RSS पर हमले से कर्नाटक का विकास नहीं होगा — विजयेंद्र का प्रियांक खड़गे पर तीखा पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने मंगलवार, 9 जून को राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विरुद्ध दिए गए बयानों को लेकर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि यह शासन की विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि संघ पर हमले से सुर्खियाँ तो बन सकती हैं, लेकिन जिन लोगों ने आपको चुना है, उनके जीवन में कोई बदलाव नहीं आता।
विजयेंद्र का मुख्य तर्क
विजयेंद्र ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं — पिछली कई सरकारों ने RSS पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया, जबकि यह संगठन लगभग एक सदी से निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि RSS भारत के संविधान के दायरे में काम करता है और स्वयं खड़गे ने मंत्री पद की शपथ लेते समय उसी संविधान का पालन करने का वचन दिया है।
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि प्रियांक खड़गे का अपना गुलबर्गा निर्वाचन क्षेत्र विकास के तमाम पैमानों पर खराब प्रदर्शन कर रहा है, जिसकी जड़ में वर्षों का कुशासन और अप्रभावी नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और गुलबर्गा की जनता बेहतर शासन, सार्थक विकास और जवाबदेही की हकदार है, न कि ध्यान भटकाने वाली राजनीति की।
प्रियांक खड़गे का बयान जिसने विवाद छेड़ा
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें गृह मंत्री का पद संभाले अभी 48 घंटे भी नहीं हुए हैं, फिर भी उन्हें गाली देने और जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि इसके लिए RSS का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ को अपनी पंजीकरण स्थिति, कर छूट और वित्तीय पारदर्शिता के मामले में जवाबदेह होना चाहिए।
भाजपा एमएलसी सीटी रवि की चेतावनी
RSS के विरुद्ध खड़गे के बयानों पर भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खड़गे को सलाह दी कि वे गृह मंत्री के पद की गरिमा बनाए रखें और गुंडों जैसा व्यवहार न करें। रवि ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सत्ता का दुरुपयोग किया गया तो पश्चिम बंगाल जैसी घटनाएँ कर्नाटक में भी दोहराई जा सकती हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और विपक्षी भाजपा के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। गौरतलब है कि प्रियांक खड़गे हाल ही में गृह मंत्री बने हैं और उनकी पहली सार्वजनिक टिप्पणियाँ ही इस तीखी राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई हैं। RSS की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर इस तरह की बयानबाज़ी को राजनीतिक विश्लेषक कर्नाटक में आगामी राजनीतिक ध्रुवीकरण की आहट के रूप में देख रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या यह विवाद विधानसभा में भी गूँजता है और क्या कांग्रेस सरकार RSS की जवाबदेही को लेकर कोई औपचारिक कदम उठाती है।