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क्या सेमीकंडक्टर विवाद में खड़गे ने भाजपा पर आरोप लगाया?

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क्या सेमीकंडक्टर विवाद में खड़गे ने भाजपा पर आरोप लगाया?

सारांश

कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने भाजपा और असम के मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया है कि वे उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। इस विवाद में उन्होंने असम में विकास की कमी और निवेश के मुद्दों पर चर्चा की है। जानें, क्या है पूरा मामला।

मुख्य बातें

प्रियंक खड़गे ने भाजपा और असम के मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया है कि वे उनके बयानों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं।
खड़गे का कहना है कि असम में विकास की कमी है और वहां के युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं।
कर्नाटक में सेमीकंडक्टर निवेश को गुजरात और असम में स्थानांतरित किया जा रहा है।

बेंगलुरु, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने सेमीकंडक्टर विवाद पर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और असम के मुख्यमंत्री उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर रहे हैं।

भाजपा द्वारा केंद्र के दबाव में कर्नाटक के लिए निर्धारित निवेश को गुजरात और असम में स्थानांतरित करने के संबंध में अपने बयानों और पूर्वोत्तर राज्य में प्रतिभा की कमी की कथित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, कर्नाटक के आरडीपीआर, आईटी और बीटी मंत्री प्रियंक खड़गे ने स्पष्ट किया कि भाजपा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।

मंत्री खड़गे ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पर जवाब दिया।

प्रियंक खड़गे ने कहा, "हमेशा की तरह, भाजपा और सीएम हिमंत बिस्वा सरमा मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। मेरा बयान स्पष्ट और बहुत विशिष्ट है। यह इस बारे में था कि कैसे सेमीकंडक्टर कंपनियों पर गुजरात और असम में स्थापित होने के लिए दबाव डाला जा रहा था, जबकि उन्होंने हमारी इंजीनियरिंग प्रतिभा और स्थापित पारिस्थितिकी तंत्र के कारण कर्नाटक में स्पष्ट रुचि व्यक्त की थी।"

उन्होंने आगे कहा, "नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक दशक के भाजपा शासन के बाद असम आज स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विकास संकेतकों में सबसे निचले पांच राज्यों में है। असम के युवाओं के पास न तो रोजगार है और न ही अवसर।"

मंत्री खड़गे ने सवाल किया, "मेरे बयानों को राजनीतिक रंग देकर अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश करने के बजाय, मुख्यमंत्री को खुद से पूछना चाहिए कि उन्होंने अपने राज्य के युवाओं के लिए क्या किया है। वे असम छोड़कर कहीं और काम क्यों ढूंढ रहे हैं?"

प्रियंक खड़गे ने कहा, "असम में भाजपा के दिन अब गिनती के रह गए हैं। जब कांग्रेस असम में सत्ता में वापस आएगी, तो हमारा ध्यान कौशल, रोजगार, और शासन में विश्वास के पुनर्निर्माण पर होगा। हम ऐसा माहौल बनाएंगे जहां राज्य के हर कोने में प्रतिभाएं पनपेंगी।"

इससे पहले, खड़गे ने एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि केंद्र सरकार के दबाव में कर्नाटक के लिए आने वाले निवेश को भाजपा शासित गुजरात और असम की ओर मोड़ दिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि असम में बड़े उद्योग लगाने लायक प्रतिभाएं नहीं हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विकास के मुद्दों से भी जुड़ा हुआ है। खड़गे का तर्क है कि असम में विकास की कमी है, जो इस विवाद को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंक खड़गे ने किस विवाद पर बयान दिया?
प्रियंक खड़गे ने सेमीकंडक्टर विवाद पर बयान दिया है।
भाजपा पर खड़गे ने कौन सा आरोप लगाया?
खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है।
असम में विकास के मुद्दे पर खड़गे का क्या कहना है?
खड़गे के अनुसार, असम आज स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक विकास के मामले में सबसे निचले पांच राज्यों में है।
राष्ट्र प्रेस
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