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RSS पर हमले से कर्नाटक का विकास नहीं होगा — विजयेंद्र का प्रियांक खड़गे पर तीखा पलटवार

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RSS पर हमले से कर्नाटक का विकास नहीं होगा — विजयेंद्र का प्रियांक खड़गे पर तीखा पलटवार

सारांश

कर्नाटक में नए गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के RSS-विरोधी बयानों ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने इसे शासन विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया, जबकि भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने पश्चिम बंगाल जैसे हालात की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 9 जून को गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के RSS-विरोधी बयानों को शासन से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
विजयेंद्र ने कहा कि RSS लगभग एक सदी से संविधान के दायरे में कार्यरत है और कई सरकारों के प्रतिबंध के प्रयासों के बावजूद जनता ने इसे स्वीकार किया है।
खड़गे ने आरोप लगाया था कि पद संभालने के 48 घंटों के भीतर ही उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दी गईं और RSS को जवाबदेह बनाने की माँग की।
भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने खड़गे को पद की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी और पश्चिम बंगाल जैसी घटनाओं की चेतावनी दी।
विजयेंद्र ने खड़गे के गुलबर्गा निर्वाचन क्षेत्र में खराब विकास प्रदर्शन का भी हवाला दिया।

कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने मंगलवार, 9 जून को राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विरुद्ध दिए गए बयानों को लेकर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि यह शासन की विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि संघ पर हमले से सुर्खियाँ तो बन सकती हैं, लेकिन जिन लोगों ने आपको चुना है, उनके जीवन में कोई बदलाव नहीं आता।

विजयेंद्र का मुख्य तर्क

विजयेंद्र ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं — पिछली कई सरकारों ने RSS पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया, जबकि यह संगठन लगभग एक सदी से निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि RSS भारत के संविधान के दायरे में काम करता है और स्वयं खड़गे ने मंत्री पद की शपथ लेते समय उसी संविधान का पालन करने का वचन दिया है।

भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि प्रियांक खड़गे का अपना गुलबर्गा निर्वाचन क्षेत्र विकास के तमाम पैमानों पर खराब प्रदर्शन कर रहा है, जिसकी जड़ में वर्षों का कुशासन और अप्रभावी नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और गुलबर्गा की जनता बेहतर शासन, सार्थक विकास और जवाबदेही की हकदार है, न कि ध्यान भटकाने वाली राजनीति की।

प्रियांक खड़गे का बयान जिसने विवाद छेड़ा

गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें गृह मंत्री का पद संभाले अभी 48 घंटे भी नहीं हुए हैं, फिर भी उन्हें गाली देने और जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि इसके लिए RSS का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ को अपनी पंजीकरण स्थिति, कर छूट और वित्तीय पारदर्शिता के मामले में जवाबदेह होना चाहिए।

भाजपा एमएलसी सीटी रवि की चेतावनी

RSS के विरुद्ध खड़गे के बयानों पर भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खड़गे को सलाह दी कि वे गृह मंत्री के पद की गरिमा बनाए रखें और गुंडों जैसा व्यवहार न करें। रवि ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सत्ता का दुरुपयोग किया गया तो पश्चिम बंगाल जैसी घटनाएँ कर्नाटक में भी दोहराई जा सकती हैं।

राजनीतिक संदर्भ

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और विपक्षी भाजपा के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। गौरतलब है कि प्रियांक खड़गे हाल ही में गृह मंत्री बने हैं और उनकी पहली सार्वजनिक टिप्पणियाँ ही इस तीखी राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई हैं। RSS की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर इस तरह की बयानबाज़ी को राजनीतिक विश्लेषक कर्नाटक में आगामी राजनीतिक ध्रुवीकरण की आहट के रूप में देख रहे हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या यह विवाद विधानसभा में भी गूँजता है और क्या कांग्रेस सरकार RSS की जवाबदेही को लेकर कोई औपचारिक कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जाँचने योग्य दावा है जिसे मुख्यधारा की कवरेज ने नज़रअंदाज़ किया। असली सवाल यह है कि क्या यह बयानबाज़ी कर्नाटक में ठोस नीतिगत बहस को जन्म देगी, या 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की पटकथा लिखने का प्रारंभिक अध्याय मात्र है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीवाई विजयेंद्र ने प्रियांक खड़गे पर क्या आरोप लगाए?
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि खड़गे RSS पर हमला करके शासन की विफलताओं और गुलबर्गा के खराब विकास से ध्यान भटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ की आलोचना से सुर्खियाँ तो मिलती हैं, लेकिन जनता के जीवन में कोई सुधार नहीं होता।
प्रियांक खड़गे ने RSS के बारे में क्या कहा था?
खड़गे ने कहा था कि गृह मंत्री बनने के 48 घंटों के भीतर ही उन्हें धमकियाँ मिलने लगीं और इसके लिए RSS का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने संघ की पंजीकरण स्थिति, कर छूट और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की माँग की।
भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने क्या चेतावनी दी?
सीटी रवि ने खड़गे को गृह मंत्री पद की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी और कहा कि यदि सत्ता का दुरुपयोग हुआ तो पश्चिम बंगाल जैसी घटनाएँ कर्नाटक में भी हो सकती हैं। उन्होंने खड़गे के व्यवहार को अशोभनीय बताया।
RSS और कर्नाटक सरकार के बीच यह विवाद क्यों अहम है?
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव पहले से तीव्र है और RSS अपने 100 वर्ष पूरे कर चुका है। नए गृह मंत्री की पहली सार्वजनिक टिप्पणियाँ ही विवाद का केंद्र बनना राज्य की राजनीतिक दिशा का संकेत देता है।
विजयेंद्र ने गुलबर्गा का ज़िक्र क्यों किया?
विजयेंद्र ने दावा किया कि प्रियांक खड़गे का अपना गुलबर्गा निर्वाचन क्षेत्र विकास के पैमानों पर खराब प्रदर्शन कर रहा है, जिसकी वजह वर्षों का कुशासन है। यह दावा खड़गे की प्रशासनिक विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की रणनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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