
करंदलाजे ने आरोप लगाया कि प्रियांक खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र होने का राजनीतिक लाभ उठाते हैं और साथ ही खुद को पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करते हैं। उनके अनुसार, इस पारिवारिक प्रभाव के कारण खड़गे को जवाबदेही से बचने का मौका मिलता है।
कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में BJP की क्रॉस-वोटिंग का मामला क्या है?
हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में दो BJP विधायकों ने कथित तौर पर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया। करंदलाजे ने बताया कि पार्टी ने इस मामले की जाँच के लिए एक समिति गठित की है और इसे आलाकमान के संज्ञान में लाया गया है।
करंदलाजे ने खड़गे को क्या सलाह दी?
करंदलाजे ने खड़गे को सलाह दी कि वे पुलिस विभाग पर नियंत्रण स्थापित करें, राज्य में महिलाओं और पुरुषों के लापता होने के मामलों पर ध्यान दें और मंत्री के रूप में अपनी उपलब्धियाँ गिनाएँ — न कि आरएसएस पर बयानबाजी करते रहें।
यह विवाद कर्नाटक की राजनीति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह टकराव BJP और कांग्रेस के बीच कर्नाटक में बढ़ते राजनीतिक संघर्ष को दर्शाता है, जहाँ BJP शासन-विफलता के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। साथ ही, BJP के भीतर क्रॉस-वोटिंग का मुद्दा भी पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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